Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
देश की पहली LNG ट्रेन को अमित शाह ने दिखाई हरी झंडी: गुजरात को मिली ₹1,542 करोड़ के रेलवे प्रोजेक्ट्... Assam Politics News: आशुतोष रांका को असम पुलिस ने लिया हिरासत में, CJP का आरोप- 'सच्चाई सामने लाने स... दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा पर लगा गंभीर आरोप: सड़क निरीक्षण के दौरान युवक को थप्पड़ मारने का वीडि... NEET पेपर लीक विवाद के बाद NTA का बड़ा फैसला: नए मुख्यालय में तैनात होंगे CISF जवान दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों को 214 करोड़ की सौगात: 53 विकास कार्यों का मुख्यमंत्री ने किया शिलान्यास जयपुर में सनसनीखेज वारदात: महिला की हत्या कर गार्डन में दफनाया शव, आरोपी मकान पर ताला लगाकर फरार Jaipur Crime News: झोटवाड़ा के मंदिर में 63 वर्षीय पुजारी से मारपीट, कपड़े फाड़े; CCTV में कैद हुई व... मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ CJP का हल्लाबोल: 2 अक्टूबर को देशभर में विरोध प्रदर्शन, सोनम वांगचुक का ... Bihar Railway Negligence: जमुई में रेल प्रशासन की अमानवीयता, ट्रैक पर कौवे नोचते रहे शव; परिजनों ने ... LPU Student Protest: जालंधर लवली यूनिवर्सिटी में कथित रेप की अफवाह पर भारी बवाल, पुलिस वाहन फूंका; S...

Ludhiana MC Action: अवैध कॉलोनियों और डिफॉल्टरों पर नगर निगम सख्त, रजिस्ट्री, पानी-सीवर और बिजली कनेक्शन कटने का खतरा

लुधियाना: महानगर में अनधिकृत रूप से विकसित हो रही अवैध कॉलोनियों के अलावा ऐसी कॉलोनियों की तादाद भी काफी बड़ी है, जिन्होंने नियमित (रेगुलर) करवाने के लिए आवेदन तो किया लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी अनिवार्य सरकारी फीस जमा नहीं करवाई। यह गंभीर खुलासा नगर निगम कमिश्नर ओजस्वी द्वारा पेंडिंग रेवेन्यू (बकाया राजस्व) की रिकवरी को लेकर शुरू की गई विशेष मुहिम के दौरान हुआ है।

इस खुलासे के बाद कमिश्नर ने बिल्डिंग ब्रांच के अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि चारों जोनों में स्थित ऐसी सभी कॉलोनियों के रिकॉर्ड की गहन जांच (स्क्रूटनी) की जाए, जिन्होंने आवेदन करने के बावजूद सालों से बकाया फीस का भुगतान नहीं किया है।

⚡ करोड़ों का रेवेन्यू बकाया: नोटिस जारी होंगे, रजिस्ट्री और बिजली-पानी कनेक्शन पर लग सकती है रोक

बकाया वसूली के लिए प्रस्तावित दंडात्मक कदम:

  • करोड़ों की वसूली का लक्ष्य: प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, इस श्रेणी की कॉलोनियों से बकाया रेवेन्यू का आंकड़ा कई करोड़ रुपये का है।

  • मालिकों को नोटिस: नगर निगम प्रशासन ने संबंधित कॉलोनियों के प्रमोटरों और मालिकों को तत्काल प्रभाव से वसूली नोटिस जारी करने का निर्णय लिया है।

  • सख्त पाबंदियों की चेतावनी: यदि नोटिस के बावजूद डेवलपर्स ने निर्धारित समय में फीस जमा नहीं करवाई, तो इन कॉलोनियों में संपत्तियों की रजिस्ट्रियों पर रोक लगाने के साथ-साथ पानी-सीवरेज और बिजली के कनेक्शन काटने एवं नक्शे पास करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने जैसी कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है।

📑 27 वर्षों से अटका 42 करोड़ से ज्यादा का जुर्माना: पेंडिंग चालानों की रिकवरी के लिए तय होंगे टारगेट

आरटीआई के खुलासे और बिल्डिंग ब्रांच की समीक्षा:

  • आरटीआई में बड़ा खुलासा: बिल्डिंग ब्रांच से जुड़े पेंडिंग रेवेन्यू का यह मामला केवल कॉलोनियों तक सीमित नहीं है, बल्कि अवैध इमारतों से भी सीधे जुड़ा हुआ है। नगर निगम द्वारा सूचना का अधिकार (RTI) के तहत उपलब्ध करवाई गई जानकारी के अनुसार, वर्ष 1997-99 से लेकर अब तक अवैध रूप से भवन निर्माण करने वालों पर जारी किए गए चालानों का 42 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना आज तक वसूला नहीं जा सका है।

  • अधिकारियों को रिकवरी टारगेट: इस भारी वित्तीय नुकसान को देखते हुए नगर निगम कमिश्नर ने बिल्डिंग ब्रांच की समीक्षा बैठक में सभी पेंडिंग चालानों का विस्तृत असेसमेंट करने और अधिकारियों के लिए बकाया वसूली का स्पष्ट टारगेट तय करने के निर्देश दिए हैं।

  • नियमित मॉनिटरिंग: कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि राजस्व वसूली की प्रगति रिपोर्ट की नियमित आधार पर समीक्षा की जाएगी ताकि वर्षों से फंसे निगम फंड को समयबद्ध तरीके से सरकारी खजाने में जमा कराया जा सके।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.