Jind News: जींद के आंगनबाड़ी केंद्र में एक्सपायरी डेट के दूध से खीर बनाने का गंभीर आरोप, ताला खुलवाकर की गई जांच
जींद: हरियाणा के जींद जिले से बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य से जुड़े एक गंभीर मामले का खुलासा हुआ है। यहाँ की चाबरी कॉलोनी स्थित आंगनबाड़ी केंद्र के संचालन पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं, जहाँ कथित तौर पर एक्सपायरी डेट (अवधि पार) हो चुके दूध के पैकेटों का इस्तेमाल करके बच्चों के लिए खीर बनाए जाने और केंद्र के राशन में भारी गड़बड़ी किए जाने की शिकायत सामने आई है। स्थानीय लोगों और प्रतिनिधियों के अनुसार, इस तरह की लापरवाहियों से नौनिहालों के जीवन को खतरे में डाला जा रहा है।
पार्षद प्रतिनिधि ने स्थानीय लोगों के साथ मारी रेड, ताला खुलवाने पर मिले जनवरी, मई और अक्तूबर की एक्सपायरी वाले दूध के पैकेट
सामने आई जानकारी के मुताबिक, स्थानीय पार्षद प्रतिनिधि बलवंत सिंह ने बताया कि चाबरी कॉलोनी स्थित इस आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता और राशन वितरण में हो रही अनियमितताओं को लेकर उन्हें काफी समय से शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इसी बात की सच्चाई जानने के लिए जब वे मंगलवार को दोपहर के वक्त अन्य स्थानीय नागरिकों के साथ मौके पर पहुँचे, तो केंद्र पर ताला लटका हुआ मिला। इसके बाद केंद्र की सहायिका नरेश कुमारी को मौके पर बुलवाकर ताला खुलवाया गया। केंद्र के भीतर जब अंदर जाकर जाँच की गई, तो वहाँ ऐसे दूध के पैकेट बरामद हुए जिन पर जनवरी, मई और 5 अक्तूबर की एक्सपायरी डेट दर्ज थी। इस पूरी अनियमितता का स्थानीय लोगों ने वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिया और संबंधित उच्च अधिकारियों को भेज दिया।
सहायिका ने किया चौंकाने वाला खुलासा, कहा— चावल के कट्टे घर ले गईं मैडम और एक्सपायरी दूध से बन रही थी खीर
पार्षद प्रतिनिधि द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, जब केंद्र की सहायिका नरेश कुमारी से इस बारे में पूछताछ की गई, तो उसने चौंकाने वाले दावे किए। सहायिका ने बताया कि केंद्र में कुल 5 कट्टे चावल आए थे, जिनमें से केंद्र की इंचार्ज मैडम 3 कट्टे अपने घर उठा ले गईं और केंद्र पर केवल 2 कट्टे ही बचे हैं। इसके अलावा सहायिका ने कथित तौर पर यह भी स्वीकार किया कि बच्चों को खिलाने के लिए पिछले कई दिनों से इसी एक्सपायरी डेट वाले दूध के पैकेटों से खीर तैयार करवाई जा रही थी।
जिला कार्यक्रम अधिकारी के निर्देश पर पहुँची जाँच टीम, सहायिका मिली छुट्टी पर तो इंचार्ज ने बताई सर्वे ड्यूटी
यह पूरा सनसनीखेज मामला जब जिला कार्यक्रम अधिकारी सीमा रोहिल्ला के संज्ञान में आया, तो उन्होंने तुरंत बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) सुमन को इस मामले की निष्पक्ष जाँच करने के कड़े निर्देश दिए। इसके बाद बुधवार को प्रशासनिक जाँच टीम जब मौके पर पहुँची, तो शिकायत करने वाली सहायिका नरेश कुमारी आगामी दो दिनों की छुट्टी पर पाई गई। सीडीपीओ सुमन ने इस बारे में बताया कि केंद्र की इंचार्ज दिव्या ने उन्हें जानकारी दी है कि वह पिछले छह महीनों से विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) सर्वे की ड्यूटी पर तैनात हैं, और उनकी अनुपस्थिति में केंद्र का पूरा कामकाज और ज़िम्मेदारी सहायिका ही संभाल रही थी।
जाँच के दौरान नहीं मिला एक्सपायरी दूध, प्रशासन ने शिकायतकर्ताओं से दो दिन में सबूत पेश करने को कहा
सीडीपीओ के मुताबिक, जब जाँच टीम ने केंद्र की तलाशी ली, तो उस दौरान मौके पर एक्सपायरी डेट का कोई भी दूध का पैकेट बरामद नहीं हुआ। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि शिकायतकर्ताओं द्वारा दो दिन के भीतर इस मामले से जुड़े पुख्ता साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं और शिकायत निराधार या झूठी पाई जाती है, तो नियमों के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है।
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