Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
पीएम मोदी ने देशवासियों को दी दिवाली की शुभकामनाएं, इस साल भी जवानों के साथ मनाएंगे पावन पर्व भारत में बाल विवाह के आंकड़ों में आई गिरावट, फिर भी पश्चिम बंगाल और बिहार में स्थिति गंभीर— जानें रि... तमिलनाडु के विल्लुपुरम जिले में सामने आया एक बेहद अजीबोगरीब और हैरान करने वाला मामला, एक्स गर्लफ्रें... कर्नाटक के बेलगावी में सनसनीखेज वारदात, एसएसबी जवान प्रेमी ने 23 वर्षीय युवती की गला घोंटकर की हत्या कटिहार में चर्चित शाहरुल अपहरण और हत्याकांड मामला, अदालत ने 6 दोषियों को सुनाई उम्रकैद की सजा कोलकाता में तृणमूल नेता अभिषेक बनर्जी के घर के बाहर भारी हंगामा, ममता बनर्जी ने पुलिस कमिश्नर से मां... भदोही में ऑनर किलिंग का सनसनीखेज मामला, दो भाइयों ने की 12वीं की छात्र बहन की गला घोंटकर हत्या न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में बाल-बाल बची टीम इंडिया, बारिश और DLS नियम के सहारे 4 रन से जीता म... दिवाली 2026 पर घर लाएं सही लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति, जानें खरीदने और स्थापना के जरूरी नियम सोनिया गांधी का बड़ा खुलासा, बाबरी ढांचा गिरते देख रो पड़ी थीं— इंदिरा गांधी की इमरजेंसी को माना गलत...

छत्तीसगढ़ के शासकीय कर्मचारियों को कैशलेस स्वास्थ्य सेवा की सौगात, फेडरेशन ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का किया आभार व्यक्त

रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में शुक्रवार को छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के एक प्रमुख प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सौजन्य मुलाकात की। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों और उनके सभी आश्रित परिजनों के लिए कैशलेस चिकित्सा सेवा की सौगात दिए जाने के बाद, फेडरेशन के सदस्यों ने मुख्यमंत्री के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को कर्मचारी संगठनों की ओर से आयोजित किए जाने वाले भव्य अभिनंदन समारोह में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण भी सौंपा।

कमल वर्मा ने कहा— कैशलेस चिकित्सा सुविधा से कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग हुई पूरी, गंभीर बीमारियों के इलाज में मिलेगी बड़ी राहत

छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से चर्चा करते हुए कहा कि कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदेश के लाखों अधिकारी-कर्मचारियों की एक बहुत पुरानी और प्रमुख मांग थी। इस योजना के धरातल पर उतरने से विशेष रूप से गंभीर बीमारियों के इलाज और अचानक आने वाली चिकित्सीय आपातकालीन (आकस्मिक उपचार) स्थितियों में कर्मचारियों तथा उनके परिवारों को बहुत बड़ी राहत मिल सकेगी। कमल वर्मा ने इस बात पर जोर दिया कि राज्य के शासकीय सेवकों को इस प्रकार की आधुनिक मेडिकल सुविधा मिलना एक ऐतिहासिक कदम है।

इलाज के लिए भारी-भरकम राशि की व्यवस्था और मेडिकल रीइम्बर्समेंट की जटिल प्रक्रियाओं से मिलेगी मुक्ति, लाखों परिवारों को मिलेगा सुरक्षा कवच

फेडरेशन के पदाधिकारियों ने अपनी बात आगे रखते हुए कहा कि पहले कर्मचारियों को किसी भी बड़े इलाज के लिए अपनी जेब से या कर्ज लेकर भारी-भरकम राशि की व्यवस्था करनी पड़ती थी और बाद में लंबी तथा जटिल चिकित्सा प्रतिपूर्ति (मेडिकल रीइम्बर्समेंट) की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था, जिससे उन्हें भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। सरकार के इस फैसले से अब उन तमाम झंझटों से मुक्ति मिलेगी और राज्य के लाखों शासकीय कर्मचारियों तथा उनके आश्रितों को सुदृढ़ स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिल सकेगा। इस दौरान फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा के साथ-साथ पंकज पाण्डेय, सत्येंद्र देवांगन, अश्वनी चेलक, जय कुमार साहू, पीताम्बर पटेल, आलोक मिश्रा और संतोष कुमार वर्मा समेत कई अन्य प्रमुख नेता एवं सदस्य भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.