हरिद्वार/उत्तराखंड: पंजाब सरकार की तरफ से संचालित की जा रही लोकप्रिय तीर्थयात्रा योजना के तहत उत्तराखंड के हरिद्वार पहुंची धार्मिक बसों को लेकर एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। हरिद्वार पहुंचे तीर्थयात्री वाहनों की जब परिवहन विभाग के अधिकारियों द्वारा औचक और सख्त जांच की गई, तो इन गाड़ियों के भीतर भारी अनियमितताएं और तकनीकी खामियां पाई गईं। अधिकारियों की शुरुआती छानबीन में यह बात स्पष्ट हुई कि इनमें से कुछ बसों के पास वैध यात्रा परमिट नहीं थे, तो वहीं कई गाड़ियों के रोड टैक्स जमा होने से जुड़े जरूरी कागजात भी पूर्ण रूप से दुरुस्त नहीं मिले। इसके अतिरिक्त, सफर के दौरान यात्रियों की सुरक्षा और संरक्षा से जुड़े अनिवार्य मानकों में भी गंभीर प्रकार की कमियां उजागर हुईं। परिवहन विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक, जिन बसों के खिलाफ यह दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई गई है, वे पंजाब राज्य में पंजीकृत न होकर अन्य राज्यों के नंबरों पर रजिस्टर्ड हैं।
हरिद्वार परिवहन विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई, पांच बसों के कटे चालान और तीन गाड़ियां जब्त
हरिद्वार परिवहन विभाग के आधिकारिक सूत्रों ने जानकारी देते हुए बताया कि सघन चेकिंग अभियान के दौरान कुल 5 बसों के भारी-भरकम चालान काटे गए, जबकि सुरक्षा मानकों और दस्तावेजों की भारी कमी पाए जाने के कड़े दंडस्वरूप 3 बसों को मौके पर ही पूरी तरह से इम्पाउंड (जब्त) कर लिया गया। विभाग का मानना है कि इस प्रकार मोटर व्हीकल नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाने से जहां एक ओर सरकारी राजस्व को भारी वित्तीय क्षति पहुंचती है, वहीं दूसरी ओर हजारों श्रद्धालुओं की जान और माल की सुरक्षा भी दांव पर लग जाती है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मौजूदा समय में इस विशेष तीर्थयात्रा योजना के अंतर्गत पंजाब के विभिन्न क्षेत्रों से रोजाना औसतन लगभग 10 बसें हरिद्वार पहुंचती हैं। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिन बसों को इम्पाउंड किया गया था, उन्हें बाद में नियमानुसार भारी जुर्माना वसूलने और भविष्य में ऐसी गलती न दोहराने की सख्त चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
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