दुबई में हार्ट अटैक के बाद अनूपपुर के ज्ञानेंद्र तिवारी की वतन वापसी, एयर एंबुलेंस से दिल्ली एम्स में भर्ती
अनूपपुर: मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के निवासी ज्ञानेंद्र तिवारी की आखिरकार अपने वतन सुरक्षित वापसी हो गई है। दुबई में स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद से लगातार अपनों के लौटने की उम्मीद और भारी संघर्ष के बीच उन्हें एयर एंबुलेंस के माध्यम से सकुशल भारत लाया गया है। बेहतर चिकित्सा और देखरेख के लिए उन्हें सीधे दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया है, जहाँ विशेषज्ञ चिकित्सकों की कड़ी निगरानी में उनका उपचार निरंतर जारी है। इससे पहले वे पिछले 15 अक्टूबर से दुबई के अल-जहरा अस्पताल में जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे थे, जिन्हें केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त सहयोग से 5 नवंबर की तड़के दिल्ली लाया गया और तुरंत एम्स पहुंचाया गया।
दोस्तों के साथ घूमने दुबई गए थे ज्ञानेंद्र, अचानक आए कार्डियक अरेस्ट के बाद पिछले 22 दिनों से अस्पताल में लड़ रहे थे जिंदगी की जंग
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अनूपपुर निवासी ज्ञानेंद्र तिवारी अपने कुछ दोस्तों के साथ सैर-सपाटे के लिए दुबई गए हुए थे, जहाँ अचानक उन्हें दिल का दौरा (कार्डियक अरेस्ट) आ गया। उनके पिता राजेंद्र तिवारी एक शिक्षक हैं, और एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते हैं। परिजनों का दर्द साझा करते हुए बताया गया कि दुबई के अल-जहरा अस्पताल में इलाज का प्रतिदिन का खर्च लगभग 4 लाख रुपये आ रहा था, जो कि एक सामान्य परिवार के लिए वहन करना बेहद असंभव और भारी साबित हो रहा था। इलाज के दौरान परिवार अपनी जमापूंजी का एक बड़ा हिस्सा खर्च कर चुका था और वे लगातार मानसिक तनाव से गुजर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रधानमंत्री कार्यालय के विशेष प्रयासों से संभव हुई स्वदेश वापसी, उप मुख्यमंत्री और सांसद ने भी निभाया अहम सहयोग
युवक ज्ञानेंद्र तिवारी की सकुशल स्वदेश वापसी के लिए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से संपर्क साधा गया और आवश्यक प्रशासनिक समन्वय स्थापित किया गया। इसके अलावा, प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल तथा शहडोल क्षेत्र की सांसद हिमाद्री सिंह ने भी ज्ञानेंद्र को सुरक्षित भारत लाने और दिल्ली के बड़े अस्पताल में उनका उच्च स्तरीय उपचार सुनिश्चित करवाने के लिए हरसंभव प्रयास किए। उनके रिश्तेदार देवेंद्र तिवारी ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “ज्ञानेंद्र की वतन वापसी को लेकर पूरा परिवार गहरी चिंता में डूबा हुआ था। इस कठिन समय में जिनकी ओर से भी मदद का हाथ बढ़ाया गया, उन सभी के प्रति हमारा पूरा परिवार हृदय से आभार व्यक्त करता है।”
15 अक्टूबर को दुबई में पड़ा था दिल का दौरा, विदेशी अस्पताल में लंबे समय तक रहने के बाद परिवार को सता रही थी चिंता
अनूपपुर के मूल निवासी ज्ञानेंद्र तिवारी को गत 15 अक्टूबर को अचानक गंभीर कार्डियक अरेस्ट का सामना करना पड़ा था, जिसके तुरंत बाद उन्हें वहां के स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। विदेश की धरती पर किसी अपने के लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहने के कारण परिवार के सदस्यों की चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही थी। वे किसी भी कीमत पर अपने बेटे को बेहतर और भरोसेमंद इलाज के लिए अपने देश वापस लाना चाहते थे, और आखिरकार सरकारों के त्वरित हस्तक्षेप से उनका यह सपना सच साबित हुआ है।
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