Ranchi HEC News: बकाए वेतन और प्रमोशन के लिए दिल्ली में HEC CMD से मिला BMS का प्रतिनिधिमंडल; रखीं ये बड़ी मांगें
रांची। हैवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (HEC) के करीब दो हजार कर्मियों की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं और लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर एचईसी मजदूर संघ (बीएमएस) का एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली पहुंचा। मंगलवार को बीएमएस के महामंत्री रमाशंकर प्रसाद ने दिल्ली में एचईसी के सीएमडी के.एस. मूर्ति से औपचारिक मुलाकात की। इस उच्चस्तरीय बैठक के दौरान कर्मचारियों के बकाए वेतन के भुगतान, चिकित्सा सुविधाओं, बच्चों की स्कूल फीस में रियायत, एचईसी के तीनों प्लांटों के पुनरुद्धार और कर्मियों के लंबित प्रमोशन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
💸 नियमित वेतन भुगतान की उठी मांग: आर्थिक तंगी से जूझ रहे कर्मचारियों को राहत देने की अपील
मुलाकात के दौरान सबसे प्रमुख और संवेदनशील मुद्दा कर्मचारियों के लंबे समय से बकाए वेतन के भुगतान का रहा।
संघ के महामंत्री ने सीएमडी के समक्ष पक्ष रखते हुए कहा कि समय पर वेतन न मिलने से कर्मचारियों और उनके परिजनों को गंभीर आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रबंधन से हर महीने एक निश्चित तिथि पर नियमित वेतन भुगतान सुनिश्चित करने की मांग रखी, ताकि कर्मियों के दैनिक जीवन की आर्थिक परेशानियां दूर हो सकें।
🏥 पारस अस्पताल में मिले फ्री ओपीडी सुविधा: मेडिकल बुक के आधार पर इलाज की मांग
चिकित्सा सुविधाओं का मुद्दा उठाते हुए संघ ने पारस अस्पताल में एचईसी कर्मियों के लिए नि:शुल्क ओपीडी सुविधा की मांग रखी।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि जिस प्रकार पूर्व में एचईसी प्लांट अस्पताल में ‘मेडिकल बुक’ के आधार पर कर्मियों और उनके आश्रितों को मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जाता था, ठीक वही पारदर्शी व्यवस्था पारस अस्पताल में भी लागू की जानी चाहिए।
🏫 स्कूल फीस में रियायत का उठा मुद्दा: सीएमडी बोले— जल्द निकाला जाएगा हल
एचईसी परिसर में संचालित विद्यालयों में 11वीं और 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले कर्मचारियों के बच्चों की फीस में कटौती का विषय भी जोर-शोर से उठाया गया।
इस विषय पर सीएमडी के.एस. मूर्ति ने बताया कि विद्यालय प्रबंधन के साथ इस संबंध में पहले ही एक समीक्षा बैठक की जा चुकी है और जल्द ही कोई व्यावहारिक समाधान निकाल लिया जाएगा।
🏗️ एचईसी के तीनों प्लांटों के पुनरुद्धार पर चर्चा: वर्किंग कैपिटल और ब्याज का मुद्दा छाया
बैठक में एचईसी के तीनों प्रमुख प्लांटों के आधुनिकीकरण और पुनरुद्धार पर गंभीर विचार-विमर्श हुआ।
संघ ने प्लांटों को पूरी उत्पादन क्षमता के साथ संचालित करने के लिए तत्काल कार्यशील पूंजी (Working Capital) उपलब्ध कराने की मांग की। इसके अतिरिक्त, बैंक को हर महीने करीब तीन करोड़ रुपये ब्याज भुगतान किए जाने के भारी बोझ पर भी चर्चा हुई। महामंत्री रमाशंकर प्रसाद ने कहा कि इस संदर्भ में केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री से जल्द मुलाकात कर मंत्रालय के सहयोग से स्थायी समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
📈 प्रमोशन नीति में बदलाव की मांग: 5 साल की अवधि घटाकर 4 साल करने का प्रस्ताव
कर्मियों के लंबे समय से अटके प्रमोशन का मामला भी बैठक में प्रमुखता से गूंजा।
बीएमएस ने कहा कि कर्मचारियों की पदोन्नति वर्षों से रुकी हुई है। संघ ने मांग रखी कि वर्तमान प्रमोशन नीति में संशोधन करते हुए पात्रता अवधि को 5 वर्ष से घटाकर 4 वर्ष किया जाए और सभी लंबित प्रमोशन आदेश तुरंत जारी किए जाएं।
🗣️ बीएमएस महामंत्री का बयान: ‘वेतन, प्रमोशन और वर्किंग कैपिटल मिलने तक जारी रहेगा संघर्ष’
महामंत्री रमाशंकर प्रसाद ने स्पष्ट किया, “एचईसी के कर्मचारियों की समस्याओं का स्थाई समाधान तभी संभव है जब नियमित वेतन मिले, लंबित प्रमोशन पर तुरंत फैसला हो और तीनों प्लांटों को चलाने के लिए जरूरी वर्किंग कैपिटल की व्यवस्था की जाए। प्रबंधन और मंत्रालय स्तर पर हमारा संवाद लगातार जारी रहेगा।”
🤝 सीएमडी के.एस. मूर्ति ने दिया सकारात्मक आश्वासन: संसदीय समिति के दौरे का दिया हवाला
बैठक के अंत में सीएमडी के.एस. मूर्ति ने प्रतिनिधिमंडल की सभी मांगों को ध्यानपूर्वक सुना और आश्वासन दिया कि कर्मचारियों की जायज मांगों और संस्थान के पुनरुद्धार के लिए मंत्रालय स्तर पर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने हाल ही में हुए संसदीय समिति के एचईसी दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि दौरे के बाद कई सुधारात्मक बिंदुओं पर तेजी से काम चल रहा है। इस महत्वपूर्ण बैठक में सीएमडी के.एस. मूर्ति, बीएमएस के महामंत्री रमाशंकर प्रसाद और ऑल इंडिया स्टील फेडरेशन के कोषाध्यक्ष संतोष पंडा उपस्थित थे।
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