Bastar Flood News: राहत शिविर बंद होने पर कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का हमला, कहा- प्रशासन और सरकार पूरी तरह फेल
छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में आई बाढ़ के बाद से राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज लगातार बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं और पीड़ितों का हालचाल जान रहे हैं। इसी कड़ी में जगदलपुर पहुंचे बैज ने प्रशासन द्वारा बाढ़ राहत शिविर अचानक बंद किए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावित परिवार अभी तक अपने घरों को ठीक से व्यवस्थित भी नहीं कर पाए हैं और कई लोगों को दो वक्त का भोजन तक नसीब नहीं हो रहा है, ऐसे में शिविर बंद करना प्रशासन की संवेदनहीनता को दर्शाता है।
🛑 “प्रशासन फेल, सामाजिक संगठन कर रहे मदद”: बिना चेतावनी ओडिशा के डैम गेट खोलने से बस्तर में मची तबाही
दीपक बैज ने दावा किया कि आपदा के दौरान जिला प्रशासन और राज्य सरकार पूरी तरह से विफल साबित हुई है, और ऐसे मुश्किल समय में जगदलपुर के विभिन्न सामाजिक संगठनों व समाजसेवियों ने आगे आकर पीड़ितों की मदद की है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी पूर्व चेतावनी के ओडिशा सरकार द्वारा खातिगुड़ा और मुरान बांध के 9 गेट एक साथ खोल दिए जाने के कारण बस्तरवासियों को संभलने का मौका नहीं मिला। किसानों की फसलें और लोगों की गृहस्थी तबाह हो गई है, लेकिन सरकार मुआवजा बांटने के नाम पर केवल खानापूर्ति कर रही है।
⚖️ झीरम घाटी मामले पर बोले दीपक बैज: एनआईए कोर्ट के फैसले से असंतुष्ट, जल्द बनेगी नई राजनीतिक और कानूनी रणनीति
दौरे के दौरान पीसीसी चीफ दीपक बैज ने बहुचर्चित झीरम घाटी नरसंहार मामले पर भी कांग्रेस की आगे की रणनीति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मामले को अत्यंत गंभीरता से ले रही है क्योंकि एनआईए कोर्ट के फैसले से न तो कांग्रेस पार्टी और न ही पीड़ित परिवार संतुष्ट हैं। सजा पाने वाले आरोपी केवल छोटे कैडर के माओवादी हैं। बैज ने बताया कि इस संबंध में 19 सितंबर को रायपुर में और 26 सितंबर को नई दिल्ली में राहुल गांधी की मौजूदगी में पीड़ित परिवारों के साथ उच्चस्तरीय बैठक हो चुकी है। कांग्रेस पार्टी जब तक न्याय नहीं मिल जाता, तब तक विधिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर अपनी लड़ाई जारी रखेगी।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.