Ujjain Crime & Civic News: सिंहस्थ 2028 की तैयारी: सीएम मोहन यादव का 1974 में बना पुश्तैनी घर भी होगा ध्वस्त; 272 भवन प्रभावित
उज्जैन। आगामी पवित्र सिंहस्थ महाकुंभ 2028 को ध्यान में रखते हुए धार्मिक नगरी उज्जैन में इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास कार्य अत्यधिक तीव्र गति से संचालित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में पुराने शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए नगर निगम और जिला प्रशासन ने मास्टर प्लान के तहत सड़क चौड़ीकरण की बड़ी प्रक्रिया शुरू की है। कई इलाकों में निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि अन्य प्रमुख क्षेत्रों में चौड़ीकरण की शुरुआत की जा रही है। इसी योजना के तहत खजूर वाली मस्जिद से शुरू होकर अब्दालपुरा, जीवाजीगंज थाना होते हुए गणेश चौक तक जाने वाले करीब 730 मीटर लंबे मार्ग को 15 मीटर चौड़ा किया जाना प्रस्तावित है।
🏛️ सड़क चौड़ीकरण की जद में आया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पुश्तैनी मकान: नगर निगम ने शुरू की मार्किंग
इस चौड़ीकरण परियोजना की सबसे खास और मिसाली बात यह है कि इसकी जद में स्वयं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उज्जैन नगर निगम सभापति कलावती यादव और भाजपा नगर उपाध्यक्ष जगदीश पांचाल का अब्दालपुरा स्थित ऐतिहासिक पुश्तैनी मकान भी आ रहा है।
अर्थात जिस महा-विकास योजना से शहर के सैकड़ों आम परिवारों के भवन प्रभावित हो रहे हैं, उसी संवैधानिक और प्रशासनिक प्रक्रिया से मुख्यमंत्री का अपना परिवार भी सहर्ष गुजर रहा है। नगर निगम कमिश्नर अभिलाष मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और संभागायुक्त आशीष सिंह के मार्गदर्शन में 730 मीटर लंबे इस मार्ग को ₹9.80 करोड़ की लागत से 15 मीटर चौड़ा किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के तहत कुल 272 भवनों को चिह्नित किया गया है और नगर निगम की टीम ने नापजोख व लाल निशान (मार्किंग) लगाने का कार्य शुरू कर दिया है।
📜 1974 में दादा रामचंद्र यादव ने बनवाया था मकान: भावनाओं से ऊपर शहर का विकास
मुख्यमंत्री मोहन यादव की बहन और उज्जैन नगर निगम सभापति कलावती यादव ने भावुक होते हुए बताया, “हमारे पूज्य दादाजी स्व. रामचंद्र यादव ने वर्ष 1974 में इस मकान का निर्माण कराया था।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित परिवार की कई पीढ़ियों का बचपन इसी मकान की छांव में बीता है। मकान से परिवार की अनगिनत यादें जुड़ी हुई हैं, लेकिन व्यक्तिगत भावनाओं से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हमारे शहर का सर्वांगीण विकास है। जब पूरे उज्जैन के नागरिक विकास कार्यों में अग्रिम सहयोग कर रहे हैं, तो मुख्यमंत्री का परिवार भी शहर के सुनहरे भविष्य के लिए सबसे पहले अपना योगदान देने के लिए तत्पर है।”
🤝 ’12 फुट हिस्सा हो रहा प्रभावित’: सीएम के भतीजे एडवोकेट अनंत यादव ने दिया सकारात्मक संदेश
वर्तमान में इस पुश्तैनी घर में निवास कर रहे मुख्यमंत्री के भतीजे एवं पेशे से अधिवक्ता अनंत यादव ने बताया, “चौड़ीकरण की प्रक्रिया में हमारे मकान का लगभग 12 फुट अग्रिम हिस्सा प्रभावित हो रहा है।
इस पूरे क्षेत्र में हमारे परिवार के करीब 5 से 6 मकान हैं और सभी का कुछ न कुछ हिस्सा चौड़ीकरण की चपेट में आ रहा है। हमें इसे अत्यंत सकारात्मक दृष्टिकोण से देखना चाहिए। वर्तमान में मार्ग संकरा होने के कारण आम जनता को भारी ट्रैफिक जाम और पार्किंग की समस्याओं से जूझना पड़ता है। 15 मीटर चौड़ा मार्ग बनने से आवागमन सुगम होगा और भविष्य में व्यावसायिक गतिविधियों को नया विस्तार मिलेगा।” भाजपा नगर उपाध्यक्ष जगदीश पांचाल ने भी खुशी-खुशी अपने मकान के प्रभावित हिस्से को ध्वस्त करने पर सहमति जताई है।
🏠 मुख्यमंत्री के पुश्तैनी घर से पूरे प्रदेश में गया बड़ा संदेश: जून 2027 तक पूरा होगा काम
272 प्रभावित भवनों के बीच प्रदेश के मुख्यमंत्री के पुश्तैनी मकान का भी इस योजना की जद में आना प्रशासनिक पारदर्शिता और सर्व-समावेशी विकास का एक बड़ा संदेश देता है।
1974 में बने इस मकान में स्व. रामचंद्र यादव के दो बेटों- पुनमचंद्र यादव और शंकरलाल यादव का परिवार बढ़ा। पुनमचंद्र यादव के परिवार में उनके 5 बच्चे (नंदलाल यादव, नारायण यादव, डॉ. मोहन यादव, ग्यारसी बाई और कलावती यादव) हैं। वर्तमान में इस मकान में मुख्यमंत्री के चाचा शंकरलाल यादव का परिवार (गोविंद यादव, सिद्धार्थ यादव और अनंत यादव) निवास कर रहा है। नगर निगम प्रशासन के अनुसार, सभी रहवासियों के सहयोग से जून-जुलाई 2027 तक सड़क चौड़ीकरण का यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पूर्ण कर लिया जाएगा।
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