February 23, 2026 5:53 pm
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दिल्ली/NCR

क्या कोरोना फिर बनेगा बड़ा खतरा? भारत में एक्टिव मामले 3300 के पार, 8 राज्यों में 100 से अधिक केस

देश में एक बार फिर कोरोना की दस्तक ने चिंता बढ़ा दी है. पिछले कुछ हफ्तों से संक्रमण के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिली है. देशभर में सक्रिय मरीजों की संख्या 3300 के पार पहुंच गई है. विशेषज्ञों का मानना है कि ओमिक्रॉन के नए सब-वैरिएंट JN.1 के फैलने से स्थिति फिर गंभीर हो सकती है. कोरोना के मरीजों में बढ़ोतरी को देखते हुए केंद्र के साथ-साथ राज्य सरकारें भी अलर्ट मोड में आ गई है. देश में 8 राज्य ऐसे हैं जहां कोरोना के मरीजों की संख्या 100 से अधिक पहुंच गई है. इनमें कुछ राज्यों में मौत भी दर्ज की गई है.

पिछले 24 घंटों में देश में कोरोना वायरस संक्रमण से चार और मौतें हुईं. एक दिन पहले सात मौतें हुई थीं. उत्तर प्रदेश, दिल्ली, कर्नाटक और केरल में एक-एक मौत हुई. 1 जनवरी, 2025 से भारत में कोविड-19 से संबंधित 26 मौतें हुई हैं. देशभर में 1435 लोगों को इलाज के बाद छुट्टी भी मिल गई है. लगातार बढ़ रहे मौत के आंकड़े चिंता पैदा कर रहे हैं. यही वजह है कि कई राज्यों में कोरोना वायरस को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. साथ-साथ कोरोना वायरस के रोकथाम के लिए बनाए गए प्रोटोकॉल के पालन का भी निर्देश दिया गया है.

स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, केरल, दिल्ली, गुजरात, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और कर्नाटक ऐसे राज्य हैं जहां 100 से अधिक सक्रिय कोविड-19 मामले दर्ज किए गए हैं. इन राज्यों में कोरोना के मामलों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है, जिससे स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है. देशभर में ऐसे कुल 8 राज्य हैं जहां अब तक 100 से अधिक केस दर्ज किए गए हैं, जिससे संक्रमण का खतरा फिर मंडराने लगा है.

ये हैं वो 8 राज्य जहां, 100 से अधिक मामले

  1. दिल्ली में 375 मामले हैं
  2. गुजरात में 265 मामले हैं
  3. कर्नाटक में 234 मामले हैं
  4. केरल में 1336 मामले हैं
  5. महाराष्ट्र में 467 मामले हैं
  6. तमिलनाडु में 185 मामले हैं
  7. पश्चिम बंगाल में 205 मामले हैं
  8. उत्तर प्रदेश में 117 मामले हैं

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि केरल में सबसे अधिक सक्रिय मामले हैं, जो कुल मामलों का लगभग 40% हिस्सा है. इसके बाद महाराष्ट्र, दिल्ली और गुजरात में भी केसों की संख्या तेजी से बढ़ रही है.

ओमिक्रॉन सब-वैरिएंट JN.1 का प्रसार

विशेषज्ञों के अनुसार, ओमिक्रॉन का सब-वैरिएंट JN.1, जो पहले केरल में पाया गया था, हाल ही में अन्य राज्यों में भी फैल रहा है. इससे संक्रमण दर में वृद्धि हो रही है और स्वास्थ्य अधिकारियों को सतर्क रहने की आवश्यकता है. माना जा रहा है कि कोरोना का ये जेएन1 वैरिएंट पहले के बाकी वायरसों की तुलना में ज्यादा तेजी से फैल रहा है इसलिए मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है.

कर्नाटक सरकार ने छात्रों के लिए जारी एडवाइजरी

राज्य में कोविड-19 की स्थिति और स्कूलों के फिर से खुलने के मद्देनजर, कर्नाटक सरकार ने अभिभावकों से कहा है कि अगर उनके बच्चों में बुखार, खांसी, जुकाम और अन्य लक्षण हैं, तो उन्हें स्कूल न भेजें. शुक्रवार देर रात जारी सर्कुलर में समाचार एजेंसी पीटीआई के हवाले से कहा गया है कि अगर स्कूली बच्चों में बुखार, खांसी, जुकाम और अन्य लक्षण पाए जाते हैं, तो बच्चों को स्कूल न भेजें और डॉक्टर की सलाह के अनुसार उचित उपचार और देखभाल के उपाय अपनाएं.

स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि अगर बच्चे बुखार, खांसी, जुकाम और अन्य लक्षणों के साथ स्कूल आते हैं, तो उनके माता-पिता को सूचित करें और उन्हें घर वापस भेज दें. विभाग ने कहा कि अगर स्कूल के शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों में ये लक्षण पाए जाते हैं, तो उन्हें उचित एहतियाती उपाय अपनाने की सलाह दी जानी चाहिए.

क्या करें आम लोग?

  • मास्क पहनें और भीड़भाड़ से बचें
  • हाथ धोने की आदत बनाए रखें
  • हल्के लक्षणों को भी नजरअंदाज न करें
  • वैक्सीन की बूस्टर डोज समय पर लगवाएं
  • केंद्र सरकार पूरी तरह तैयार

बढ़ते कोविड-19 मामलों के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य और आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव ने शुक्रवार को आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है. समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में मंत्री जाधव ने कहा कि हमारा केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग और आयुष मंत्रालय पूरी तरह सतर्क है। हम सभी राज्यों में कोविड की स्थिति पर लगातार बारीकी से नजर रख रहे हैं.

सरकार बोली- किसी भी स्थितियों से निपटने में सक्षम

जाधव ने बताया कि सरकार ने पिछली कोविड लहरों से मिले अनुभव के आधार पर तैयारियां तेज कर दी हैं. उन्होंने कहा कि हमने पहले से स्थापित ऑक्सीजन प्लांट, आईसीयू बेड, और अन्य बुनियादी स्वास्थ्य ढांचे की समीक्षा कर ली है. हमारी स्वास्थ्य प्रणालियां पूरी तरह तैयार हैं और किसी भी उभरती स्थिति से निपटने में सक्षम हैं.

मंत्री ने बताया कि केंद्र ने राज्य स्तरीय स्वास्थ्य सचिवों, आयुष सचिवों और संबंधित मंत्रियों से भी बातचीत की है. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी संभावित स्वास्थ्य संकट से निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर तालमेल बना रहे.

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