Mansa Murder Case: परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड पर गरमाई सियासत, सुखबीर बादल ने AAP के चुनाव चिह्न ‘झाड़ू’ जलाने के प्रदर्शन का किया समर्थन
मानसा: पंजाब के मानसा जिले में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की सनसनीखेज हत्या का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस बीच शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने बड़ा राजनीतिक ऐलान किया है। उन्होंने घोषणा की है कि झोटा के परिवार और न्याय की मांग कर रही एक्शन कमेटी द्वारा पंजाब सरकार के खिलाफ आयोजित विरोध प्रदर्शनों को उनकी पार्टी का पूर्ण समर्थन प्राप्त रहेगा।
पूरे पंजाब में ‘झाड़ू’ जलाकर विरोध दर्ज कराने का ऐलान
सुखबीर सिंह बादल ने सोशल मीडिया पर परविंदर सिंह झोटा की तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि शहीद भाई परविंदर सिंह झोटा के परिजनों और न्याय संघर्ष समिति ने पंजाब सरकार के विरुद्ध पूरे प्रदेश के हर गांव और शहर में आम आदमी पार्टी के चुनाव चिह्न ‘झाड़ू’ को जलाकर विरोध जताने का फैसला किया है, जिसका शिरोमणि अकाली दल पूरी ताकत से समर्थन करता है।
अकाली दल के कार्यकर्ताओं से बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील
अकाली दल प्रमुख ने पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे इस आंदोलन में पूरी सक्रियता के साथ भाग लें। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी अपने-अपने गांवों और कस्बों में आम आदमी पार्टी के चुनाव चिह्न ‘झाड़ू’ को बड़ी संख्या में अग्नि के हवाले कर अपना कड़ा रोष प्रकट करें।
शहीद एक्टिविस्ट के परिवार को न्याय दिलाने का संकल्प
बादल ने पीड़ित परिवार को आश्वस्त करते हुए कहा कि नशीले पदार्थों के खिलाफ जंग लड़ते हुए अपनी जान कुर्बान करने वाले परविंदर सिंह झोटा को न्याय दिलाने के इस संघर्ष में अकाली दल हर कदम पर उनके साथ खड़ा है और भविष्य में होने वाले हर विरोध कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर सहयोग करेगा।
हत्याकांड के चारों आरोपी 5 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में
इस बीच, परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड में गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों को अदालत ने आगामी 5 नवंबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। आरोपियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) राजिंदर नागपाल की अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया था, जिसके बाद यह आदेश जारी हुआ। इन आरोपियों की पहचान अश्वनी कुमार, नीलम रानी, विपन और लड्डी के रूप में हुई है।
13 अक्टूबर को मानसा में हुई थी झोटा की गोली मारकर हत्या
गौरतलब है कि परविंदर सिंह झोटा नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री के खिलाफ मुखर होकर अभियान चलाते थे। गत 13 अक्टूबर को मानसा स्थित एक मेडिकल स्टोर पर नशीली दवाओं की बिक्री को लेकर उपजे विवाद के दौरान उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हाई-प्रोफाइल मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसकी जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने का पहले ही ऐलान कर दिया है।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.