Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
भाजपा गुजरात सह प्रभारी गोमती साय ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से की मुलाकात Congress Election Result: अभिषेक चौधरी को मिले सबसे ज्यादा 6.15 लाख वोट, राजस्थान यूथ कांग्रेस अध्यक... Rajasthan Kinnar House Theft: पुरानी रंजिश की आशंका के तहत पुलिस कर रही जांच, अज्ञात आरोपियों की तला... Chimur Ashramshala Controversy: डैंड्रफ की समस्या के नाम पर छात्रों के साथ अजीब सलूक, वायरल तस्वीरों... BJP vs Shinde Sena: नागपुर में बीजेपी के सामने बागी पूर्व विधायक की चुनौती, सीटों के बंटवारे के बाद ... Ulhasnagar Mahayuti Crisis: महाराष्ट्र में महायुति में पड़ी फूट! बीजेपी ने शिंदे सेना से अलग होने का... CM Vishnu Deo Sai Singapore Visit: छत्तीसगढ़-सिंगापुर साझेदारी से खुलेंगे विकास के नए रास्ते, ग्रीन ... Chhattisgarh PMAY Success: छत्तीसगढ़ में बिना सरकारी खर्च के मिली 25,413 आवासों के लिए जमीन, केंद्र ... Kanker Divyang Camp: जगदलपुर में 7 अक्टूबर को लगेगा निःशुल्क दिव्यांग शिविर, कलेक्टर कुन्दन कुमार ने... Raipur Police Reshuffle: मुख्यमंत्री और राजभवन सुरक्षा में बदले गए अधिकारी, गृह विभाग ने जारी किया न...

Gumla News: शहीद अल्बर्ट एक्का के बेटे विंसेंट एक्का से ट्रैक्टर वापस, कृषि विभाग ने वित्तीय विवाद पर की कार्रवाई

झारखंड के गुमला जिले के जारी थाना क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां देश के महान सपूत परमवीर चक्र विजेता शहीद लांस नायक अल्बर्ट एक्का के बेटे विंसेंट एक्का का ट्रैक्टर कंपनी द्वारा वापस ले लिया गया है। यह 9.25 लाख रुपये की लागत वाला ट्रैक्टर 50 प्रतिशत सरकारी अनुदान पर दिया गया था, जबकि शेष 50 प्रतिशत राशि विंसेंट एक्का को चुकानी थी, जो भुगतान न हो पाने के कारण यह कार्रवाई की गई है। इस दौरान विंसेंट ने अधिकारियों पर बदसलूकी करने का गंभीर आरोप भी लगाया है।

📜 क्या है पूरा मामला? मुख्यमंत्री के निर्देश पर दिसंबर 2024 में मिला था ट्रैक्टर, राशि भुगतान न होने पर फंसा पेंच

जानकारी के अनुसार, विंसेंट एक्का ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से ट्रैक्टर की मांग की थी, जिसके बाद मुख्यमंत्री के विशेष निर्देश पर गुमला उपायुक्त ने 23 दिसंबर 2024 को जारी गांव में जाकर उन्हें यह ट्रैक्टर सौंपा था। कृषि यंत्रीकरण योजना के नियमों के तहत कुल लागत की आधी राशि लाभार्थी को देनी होती है। कंपनी के प्रतिनिधि दीपक अग्रवाल और भूमि संरक्षण पदाधिकारी राम प्रकाश कुमार ने स्पष्ट किया कि कई बार आग्रह करने के बावजूद विंसेंट द्वारा अपनी हिस्सेदारी की राशि जमा नहीं की गई, जिसके कारण नियमों के तहत ट्रैक्टर वापस लिया गया है।

🔄 राशि जमा होने पर वापस मिल सकता है ट्रैक्टर: विभाग ने दी सफाई, प्रशासनिक हलकों में मची हलचल

भूमि संरक्षण पदाधिकारी राम प्रकाश कुमार ने बताया कि विभाग की ओर से लगातार लाभुक से उनकी हिस्सेदारी की राशि जमा करने का अनुरोध किया जा रहा था, लेकिन भुगतान न होने के कारण यह कदम उठाना पड़ा। अधिकारियों का कहना है कि यदि लाभार्थी द्वारा निर्धारित हिस्से की राशि जमा कर दी जाती है, तो ट्रैक्टर वापस लौटाने पर विचार किया जा सकता है। इस पूरी घटना के बाद से स्थानीय प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.