Giridih By-Election 2026: झारखंड की सियासत में गरमाया गिरिडीह विधानसभा उपचुनाव का मुद्दा, सत्ता पक्ष और विपक्ष ने ठोकी जीत की ताल
हजारीबाग: झारखंड की राजनीतिक सरगर्मी इन दिनों तेजी से गिरिडीह की तरफ शिफ्ट होती हुई साफ नजर आ रही है। आगामी उपचुनाव को लेकर सत्ताधारी दल और मुख्य विपक्षी गठबंधन दोनों ने ही अपनी पूरी ताकत झोंकते हुए जीत के दावे करने शुरू कर दिए हैं। राजनीतिक गलियारों में अभी से चुनावी बिसात बिछ चुकी है और नेताओं के बीच सियासी शह-मात का खेल भी शुरू हो गया है। इसके साथ ही यह सुगबुगाहट भी तेज हो गई है कि आजसू (AJSU) और जेएलकेएम (JLKM) जैसी पार्टियां भी इस चुनावी दंगल में कूदने की पूरी तैयारी कर रही हैं, जिससे मुकाबला बेहद दिलचस्प होने के आसार हैं।
झामुमो के उम्मीदवार ही दर्ज करेंगे प्रचंड जीत, विपक्ष की कोई चाल नहीं आएगी काम: मंत्री योगेंद्र प्रसाद
झारखंड सरकार के मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने हजारीबाग में मीडिया से बातचीत करते हुए विश्वास जताया कि गिरिडीह की यह सीट हमेशा से झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की पारंपरिक और मजबूत सीट रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बार के उपचुनाव में भी झामुमो का उम्मीदवार ही भारी मतों से विजय प्राप्त करेगा। जैसे ही चुनाव आयोग द्वारा आधिकारिक तौर पर चुनावी बिगुल बजाया जाएगा, वैसे ही पार्टी की ओर से प्रत्याशी के नाम का भी ऐलान कर दिया जाएगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्षी दल चाहे जितनी भी ताकत क्यों न लगा लें, अंततः जीत झारखंड मुक्ति मोर्चा के खाते में ही आएगी।
आजसू के साथ सीट और उम्मीदवारी को लेकर की जाएगी चर्चा: नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी का बयान
दूसरी ओर, मुख्य विपक्षी दल का दावा है कि पार्टी संगठन हमेशा साल के बारह महीने चुनावी तैयारियों में जुटा रहता है और जैसे ही चुनाव की घोषणा होती है, उम्मीदवार का नाम तुरंत सामने आ जाता है। हजारीबाग में पत्रकारों से रूबरू होते हुए नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने दो टूक ऐलान किया कि गिरिडीह उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) अपना मजबूत उम्मीदवार उतारेगी। वहीं, जब उनसे यह सवाल किया गया कि क्या एनडीए गठबंधन में शामिल आजसू पार्टी भी इस सीट पर अपना दावा पेश करने की तैयारी कर रही है, तो उन्होंने जवाब दिया कि इस विषय पर आजसू के साथ बैठकर बातचीत की जाएगी। इस बयान से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि गिरिडीह उपचुनाव को लेकर एनडीए के भीतर अभी तक सीटों के तालमेल पर पूरी तरह आम सहमति नहीं बन पाई है।
दिवंगत सुदिव्य कुमार सोनू ने 2024 के चुनाव में भाजपा के निर्भय कुमार शाहाबादी को दी थी मात, JLKM के वोटों ने भी निभाई थी अहम भूमिका
पिछले गिरिडीह विधानसभा चुनाव के आंकड़ों पर नजर डालें तो जेएलकेएम (JLKM) पार्टी ने दस हजार सात सौ सत्तासी (10,787) वोट हासिल कर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई थी। ऐसे में इस बार के उपचुनाव में जेएलकेएम के उम्मीदवार हार-जीत के समीकरण में एक बेहद निर्णायक और बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। पिछले आम चुनाव में भाजपा के वरिष्ठ नेता निर्भय कुमार शाहाबादी को बेहद करीबी मुकाबले में महज तीन हजार आठ सौ अड़तीस (3,838) वोटों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा था।
एक नजर में गिरिडीह विधानसभा सीट का राजनीतिक सफर, दिवंगत विधायक सुदिव्य कुमार सोनू का रहा है दबदबा
कैबिनेट मंत्री रहे सुदिव्य कुमार सोनू के असामयिक निधन के बाद यह गिरिडीह विधानसभा सीट खाली हुई है, जिसके कारण यहां उपचुनाव होना अनिवार्य हो गया है। वर्ष 2024 के पिछले विधानसभा चुनाव के परिणामों को देखें तो झामुमो के सुदिव्य कुमार सोनू ने भाजपा के निर्भय कुमार शाहाबादी को 3,838 मतों के अंतर से पराजित किया था। उस चुनाव में जेएमएम उम्मीदवार को कुल 94,042 वोट मिले थे, जबकि भाजपा प्रत्याशी को 90,204 वोट प्राप्त हुए थे। इसके अलावा, तीसरे विकल्प के रूप में उभरे जेएलकेएम को 10,787 मतदाताओं का समर्थन मिला था।
संघर्ष के बाद 2019 में पहली बार विधानसभा पहुंचे थे सुदिव्य कुमार, लगातार दो हार के बाद दर्ज की थी ऐतिहासिक जीत
दिवंगत सुदिव्य कुमार के राजनीतिक जीवन की बात करें तो उन्होंने सबसे पहले वर्ष 2009 में गिरिडीह विधानसभा सीट से चुनावी किस्मत आजमाई थी, इसके बाद 2014 के चुनाव में भी वे झामुमो के टिकट पर मैदान में उतरे थे, लेकिन दोनों ही बार उन्हें सफलता हाथ नहीं लगी थी। वर्ष 2014 के चुनाव में भाजपा के निर्भय कुमार शाहाबादी ने इस सीट पर कब्जा जमाया था। लगातार दो बार असफलता मिलने के बावजूद सुदिव्य कुमार ने हिम्मत नहीं हारी और जनता के बीच डटे रहे। उनकी मेहनत रंग लाई और 2019 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा के निर्भय कुमार शाहाबादी को शिकस्त दे दी। उस चुनाव में उन्हें 80,871 वोट मिले थे, जबकि भाजपा प्रत्याशी को 64,987 वोट ही मिल पाए थे। इस शानदार जीत के साथ वे पहली बार विधायक बनकर विधानसभा पहुंचे थे।
2024 में दोबारा दर्ज की थी बड़ी जीत, हेमंत सोरेन सरकार में बने थे कैबिनेट मंत्री
अपनी लोकप्रियता और जनआधार को बरकरार रखते हुए सुदिव्य कुमार ने वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में गिरिडीह सीट से एक बार फिर धमाकेदार जीत हासिल की। इस चुनाव में उन्हें कुल 94,042 वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंदी भाजपा के निर्भय कुमार शाहाबादी को 90,204 वोट प्राप्त हुए। इस प्रकार उन्होंने लगातार दूसरी बार इस सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा। उनकी इस राजनीतिक सफलता के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार में उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपते हुए कैबिनेट मंत्री बनाया गया था, और अब उनके निधन के बाद खाली हुई इस सीट पर होने वाला आगामी उपचुनाव सभी दलों के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है।
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