कवर्धा: छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की शुरुआत 15 नवंबर से, कबीरधाम जिले में प्रशासनिक तैयारियां जोरों पर
कवर्धा: छत्तीसगढ़ राज्य में इस वर्ष समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की शुरुआत आगामी 15 नवंबर से होने जा रही है। इसे लेकर कबीरधाम जिले में जिला प्रशासन और खाद्य विभाग द्वारा तैयारियां युद्धस्तर पर तेज कर दी गई हैं। किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए इस बार जिले में 37 नए धान उपार्जन केंद्र खोले गए हैं, जिसके बाद अब कुल खरीदी केंद्रों की संख्या बढ़कर 145 हो गई है। इसके साथ ही, किसानों की सहूलियत के लिए 48 नई सहकारी समितियों का भी गठन किया गया है। खाद्य विभाग के अधिकारियों का दावा है कि आगामी 10 नवंबर तक सभी खरीदी केंद्रों पर आवश्यक बुनियादी व्यवस्थाएं पूरी तरह से सुनिश्चित कर ली जाएंगी।
एक लाख 10 हजार से अधिक पंजीकृत किसान बेचेंगे धान, टोकन प्रणाली में बदलाव के साथ प्रति एकड़ 21 क्विंटल खरीदी का प्रावधान
खाद्य अधिकारी चंद्रशेखर देवांगन ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि जिले में इस बार कुल एक लाख 10 हजार से अधिक पंजीकृत किसानों से धान की खरीदी की जाएगी। प्रदेश सरकार द्वारा तय किए गए नियमों के अनुसार 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान की खरीदी की जाएगी। किसानों को टोकन प्राप्त करने के लिए लंबी कतारों में न लगना पड़े, इसके लिए इस बार व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। नई व्यवस्था के तहत, दो एकड़ तक की भूमि वाले किसानों को एक टोकन दिया जाएगा, जबकि पांच से दस एकड़ तक भूमि वाले किसानों को दो टोकन प्रदान किए जाएंगे। किसान अपनी सुविधा के अनुसार संबंधित मोबाइल ऐप के माध्यम से आसानी से ऑनलाइन टोकन प्राप्त कर सकेंगे।
धान खरीदी के सुचारू संचालन के लिए पुराने और नए बारदानों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित
धान खरीदी के दौरान बोरियों या बारदानों की किसी भी प्रकार की कमी न खले, इसके लिए विभाग ने पहले से ही पुख्ता इंतजाम कर लिए हैं। इस वर्ष सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) और राइस मिलर्स से प्राप्त होने वाले पुराने बारदानों के साथ-साथ मार्कफेड (Markfed) द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले बिल्कुल नए बारदानों का भी उपयोग किया जाएगा, ताकि किसानों को फसल बेचने में कोई परेशानी न हो।
अवैध धान के परिवहन और भंडारण पर रोक लगाने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में बनाए गए छह चेकपोस्ट
दूसरी तरफ, अन्य पड़ोसी राज्यों या जिलों से अवैध रूप से धान लाकर स्थानीय केंद्रों में खपाने वाले बिचौलियों और तस्करों पर शिकंजा कसने के लिए प्रशासन ने सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। जिले के छह संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं। इन चेकपोस्ट पर तहसीलदार, खाद्य विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों की संयुक्त टीमें तैनात रहेंगी जो आने-जाने वाले वाहनों की सघन जांच करेंगी। इसके अलावा, अवैध भंडारण और परिवहन पर पूर्ण अंकुश लगाने के लिए चौबीसों घंटे गश्त की व्यवस्था भी की गई है।
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