Ayodhya Crime News: चढ़ावा चोरी कांड में एसआईटी की बड़ी कार्रवाई, सभी 8 आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल
अयोध्या (उत्तर प्रदेश): बहुचर्चित श्री राम जन्मभूमि मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने त्वरित और कड़ी कार्रवाई करते हुए बुधवार सुबह अदालत में सभी 8 आरोपियों के खिलाफ औपचारिक रूप से चार्जशीट (आरोप-पत्र) दाखिल कर दी है।
पुलिस द्वारा समय पर चार्जशीट दाखिल किए जाने के कारण अब आरोपियों को कानूनी रूप से मिलने वाली ‘डिफॉल्ट बेल’ की संभावना पूरी तरह समाप्त हो गई है। इसके साथ ही पिछले लगभग तीन महीने से जेल में बंद अन्य आरोपियों के भी फिलहाल जेल से बाहर आने के सभी रास्ते बंद हो गए हैं। विशेष न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्व में ही अनुकल्प मिश्र, करुणेश पांडेय, लवकुश मिश्र, अविनाश शुक्ल, रमाशंकर मिश्र और मनीष यादव की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं, जबकि अन्य आरोपियों की अर्जियों पर भी लगातार सुनवाई जारी है।
🔍 एसआईटी जांच में बड़ा खुलासा: सीसीटीवी फुटेज में 105 बार सामने आई चोरी की घटना
जांच और एसआईटी की रिपोर्ट का विवरण:
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एसआईटी का गठन: इस प्रकरण के तूल पकड़ने के बाद जून महीने में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के विशेष अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था, जिसके बाद 8 नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
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काउंटिंग रूम की करतूत: एसआईटी द्वारा सर्वोच्च न्यायालय को सौंपी गई स्टेटस रिपोर्ट के अनुसार, दानपात्रों की गिनती वाले कमरे (काउंटिंग रूम) के सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच में कुल 105 बार चोरी की घटनाएं रिकॉर्ड की गईं, जहां अनधिकृत तरीके से नकदी को छिपाया या हटाया गया था।
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नोट छिपाने के तरीके: फुटेज में आरोपी बड़ी चालाकी से नोटों की गड्डियों को अपनी जेबों और जूतों के अंदर छिपाते हुए साफ नजर आए हैं। जांच एजेंसियों ने अब तक विभिन्न आरोपियों के घरों, शौचालयों और भूसे के ढेरों में छिपाकर रखी गई लगभग 79.85 लाख रुपये की नकदी बरामद की है।
🏛️ आरोपियों की जमानत अर्जियां लगातार खारिज: बैंककर्मी और सुपरवाइजर भी शामिल
न्यायालय का सख्त रुख और आरोपियों की पहचान:
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गिरफ्तार आरोपियों का दायरा: इस हाई-प्रोफाइल मामले में पकड़े गए आरोपियों में मुख्य रूप से कैश काउंटिंग के लिए तैनात बैंक कर्मचारी, मंदिर के सुपरवाइजर सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और ट्रस्ट के महासचिव के पूर्व ड्राइवर रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव शामिल हैं।
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जमानत खारिज: विशेष अदालत ने एक-एक कर सभी मुख्य आरोपियों—अविनाश शुक्ल, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्र, अनुकल्प मिश्र, करुणेश पांडेय और लवकुश मिश्र की जमानत अर्जियों को सिरे से खारिज कर दिया है।
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भीड़ और मिलीभगत का फायदा: जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी दान पेटियों से आने वाले चढ़ावे की गिनती के दौरान भीड़भाड़ का फायदा उठाकर बैंक कर्मियों और मंदिर के कुछ कर्मचारियों की आंतरिक मिलीभगत से इस अवैध कारनामे को अंजाम दे रहे थे।
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