Ramgarh Blast News: रजरप्पा के आयरन एंड स्टील प्लांट की भट्ठी में जोरदार धमाके, कई किलोमीटर तक गूंजी आवाज; ग्रामीणों में दहशत
रामगढ़: झारखंड के रामगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाले रजरप्पा थाना क्षेत्र के मायल गांव से एक बड़ी और दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां स्थित एक निजी आयरन एंड स्टील प्राइवेट लिमिटेड की भट्ठी के भीतर अचानक एक के बाद एक तीन से चार बेहद शक्तिशाली धमाके हुए। इन विस्फोटों की गूंज इतनी भीषण थी कि इसकी आवाज आसपास के कई किलोमीटर के दायरे तक साफ सुनाई दी, जिसके चलते स्थानीय ग्रामीणों के बीच भारी दहशत और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। इस खतरनाक घटना ने एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
धमाके के बाद प्रबंधन ने तत्काल बंद किया प्लांट, ड्यूटी पर पहुंचे मजदूरों को मुख्य गेट से ही वापस लौटाया गया
विस्फोटों की गूंज सुनने के तुरंत बाद फैक्ट्री परिसर के भीतर और बाहर खलबली मच गई। स्थिति की नजाकत को भांपते हुए प्लांट के प्रबंधन ने तुरंत प्रभाव से पूरे प्लांट को बंद करने का निर्णय लिया। इस दौरान अपनी ड्यूटी पर पहुंचे कामगारों और मजदूरों को मुख्य प्रवेश द्वार से ही वापस उनके घरों के लिए लौटा दिया गया। हालांकि, स्थानीय ग्रामीणों द्वारा इस हादसे में कुछ मजदूरों के घायल होने की आशंका जताई जा रही है, परंतु इस संबंध में घायलों की सटीक संख्या या उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आ सकी है।
भट्ठी के संचालन में तकनीकी लापरवाही के आरोप, मेंटेनेंस टीम की चेतावनी को नजरअंदाज किए जाने की चर्चा
इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद भट्ठी के संचालन और रखरखाव को लेकर कई गंभीर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। स्थानीय स्तर पर यह आरोप लगाया जा रहा है कि संबंधित भट्ठी पहले से ही तकनीकी रूप से खराब स्थिति में थी और मेंटेनेंस टीम द्वारा दी गई चेतावनियों को भी पूरी तरह नजरअंदाज किया गया था। जानकारों के अनुसार यह औद्योगिक सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी का मामला हो सकता है, हालांकि इन तमाम आरोपों की स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
कंपनी के गेट पर बोर्ड तक न होने से सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
इस भीषण विस्फोट के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने फैक्ट्री की संपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक इंतजामों पर भी कड़े सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि मुख्य प्रवेश द्वार पर कंपनी के नाम का स्पष्ट बोर्ड तक नहीं लगाया गया है, जिससे वहां के सुरक्षा प्रावधानों, आपातकालीन प्रणालियों और काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर संदेह पैदा होना स्वाभाविक है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की जाए तथा यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
फैक्ट्री सुपरवाइजर ने किसी के हताहत होने से किया इनकार, रजरप्पा थाना प्रभारी बोले— पुलिस कर रही है सभी पहलुओं की गहन पड़ताल
दूसरी ओर, फैक्ट्री के सुपरवाइजर गुलाम रवानी ने मीडिया या अन्य माध्यमों से सामने आ रही हताहतों की खबरों का खंडन करते हुए किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान से इनकार किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरी घटना केवल तकनीकी खराबी के कारण घटित हुई थी। वहीं, मामले की पुष्टि करते हुए रजरप्पा थाना प्रभारी कृष्ण कुमार ने बताया कि पुलिस को भट्ठी में विस्फोट होने की सूचना प्राप्त हो चुकी है। पुलिस बल द्वारा इस घटना से जुड़े तमाम तथ्यों, कारणों और सबूतों की बारीकी से जांच की जा रही है।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.