PM Kisan 24th Installment Release: पीएम मोदी आज गुजरात के बनासकांठा से किसानों के खातों में ट्रांसफर करेंगे 24वीं किस्त, जानें किसे मिलेगा लाभ
बनासकांठा: देश के अन्नदाताओं के लिए एक बहुत बड़ी और खुशखबरी भरा दिन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शुक्रवार को गुजरात के बनासकांठा जिले से बहुप्रतीक्षित प्रधानमंत्री-किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) योजना की 24वीं किस्त आधिकारिक रूप से जारी करने जा रहे हैं। इस योजना के अंतर्गत देश के 9.34 करोड़ से अधिक पात्र किसान परिवारों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से कुल 18,690 करोड़ रुपए की भारी-भरकम राशि सीधे ट्रांसफर की जाएगी। आधिकारिक सरकारी बयानों के अनुसार, इस भव्य कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान मध्य प्रदेश के रायसेन जिले से वर्चुअल या प्रत्यक्ष रूप से जुड़ेंगे। इसके अलावा, इस महत्वपूर्ण अवसर पर प्रधानमंत्री कृषि अवसंरचना कोष (AIF) के अंतर्गत देश भर में स्थापित की गई कुल 521 नई यूनिट्स को भी राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा, जिनका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भंडारण, प्रोसेसिंग और अन्य बुनियादी ढांचे को और अधिक सुदृढ़ बनाना है। साथ ही, किसानों की आय में इजाफा करने और उच्च मूल्य वाली बागवानी (हॉर्टिकल्चर) फसलों को बढ़ावा देने के लिए 12 आधुनिक बागवानी संकुलों का भी उद्घाटन किया जाएगा।
फरवरी 2019 में शुरू हुई थी यह महत्वकांक्षी योजना, एग्री इंफ्रा फंड के तहत अब तक हुआ बड़ा निवेश
गौर करने वाली बात है कि फरवरी 2019 में शुरू की गई इस देशव्यापी पीएम-किसान योजना के तहत अब तक पिछली 23 किस्तों के माध्यम से पात्र किसानों के बीच कुल 4.47 लाख करोड़ रुपए से अधिक की राशि बांटी जा चुकी है। इस योजना के तहत सरकार पात्र भूमिधारक किसान परिवारों को प्रति वर्ष 6,000 रुपए की सहायता राशि प्रदान करती है, जो साल में तीन समान किस्तों (प्रत्येक 2,000 रुपए) में सीधे आधार से जुड़े बैंक खातों में भेजी जाती है। इसके अतिरिक्त, एग्री इंफ्रा फंड (AIF) के तहत अब तक देश भर में 2.28 लाख से अधिक परियोजनाओं में लगभग 1.75 लाख करोड़ रुपए का रिकॉर्ड निवेश किया जा चुका है। इस विशेष फंड की सहायता से गांवों में आधुनिक गोदामों, कोल्ड स्टोरेज (शीत भंडारण) सुविधाओं, प्राइमरी प्रोसेसिंग यूनिट्स और अन्य कृषि संबंधी इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने में भारी मदद मिल रही है। सरकार का यह प्रयास है कि फसल कटाई के उपरांत होने वाले अनाज और फलों के नुकसान को न्यूनतम किया जाए, ताकि किसानों को उनकी उपज का बेहतर और सही दाम मिल सके।
पिछले 12 वर्षों में कृषि क्षेत्र के विकास के लिए सरकार द्वारा चलाई गई हैं कई प्रमुख योजनाएं
केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने देश में बागवानी और फसल विविधीकरण (Crop Diversification) को बढ़ावा देने के सरकारी प्रयासों की सराहना करते हुए बताया कि नए बागवानी संकुलों के विकसित होने से पूरी सप्लाई और वैल्यू चेन मजबूत होगी। मंत्रालय ने पिछले 12 वर्षों के दौरान कृषि क्षेत्र की तस्वीर बदलने वाले कई प्रमुख कार्यक्रमों का भी विशेष जिक्र किया, जिनमें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ (प्रति बूंद अधिक फसल) जैसी योजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन, दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए शुरू किए गए मिशन और राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन का भी विस्तार से उल्लेख किया गया है। प्राकृतिक खेती मिशन के तहत टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए लगातार विशेष संकुल तैयार किए जा रहे हैं। आज के इस बड़े कार्यक्रम में बनासकांठा और आसपास के क्षेत्रों से भारी संख्या में किसानों के शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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