Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
ED Officers SC ST Act Case Ranchi: हाईकोर्ट ने जवाब दाखिल करने के लिए मांगा समय, 2 नवंबर को होगी अगल... Jharkhand Food Department Guidelines: अवैध एलपीजी उपयोग रोकने के लिए जिला प्रशासन और तेल कंपनियों मे... Charged for Impact Event Dhanbad: इंडस्ट्री और एकेडमिक सहयोग पर विशेष चर्चा, कई दिग्गज हुए शामिल 174 यात्रियों की जान बचाने वाले जांबाज कैप्टन: स्मित मछार को 'गुजरात गरिमा पुरस्कार' से नवाजेगी सरका... Ranchi News: नामकुम में स्वच्छता ही सेवा-2026 अभियान के तहत विशेष कार्यक्रम, मंत्री योगेंद्र प्रसाद ... चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका: संवैधानिक और कानूनी प्रक्रियाओं पर उठे... Dhamtari Snake Bite News: घर में सो रही मां और मासूम बेटी को करैत सांप ने डसा, डेढ़ साल की बच्ची की द... INDIA गठबंधन के साथ हैं, लेकिन राहुल गांधी की पीएम उम्मीदवारी पर साधी चुप्पी: मध्यावधि चुनाव के संके... CGPSC and UPSC Success Story: कैंसर को मात देकर अधिकारी बने संजय डहरिया की कहानी से युवाओं को मिली प... Chhattisgrah Politics Update: विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही यात्रा, 7 अक्टूबर को पहुंचेगी...

पंजाब में 108 एम्बुलेंस कर्मचारियों का फूटा गुस्सा: मांगों को लेकर लुधियाना डीसी को सौंपा ज्ञापन

लुधियाना: पंजाब में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाने वाली 108 एम्बुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों ने अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

वीरवार को लुधियाना में एकत्रित होकर एम्बुलेंस मुलाजिमों ने जिला उपायुक्त (डिप्टी कमिश्नर) को एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा और मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार से उनकी समस्याओं का अविलंब समाधान करने की पुरजोर अपील की।

कर्मचारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि सरकार ने अब भी उनकी सुध नहीं ली, तो वे राज्यभर में आपातकालीन सेवाओं को पूरी तरह बंद करने से पीछे नहीं हटेंगे।

📉 महंगाई में कम वेतन से गुजर-बसर दूभर: स्वास्थ्य मंत्री से कई दौर की बैठकों के बाद भी नतीजा शून्य

कर्मचारियों की व्यथा और प्रशासनिक उपेक्षा का ब्योरा:

  • अत्यल्प वेतन का दंश: प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने बताया कि वे 24 घंटे आपातकालीन परिस्थितियों में ड्यूटी निभा रहे हैं, लेकिन उन्हें दिया जाने वाला मासिक वेतन बेहद मामूली है, जिससे मौजूदा महंगाई के दौर में परिवार चलाना असंभव हो गया है।

  • पूर्व सरकारों से निराशा: कर्मचारियों का आरोप है कि वे पूर्ववर्ती सरकारों के समक्ष भी बार-बार अपनी फरियाद लेकर गए, लेकिन हर बार सिर्फ झूठे आश्वासनों के अलावा कुछ हासिल नहीं हुआ।

  • आप सरकार से थीं बड़ी उम्मीदें: उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार बनने पर उन्हें राहत की पूरी उम्मीद थी। इसके लिए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह, मुख्यमंत्री कार्यालय और प्रिंसिपल सेक्रेटरी राहुल कुमार के साथ कई दौर की औपचारिक बैठकें की गईं।

  • मुलाकात से बच रहे मंत्री: कर्मचारियों ने रोष जताते हुए आरोप लगाया कि बैठकों के बावजूद जमीनी स्तर पर कोई नतीजा नहीं निकला और अब आलम यह है कि स्वास्थ्य मंत्री उनसे मिलने का समय तक नहीं दे रहे हैं।

📋 108 एम्बुलेंस मुलाजिमों की 5 प्रमुख मांगें: जानिए क्या है कर्मचारियों का मुख्य एजेंडा

कर्मचारियों द्वारा सरकार के समक्ष रखी गई 5 मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:

  • PHSC ड्राफ्ट तुरंत लागू हो: पंजाब हेल्थ सिस्टम्स कॉरपोरेशन (PHSC) के उच्चाधिकारियों द्वारा कर्मचारियों के हित में तैयार किए गए नीतिगत ड्राफ्ट को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।

  • ₹50 लाख का बीमा कवर: जोखिम भरी ड्यूटी को देखते हुए सभी एम्बुलेंस चालकों और पैरामेडिकल स्टाफ का 50 लाख रुपये का दुर्घटना व जीवन बीमा सुनिश्चित किया जाए।

  • जनवरी 2023 का बकाया वेतन जारी हो: कर्मचारियों का लंबे समय से अटका हुआ जनवरी 2023 का बकाया वेतन बिना किसी देरी के तुरंत जारी किया जाए।

  • निजी ठेकेदारी प्रथा का अंत: निजी कंपनियों (प्राइवेट वेंडर) के अधीन ठेका व्यवस्था को समाप्त कर सभी कर्मचारियों को सीधे स्वास्थ्य विभाग के अधीन लाया जाए।

  • वेतन विसंगतियों का स्थाई समाधान: कर्मचारियों की वेतन वृद्धि और सेवा नियमों से जुड़ी अन्य सभी लंबित मांगों का स्थायी समाधान निकाला जाए।

⚠️ मंत्रियों के घेराव और एम्बुलेंस का चक्का जाम करने की चेतावनी: सरकार पर फोड़ा ठीकरा

आगामी आंदोलन की रूपरेखा और सरकार को अल्टीमेटम:

  • सड़कों पर उतरने की तैयारी: कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी कि अब तक उन्होंने शांतिपूर्ण रुख अपनाते हुए सरकार के खिलाफ कोई बड़ा उग्र प्रदर्शन नहीं किया है, लेकिन अगर उन्हें मजबूर किया गया तो वे राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ेंगे।

  • गांव-कस्बों में होगा विरोध: आने वाले दिनों में पंजाब के प्रत्येक शहर, गांव और कस्बे में बड़े स्तर पर धरने-प्रदर्शन किए जाएंगे और स्वास्थ्य मंत्री समेत अन्य कैबिनेट मंत्रियों के आधिकारिक आवासों का घेराव किया जाएगा।

  • आपातकालीन सेवाएं बंद करने की धमकी: कर्मचारियों ने दो-टूक कहा कि यदि सरकार ने उनकी जायज मांगों को नजरअंदाज किया या आंदोलनकारियों पर कोई दंडात्मक कार्रवाई की, तो वे पूरे पंजाब में 108 एम्बुलेंस सेवा का पूर्ण चक्का जाम कर देंगे।

  • जिम्मेदारी सरकार की होगी: उन्होंने प्रशासन को सचेत किया कि यदि एम्बुलेंस सेवाएं ठप होने से किसी भी मरीज या आम नागरिक को नुकसान पहुंचता है, तो उसकी सीधी और पूर्ण जिम्मेदारी पंजाब सरकार की होगी।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.