Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
भाजपा गुजरात सह प्रभारी गोमती साय ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से की मुलाकात Congress Election Result: अभिषेक चौधरी को मिले सबसे ज्यादा 6.15 लाख वोट, राजस्थान यूथ कांग्रेस अध्यक... Rajasthan Kinnar House Theft: पुरानी रंजिश की आशंका के तहत पुलिस कर रही जांच, अज्ञात आरोपियों की तला... Chimur Ashramshala Controversy: डैंड्रफ की समस्या के नाम पर छात्रों के साथ अजीब सलूक, वायरल तस्वीरों... BJP vs Shinde Sena: नागपुर में बीजेपी के सामने बागी पूर्व विधायक की चुनौती, सीटों के बंटवारे के बाद ... Ulhasnagar Mahayuti Crisis: महाराष्ट्र में महायुति में पड़ी फूट! बीजेपी ने शिंदे सेना से अलग होने का... CM Vishnu Deo Sai Singapore Visit: छत्तीसगढ़-सिंगापुर साझेदारी से खुलेंगे विकास के नए रास्ते, ग्रीन ... Chhattisgarh PMAY Success: छत्तीसगढ़ में बिना सरकारी खर्च के मिली 25,413 आवासों के लिए जमीन, केंद्र ... Kanker Divyang Camp: जगदलपुर में 7 अक्टूबर को लगेगा निःशुल्क दिव्यांग शिविर, कलेक्टर कुन्दन कुमार ने... Raipur Police Reshuffle: मुख्यमंत्री और राजभवन सुरक्षा में बदले गए अधिकारी, गृह विभाग ने जारी किया न...

Delhi Police Cyber Crime: कंबोडिया से जुड़े ‘डिजिटल अरेस्ट’ गिरोह का पर्दाफाश, दिल्ली पुलिस ने 2 आरोपियों को दबोचा

दिल्ली पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट कर लाखों रुपये ठगने वाले एक शातिर साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में शिकायतकर्ता को WhatsApp वीडियो कॉल पर फंसाया गया था। ठगों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट किया और डरा-धमका कर लाखों रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए। साउथ डिस्ट्रिक्ट की साइबर थाना पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए केस दर्ज कर जांच शुरू की।

💻 भीलवाड़ा से कठुआ तक जुड़े ठगी के तार: 50 लाख के ट्रांजैक्शन और कंबोडिया कनेक्शन का हुआ बड़ा खुलासा

पुलिस की तकनीकी जांच में पता चला कि ठगी की यह रकम सबसे पहले राजस्थान के भीलवाड़ा निवासी मुकेश कुम्हार के फेडरल बैंक अकाउंट में गई थी। इसके बाद वहां से 5.50 लाख रुपये कठुआ (जम्मू-कश्मीर) के रहने वाले रितिश कुमार मेहरा के कोटक महिंद्रा बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किए गए। पुलिस जांच में मुकेश कुम्हार के एक अन्य अकाउंट में करीब 50 लाख रुपये के संदिग्ध ट्रांजैक्शन और 10 अलग-अलग NCRP (नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल) शिकायतों से लिंक मिला है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस फ्रॉड का सीधा कनेक्शन कंबोडिया से जुड़ा हुआ पाया गया है, जिसकी आगे गहन जांच की जा रही है।

🔗 जम्मू-कश्मीर और राजस्थान से दो आरोपी गिरफ्तार: डराकर अलग-अलग राज्यों के बैंक खातों में घुमाते थे पैसा

साइबर सेल की टीम ने छापेमारी करते हुए दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रितिश कुमार मेहरा (निवासी कठुआ, J&K) और मुकेश कुम्हार (निवासी भीलवाड़ा, राजस्थान) के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर आम लोगों को डराकर पैसे अलग-अलग राज्यों के बैंक अकाउंट्स में घुमाता था ताकि पुलिस उन तक न पहुंच सके। मामले में आगे की जांच जारी है।

📱 क्या होता है डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest)? जानिए साइबर अपराधियों के इस नए और खतरनाक तरीके के बारे में

डिजिटल अरेस्ट साइबर अपराधियों द्वारा ठगी करने का एक नया और बेहद खतरनाक तरीका है। आसान शब्दों में कहें तो, यह ऑनलाइन डराकर घर में ही बंधक बना लेने जैसा है। इस फ्रॉड में ठग खुद को पुलिस, सीबीआई या कस्टम अधिकारी बताकर वीडियो कॉल के जरिए आपको डराते हैं। वे ऐसा माहौल बनाते हैं जिससे पीड़ित घबरा जाए और उसे घर से बाहर न निकलने या किसी अन्य व्यक्ति से बात न करने के लिए मजबूर कर देते हैं। इसके बाद वे केस रफा-दफा करने के नाम पर मोटी रकम ऐंठ लेते हैं।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.