Jind News: बिजली संकट के बीच अधिकारी का वीआईपी कल्चर! बेटे के बर्थडे के लिए 3 घंटे तक दी गई स्पेशल बिजली सप्लाई
जींद: राज्य में एक तरफ जहां बिजली कर्मियों की हड़ताल के चलते पिछले 41 घंटों से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी है और आम नागरिक आपातकाल जैसे बदतर हालात झेलने को मजबूर हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक अधिकारियों के वीआईपी कल्चर की एक बेहद चौंकाने वाली बानगी सामने आई है। आम जनता एक-एक बल्ब की रोशनी के लिए तरस रही थी, लेकिन एक महिला अधिकारी के बेटे के जन्मदिन के जश्न को खास बनाने के लिए एक चुनिंदा क्षेत्र में करीब तीन घंटे तक विशेष बिजली सप्लाई बहाल रखी गई।
बेटे के जन्मदिन के जश्न के लिए दी गई तीन घंटे की स्पेशल बिजली सप्लाई
विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सफीदों रोड पर स्थित एक प्रतिष्ठित होटल में विभाग की एक महिला अधिकारी ने अपने बेटे के जन्मोत्सव का भव्य आयोजन किया था। इस पार्टी में शहर के कई बड़े रुतबे वाले अधिकारियों और रसूखदार लोगों को विशेष तौर पर आमंत्रित किया गया था। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम में किसी भी तरह की बाधा न आए और मेहमानों को कोई असुविधा न हो, इसके लिए शहर के सेक्टर-8 और सेक्टर-9 में शाम करीब पांच बजे से लेकर रात साढ़े आठ बजे तक (लगभग तीन घंटे) स्पैशल बिजली सप्लाई चालू रखी गई। इस दौरान आयोजन स्थल पर बिजली निगम के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
पार्टी खत्म होते ही गुल हो गई बत्ती, जनता के गुस्से पर भड़का आक्रोश
जैसे ही महिला अधिकारी के बेटे के जन्मदिन की यह पार्टी समाप्त हुई, रात के ठीक साढ़े आठ बजे एक बार फिर दोनों प्रभावित सेक्टरों (सेक्टर-8 व 9) की बत्ती गुल कर दी गई। जहां एक तरफ आम जनता पानी और रोशनी के लिए भारी परेशानियों का सामना कर रही थी, वहीं अधिकारी वर्ग द्वारा नियमों और चल रही हड़ताल को ताक पर रखकर अपने निजी हित के लिए की गई इस स्पैशल सप्लाई ने लोगों के भीतर सुलग रहे गुस्से को भड़का दिया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई खबर, जनता और प्रशासन आमने-सामने
रात से ही यह सनसनीखेज मामला पूरे जिले में और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से चर्चा का केंद्र बना हुआ है। आम लोग बिजली विभाग और पूरी प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं कि जब आम जनता पिछले 41 घंटों से अंधेरे में जीवन गुजारने को विवश है, तब अधिकारियों के निजी उत्सव के लिए पावर बैकअप और स्पेशल बिजली का इंतजाम आखिर कैसे और किसके आदेश पर संभव हुआ?
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.