February 24, 2026 9:01 pm
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नीतीश ने कुछ नहीं किया… PK ने बताया उन्होंने क्यों रखा राजनीति में कदम

बिहार में इसी साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, जिसको लेकर तमाम राजनीतिक दल तैयारियों में जुट गए हैं. इस बीच जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर का बयान सामने आया है. उनका का कहना है कि कोविड-19 महामारी के दौरान बिहार में नीतीश कुमार सरकार की कथित असंवेदनशीलता ने उन्हें अपने गृह राज्य में राजनीति में उतरने के लिए प्रेरित किया.

एक पॉडकास्ट में प्रशांत किशोर ने बताया ‘मैंने अपने गृह राज्य बिहार की सेवा करने का मन तब बनाया जब मैंने वैश्विक कोविड महामारी के दौरान यहां सरकार की असंवेदनशीलता देखी. जरा सोचिए, दूसरे राज्यों में बिहारी प्रवासियों को भगाया जा रहा था और उन्हें घर लौटने के लिए हजारों किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा था’.

‘वोट देते समय सावधान रहना चाहिए’

इसके साथ ही सुराज पार्टी के संस्थापक ने ये भी कहा कि लोगों को सितारों की अपील के कारण फिल्म देखने की अपेक्षा नेता के लिए वोट देते समय अधिक सावधान रहना चाहिए. उन्होंने कहा किचुनाव में बहुत कुछ दांव पर लगा होता है. लोग अक्सर कहते हैं कि वो शिक्षा, स्वास्थ्य और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर वोट देंगे, क्योंकि वो सही काम करते हुए दिखना चाहते हैं. लेकिन अंत में वो जाति और धर्म के बहकावे में आ जाते हैं और फिर गलत नेता को वोट दे देते हैं.

‘मुझे पद का लालच नहीं’

इसके साथ ही प्रशांत किशोर ने उन आरोपों को भी खारिज किया है कि उन्होंने सत्ता का आनंद लेने के लिए अपनी खुद की पार्टी बनाई है, जो राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव लड़ेगी. उन्होंने कहा ‘मैंने 2015 के विधानसभा चुनाव में बिहार में महागठबंधन को एक बड़ी जीत दिलाने में मदद की थी. अगर मैं अपने लिए कोई पद चाहता तो मैं वह उसी समय पा सकता था’. 47 साल के प्रशांत किशोर की परामर्श कंसल्टेंसी फर्म आईपीएसी नरेन्द्र मोदी, ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल जैसे कई नेताओं के प्रचार अभियान को संभालने का दावा करती है.

‘सोच-विचार के बाद अपनी पार्टी बनाई’

इसके आगे किशोर ने कहा कि उन्होंने 2021 के पश्चिम बंगाल चुनावों के बाद फैसला किया था कि वह अब चुनाव प्रचार प्रबंधन में शामिल नहीं होंगे. उन्होंने कहा ‘कुछ सोच-विचार के बाद मैंने अपनी खुद की पार्टी बनाई’. इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि ‘बिहार को इसलिए नुकसान उठाना पड़ रहा है क्योंकि उसके नेताओं को लगता है कि अगर वह अच्छा प्रदर्शन नहीं करेंगे तो भी जनता उन्हें वोट देगी. किशोर ने कहा कि उम्मीद है कि उनकी पार्टी बदलाव के लिए उत्प्रेरक बनेगी.

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