Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
Baba Sodal Mela Security Plan: 25 सितंबर को लगेगा बाबा सोढल मेला; सीसीटीवी, बम व डॉग स्क्वाड संभालें... BJP Punjab Drug Free Rally: 'पंजाब के भविष्य की दिशा तय करेगी यह रैली'; अशोक सरीन हिक्की ने 50 एकड़ ... BJP Organizational Appointments: बीजेपी ने पंजाब और चंडीगढ़ के प्रभारी-सह प्रभारी किए नियुक्त; देखें... Poonch Security Alert: पुंछ में एलओसी से सटे गांवों में मिलीं 3 लैंडमाइन; सुरक्षाबलों का सर्च ऑपरेशन... Jodhpur Chemical Factory Fire: जोधपुर में केमिकल फैक्ट्री में भीषण आग के बाद ब्लास्ट; आग बुझाने में ... IIT Bombay Student Suicide: परीक्षा केंद्र का CCTV फुटेज आया सामने; साहिल वाकोडे मामले में बड़ा खुला... Bhoramdeo Sugar Factory Award: भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने को लगातार दूसरी बार मिला 'नेशनल एफिशिएंस... Jashpur News: जशपुर पुलिस की मिसाल! दिवंगत आरक्षक देव नारायण सिंह के पुत्र को मिला आरक्षक पद का नियु... Korba Crime News: जमीन विवाद में बुजुर्ग चाचा की कुल्हाड़ी मारकर हत्या; अगले ही दिन पत्थर से कुचलकर ... Balod Electricity News: बिना सूचना कट रहे पंचायत कनेक्शन; बालोद में बारिश के बीच सरपंच संघ का बड़ा प...

Religious Procession Guidelines: धार्मिक जुलूसों में पटाखे और लाउडस्पीकर पर रोक की तैयारी; बॉम्बे हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

मुंबई। गणेश उत्सव और अन्य धार्मिक जुलूसों के दौरान लगातार बढ़ते ध्वनि एवं वायु प्रदूषण को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने सार्वजनिक सड़कों पर पटाखे फोड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की आवश्यकता जताई। इसके साथ ही अदालत ने संकेत दिया कि निर्धारित सीमा से अधिक तेज आवाज उत्पन्न करने वाले पटाखों और धार्मिक जुलूसों में ढोल-ताशा पथकों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले सिलेंडर नुमा भारी वाद्य उपकरणों पर रोक लगाने के संबंध में जल्द ही विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।

📜 21 सितंबर को मामले में लिया स्वतः संज्ञान: राज्य सरकार से मांगा कार्रवाई का ब्योरा

जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और जस्टिस डॉ. नीला गोखले की खंडपीठ ने 21 सितंबर को इस गंभीर विषय पर स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लिया था।

अदालत ने राज्य सरकार से जवाब तलब करते हुए पूछा है कि वर्तमान में ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए कौन-कौन से कानून लागू हैं और इनका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए अब तक धरातल पर क्या-क्या दंडात्मक कार्रवाई की गई है।

🔇 ‘उत्सव मनाएं, लेकिन दूसरों के अधिकार प्रभावित न हों’: बुजुर्गों और मरीजों के स्वास्थ्य पर चिंता

हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि धार्मिक उत्सवों और पारंपरिक जुलूसों के आयोजन पर किसी को कोई आपत्ति नहीं है।

लेकिन इनका आयोजन इस जिम्मेदार तरीके से होना चाहिए कि आम नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन न हो। अदालत ने विशेष रूप से बुजुर्गों, छोटे बच्चों, विद्यार्थियों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों पर अत्यधिक शोर के जानलेवा असर पर चिंता व्यक्त की। पीठ ने सवाल उठाया कि जब सामान्य स्थिति में लाउडस्पीकर और एम्प्लीफायर के इस्तेमाल की अनुमति रात 10 बजे तक ही है, तो धार्मिक जुलूसों में आधी रात तक डीजे बजाने की अनुमति किस आधार पर दी जा रही है।

🪔 ‘क्या भगवान का आशीर्वाद पाने के लिए लाउडस्पीकर जरूरी हैं?’: पंढरपुर की वारी का दिया उदाहरण

सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने बेहद कड़ा सवाल पूछते हुए कहा, “क्या लाउडस्पीकर बजाने और पटाखे फोड़ने से भगवान से कोई अतिरिक्त आशीर्वाद मिलता है?”

अदालत ने प्रसिद्ध ‘पंढरपुर की वारी’ (Pandharpur Wari) का उदाहरण देते हुए कहा कि लाखों श्रद्धालुओं की यह पवित्र यात्रा बिना किसी लाउडस्पीकर और अत्यधिक शोर-शराबे के बेहद अनुशासित और शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित की जाती है।

📋 केवल कागजों पर आदेश होना पर्याप्त नहीं: नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जब्ती की मांग

महाराष्ट्र के महाधिवक्ता मिलिंद साठे ने जब कोर्ट को बताया कि मुंबई पुलिस ने गणेशोत्सव के दौरान कई प्रतिबंधात्मक गाइडलाइन्स जारी की हैं, तो हाई कोर्ट ने तीखी टिप्पणी की।

अदालत ने कहा, “यदि नियम मौजूद हैं तो उनका जमीन पर पालन क्यों नहीं हो रहा? केवल कागजों पर आदेश जारी करना काफी नहीं है।” कोर्ट ने डीजे, साउंड सिस्टम और लेजर बीम का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ जब्ती और सख्त एफआईआर की जरूरत पर जोर दिया।

❓ बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा सरकार से पूछे गए 5 प्रमुख सवाल

  • कानूनों का पालन: धार्मिक जुलूसों में ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए बने मौजूदा कानूनों का कड़ाई से पालन क्यों नहीं हो रहा?

  • समय सीमा का उल्लंघन: रात 10 बजे की समय सीमा समाप्त होने के बाद भी तेज आवाज में संगीत बजाने की छूट कैसे दी जा रही है?

  • पटाखों पर नियंत्रण: सार्वजनिक सड़कों पर आतिशबाजी से होने वाले वायु और ध्वनि प्रदूषण को रोकने की क्या योजना है?

  • डीजे पर कार्रवाई: नियमों को दरकिनार कर बजने वाले डीजे और साउंड सिस्टम को जब्त क्यों नहीं किया जा रहा?

  • उपकरणों पर रोक: जुलूसों में अत्यधिक डेसिबल शोर पैदा करने वाले वाद्य यंत्रों को नियंत्रित करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.