हरियाणा के हिसार से एक बेहद प्रेरणादायक सफलता की कहानी सामने आई है। हिसार की रहने वाली मानवी लोहान ने अपनी कड़ी मेहनत, अटूट लगन और दृढ़ संकल्प के दम पर हरियाणा सिविल सर्विसेज (HCS) की प्रतिष्ठित परीक्षा में आठवां रैंक हासिल कर अपने परिवार और पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है। सेक्टर 9-11 निवासी मानवी ने बिना किसी महंगे कोचिंग संस्थान का सहारा लिए, सिर्फ सेल्फ स्टडी और ऑनलाइन टेस्ट सीरीज के बलबूते पर अपने दूसरे प्रयास में यह शानदार उपलब्धि हासिल की है। अब उनका मुख्य सपना एक जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी बनकर पूरी निष्ठा के साथ जनता की सेवा करना है।
🎯 दूसरे प्रयास में मिली सफलता और संघर्ष की कहानी
मानवी लोहान ने वर्ष 2023 में सिविल सर्विसेज में जाने का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर अपनी तैयारी की शुरुआत की थी। हालांकि, उन्हें अपने पहले प्रयास में सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय अपनी गलतियों और कमियों की पहचान की और दोगुने उत्साह के साथ दोबारा तैयारी में जुट गईं। नियमित पढ़ाई, अटूट आत्मविश्वास और निरंतर अभ्यास के बलबूते उन्होंने दूसरे प्रयास में यह मुकाम हासिल किया।
मानवी बताती हैं कि उन्होंने तैयारी के लिए किसी भी कोचिंग का सहारा नहीं लिया, बल्कि घर पर रहकर ही सेल्फ स्टडी की और ऑनलाइन टेस्ट सीरीज से अपनी तैयारी को परखा। उनका मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होने के लिए अपनी कमजोरियों को पहचानकर उन पर काम करना सबसे ज्यादा जरूरी है। तैयारी के दौरान वह रोजाना 8 से 10 घंटे पूरी नियमितता और अनुशासन के साथ पढ़ाई करती थीं।
📚 शैक्षणिक पृष्ठभूमि और परिवार का मिला पूरा सहयोग
मानवी की शुरुआती शिक्षा हिसार के सेंट मैरी स्कूल और ओपी जिंदल स्कूल से हुई, जहाँ उन्होंने दसवीं कक्षा में 97.8 प्रतिशत और बारहवीं कक्षा में 96.4 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। इसके बाद उन्होंने दिल्ली के प्रतिष्ठित सेंट स्टीफंस कॉलेज से राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। कला संकाय के इन विषयों ने सिविल सर्विसेज की मुख्य परीक्षा की तैयारी में उनकी काफी मदद की।
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परिवार का साथ: मानवी अपनी इस सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता, भाई और दादा को देती हैं। उनके दादा ओपी लोहान ने नोट्स तैयार करने और हर कदम पर उनका उत्साहवर्धन किया। उनके पिता डॉ. जगदीप लोहान आदमपुर के कोहली स्थित राजकीय मॉडल स्कूल में प्राचार्य हैं, जबकि मां सुमन और भाई यश ने भी हर परिस्थिति में उनका पूरा साथ दिया।
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मानवी की इस शानदार सफलता से पूरे परिवार और इलाके में खुशी का माहौल है, और अब उन्हें यूपीएससी (UPSC) के परिणामों का भी इंतजार है।
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