February 25, 2026 7:47 pm
ब्रेकिंग
वनांचल क्षेत्रो के विकास को नई रफ्तार सभी वर्ग व क्षेत्रो का समावेश- विधायक गोमती साय Dog Bite Death: आवारा कुत्ते के काटने से डरे बैंक कर्मचारी ने किया सुसाइड, छोड़ा सुसाइड नोट Amit Shah Bihar Visit: सीमांचल में डीएम-एसपी की अहम बैठक करेंगे अमित शाह, जानें पूरा एजेंडा विवादों में लव स्टोरी: 60 साल के प्रिंसिपल संग भागकर रचाई शादी, 3 दिन बाद ही मां बन गई शाइस्ता! Crime News: पति की हत्या कर ब्लीचिंग पाउडर और नमक से ड्रम में शव गला रही थी पत्नी Jharkhand News: एयर एंबुलेंस क्रैश में जान गंवाने वाला मरीज संजय कौन था? जानें पूरी कहानी Weather Update: दिल्ली-NCR में बढ़ा तापमान, यूपी-बिहार समेत 10 राज्यों में गर्मी का अलर्ट Ramadan 2026- साल में दो बार आएगा रमजान का महीना? जानिए कब बनेगा ऐसा दुर्लभ संयोग और क्या है इसके पी... Paneer Shimla Mirch Recipe: शेफ कुनाल कपूर स्टाइल में बनाएं पनीर-शिमला मिर्च की सब्जी, उंगलियां चाटत... Kashmir Encounter News: घाटी में आतंक का अंत! 'ऑपरेशन त्रासी' के तहत सैफुल्ला सहित 7 दहशतगर्द मारे ग...
छत्तीसगढ़

दलित युवती से दुष्कर्म और गर्भपात कराने वाले नबी आलम खान को आजीवन कारावास

रायपुर। एससी-एसटी विशेष न्यायालय रायपुर ने अनुसूचित जाति की एक अविवाहित युवती के साथ विवाह का झांसा देकर लंबे समय तक दुष्कर्म करने और उसकी इच्छा के विरुद्ध गर्भपात कराने के मामले में आरोपी नबी आलम खान को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

प्रकरण के अनुसार, पीड़िता वर्ष 2022 में गुढ़ियारी, रायपुर में किराए से रह रही थी। वहीं उसकी मुलाकात आरोपी से हुई, जिसने उसे नौकरी और रहने के लिए मकान दिलाने का लालच दिया। आरोपी ने 15 जून 2022 से 9 सितंबर 2023 तक बार-बार पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध बनाए। विवाह का प्रलोभन देकर पीड़िता को अपने वश में रखा और जब वह गर्भवती हुई तो जबरदस्ती गर्भपात की दवाई खिलाकर उसका गर्भपात कराया।

अदालत में अभियोजन पक्ष ने 14 गवाहों के साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिसमें पीड़िता, चिकित्सक, मकान मालिक और अन्य प्रत्यक्षदर्शी शामिल थे। विशेष सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार सिन्हा ने कहा कि आरोपी ने पीड़िता की जातीय स्थिति और सामाजिक परिस्थिति का फायदा उठाकर गंभीर अपराध किया है, जिसमें कोई उदारता नहीं बरती जा सकती।

न्यायालय ने नबी आलम को दुष्कर्म की धारा 376(2) में 10 वर्ष, गर्भपात की धारा 313 में 5 वर्ष कठोर कारावास और एससी-एसटी एक्ट की धारा 3(2) के तहत आजीवन कारावास के साथ कुल 5,000 के जुर्माने से दंडित किया। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button