Navratri Day 3 Prasad Recipe: शारदीय नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा को लगाएं समा के चावल और गुड़ की क्रीमी रबड़ी का भोग
शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व बहुत ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। आज इस पवित्र पर्व का तीसरा दिन है, जो मां आदिशक्ति भवानी के तीसरे स्वरूप देवी चंद्रघंटा को समर्पित होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां चंद्रघंटा को रबड़ी, पेड़ा या दूध से बनी सफेद रंग की मिठाइयों का भोग अर्पित करने की विशेष परंपरा है। आज आप इस पावन दिन पर साहस की देवी मां चंद्रघंटा को समा के चावल और गुड़ से बनने वाली स्वादिष्ट और क्रीमी रबड़ी का भोग लगा सकते हैं। आइए जानते हैं इसे बनाने की आसान स्टेप-बाय-स्टेप रेसिपी।
🛒 रबड़ी के लिए जरूरी इनग्रेडिएंट्स (Ingredients)
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2 बड़े चम्मच समा के चावल
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1 बड़ा चम्मच सूखा नारियल (कद्दूकस किया हुआ)
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6 से 8 काजू
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500 ml फुल फैट दूध या इससे थोड़ा ज्यादा
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2-3 बड़े चम्मच गुड़ का पाउडर (स्वादानुसार)
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⅛ छोटी चम्मच इलायची पाउडर
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सजावट के लिए कटे हुए काजू और बादाम
👩🍳 रबड़ी तैयार करने की आसान विधि (Step-by-Step Method)
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चावल और काजू भिगोएं: सबसे पहले समा के चावल और काजू को 15 से 20 मिनट के लिए पानी में भिगोकर रख दें, ताकि ये थोड़े फूल जाएं।
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पेस्ट बनाएं: अब चावल और काजू का पानी निकालकर इन्हें सूखे नारियल और थोड़े से दूध के साथ मिक्सी में मिलाकर एकदम चिकना पेस्ट तैयार कर लें।
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दूध उबालें: एक भारी तले वाले पैन में दूध गर्म करने के लिए रखें। जब दूध उबलने लगे, तो इसमें तैयार किया गया पेस्ट धीरे-धीरे डालें और लगातार चलाते रहें ताकि गांठें न पड़ें।
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धीमी आंच पर पकाएं: इसे धीमी से मध्यम आंच पर 15-20 मिनट तक पकाएं। बीच-बीच में इसे लगातार चलाते रहें ताकि मिश्रण बर्तन की तली में चिपके नहीं। इसे तब तक पकाना है जब तक समा के चावल पूरी तरह पक न जाएं और दूध गाढ़ा व क्रीमी न हो जाए।
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गुड़ और इलायची मिलाएं: जब मिश्रण अच्छे से पक जाए, तो गैस बंद कर दें और इसे थोड़ा ठंडा होने दें (ध्यान रखें कि बहुत ज्यादा गर्म दूध में गुड़ डालने से दूध फट सकता है)। जब यह हल्का ठंडा हो जाए, तो इसमें गुड़ का पाउडर और इलायची पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला लें।
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गार्निशिंग और सर्विंग: सबसे आखिर में इसमें कटे हुए ड्राई फ्रूट्स मिला दें। बस, मां चंद्रघंटा के भोग के लिए सात्विक और स्वादिष्ट रबड़ी तैयार है। भोग लगाने के बाद आप इसे ठंडा या गर्म परोस सकते हैं।
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