फरीदाबाद में आरटीए विभाग की बड़ी कार्रवाई, नियमों की अनदेखी करने वाले 16 प्रदूषण जांच केंद्रों के लाइसेंस किए सस्पेंड
फरीदाबाद: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में इन दिनों लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण और खराब होती हवा की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने कमर कस ली है। इसी क्रम में हरियाणा के फरीदाबाद जिले में प्रदूषण पर प्रभावी लगाम लगाने के लिए क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (RTA) विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। शहर के विभिन्न पेट्रोल पंपों पर संचालित हो रहे प्रदूषण जांच (पॉल्यूशन चेक) सेंटरों में तमाम अनियमितताएं और गड़बड़ियां पाए जाने के बाद विभाग ने कुल 16 सेंटरों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिए हैं। इसके साथ ही, वायु गुणवत्ता को बिगाड़ने वाले पुराने और अनधिकृत वाहनों के खिलाफ भी चेकिंग अभियान तेज कर दिया गया है।
आरटीए सेक्रेटरी मुनीश सहगल ने दी जानकारी, कुल 206 सेंटरों की जांच के बाद मशीनों में गड़बड़ी मिलने पर की गई यह कार्रवाई
इस संबंध में जानकारी देते हुए आरटीए विभाग के सेक्रेटरी मुनीश सहगल ने बताया कि बढ़ते एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) को नियंत्रित करने के लिए विभाग की विशेष टीमें लगातार औचक निरीक्षण और जांच अभियान चला रही हैं। फरीदाबाद क्षेत्र में कुल 206 पॉल्यूशन चेक सेंटरों की सघन जांच की गई, जिसमें से 16 सेंटरों की मशीनों में तकनीकी गड़बड़ी और नियमों के विपरीत काम पाए जाने पर उनके लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई अमल में लाई गई। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार के निर्देशों के तहत बीएस-6 (BS-VI) मानकों से नीचे के पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ भी प्रशासनिक शिकंजा कसा जा रहा है।
पिछले एक महीने में ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर 500 से अधिक पुराने वाहन किए गए इंपाउंड, परिवर्तन योजना पर भी चल रहा काम
मुनीश सहगल ने बताया कि पिछले एक महीने के दौरान ट्रैफिक पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाते हुए बीएस-1, बीएस-2 और बीएस-3 श्रेणी के लगभग 500 पुराने वाहनों को सड़क से हटाकर इंपाउंड किया गया है। उनके मुताबिक, बीएस-4 मानक तक के कमर्शियल (व्यापारीक) वाहनों के लिए सरकार की ‘परिवर्तन योजना’ पर भी तेजी से काम किया जा रहा है। फरीदाबाद जिले में ऐसे लगभग 18 हजार पुराने वाहनों की पहचान की जा चुकी है, जिन्हें चरणबद्ध तरीके से नियम के दायरे में लाया जा रहा है।
पेट्रोल पंपों पर हाई-टेक कैमरे लगाने की योजना हुई तैयार, बिना वैध प्रदूषण सर्टिफिकेट के नहीं मिलेगा पेट्रोल और डीजल
विभाग की आगामी योजनाओं की जानकारी देते हुए मुनीश सहगल ने बताया कि फरीदाबाद के सभी पेट्रोल पंपों पर निगरानी के लिए कैमरे लगाए जाने की रूपरेखा तैयार कर ली गई है, जिसके लिए निदेशालय स्तर पर टेंडर भी जारी किया जा चुका है। आगामी डेढ़ से दो महीनों के भीतर शहर के सभी पेट्रोल पंपों पर ये कैमरे स्थापित कर दिए जाएंगे, जिनकी मदद से आने-जाने वाले वाहनों की आसानी से पहचान कर उनकी श्रेणी का पता लगाया जा सकेगा। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि वाहन के पास वैध प्रदूषण नियंत्रण (PUC) सर्टिफिकेट नहीं होगा, तो पेट्रोल पंपों पर ईंधन (पेट्रोल-डीजल) नहीं दिया जाएगा और साथ ही भारी चालान भी काटा जाएगा। इसके अलावा, जिन कमर्शियल वाहनों की मियाद पूरी हो चुकी है, उनके मालिकों से अपील की गई है कि वे विभाग द्वारा जारी पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन करवाएं तथा पुराने वाहनों को स्क्रैप करवाकर नए वाहन खरीदने पर मिलने वाली सरकारी छूट का पूरा लाभ उठाएं।
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