कोईमेंटा पहाड़ी पर मिला माओवादिया का गोला बारूद, मेट्टागुड़ा कैंप से सर्चिंग पर नकली टीम को सफलता

सुकमा: सर्चिंग के दौरान सुरक्षा बलों को एक बड़ी सफलता मिली. कैम्प मेट्टागुड़ा से निकले सुरक्षाबलों ने संयुक्त अभियान के दौरान कोईमेंटा पहाड़ी इलाके में नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक और लोहे के सामान बरामद किए हैं. शक जताया जा रहा है कि नक्सली किसी बड़ी वारदात को अंजाम देन की फिराक में ये हथियार और सामान जमा कर रहे थे.
नक्सलियों का गोला बारूद बरामद: पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने बताया कि नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर 203 कोबरा वाहिनी, 241 बस्तर बटालियन सीआरपीएफ और जिला बल की संयुक्त टीम ग्राम बोटेलंका, ईरापल्ली, कोईमेंटा और दारेली इलाके की ओर रवाना हुई. अभियान के दौरान कोईमेंटा पहाड़ी क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों को नक्सलियों का डम्प सामान मिला.
पहाड़ पर छिपाकर रखा था हथियार: माओवादियों ने जो सामान पहाड़ पर छिपाकर रखा था उसमें कंट्रीमेड रायफल, बीजीएल लांचर, बीजीएल बैरल, विस्फोटक सामग्री, बड़ी मात्रा में आयरन क्लैम्प, पोल एंगलर और लोहे की छड़ों के साथ साथ काली वर्दी, एम्युनेशन पाउच और इलेक्ट्रॉनिक सामान शामिल है.
बड़ी नक्सली साजिश का जताया जा रहा शक: सुरक्षाबलों को शक है कि बरामद सामग्री का इस्तेमाल नक्सली सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने और आईईडी विस्फोट जैसी वारदातों को अंजाम देने के लिए जमा किया गया. सुरक्षाबलों ने बरामद सामान को जिला मुख्यालय लाया. पूरे अभियान में शामिल सभी जवान सुरक्षित कैंप लौट आए हैं.
कोबरा बटालियन: इस संयुक्त कार्रवाई का नेतृत्व 203 कोबरा वाहिनी के कमाण्डेंट पवन कुमार सिंह और डिप्टी कमाण्डेंट प्रवीन कुमार ने किया. अधिकारियों ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में लगातार नक्सल उन्मूलन अभियान चलाया जा रहा है. यह बरामदगी नक्सलियों की बड़ी साजिश को नाकाम करने में मील का पत्थर साबित होगी. बरामद हथियार और सामग्री से साफ है कि नक्सली सुरक्षा बलों के खिलाफ बड़े हमले की योजना बना रहे थे, लेकिन जवानों की सतर्कता और संयुक्त कार्रवाई से उनके मंसूबे विफल कर दिया.
31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने की योजना: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और सीएम विष्णु देव साय कह चुके हैं कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद का खात्मा कर दिया जाएगा. तय समय सीमा में नक्सलवाद के खात्मे के लिए फोर्स लगातार सर्चिंग ऑपरेशन को तेज करती जा रही है. नक्सलियों के कोर एरिया में भी जवान जाकर सर्चिंग अभियान को अंजाम दे रहे हैं. बस्तर में विकास के कामों को गति देकर भी नक्सलियों पर दबाव बढ़ाया जा रहा है. सरकार ने नई सरेंडर पॉलिसी भी लाई है जिसके तहत माओवादियों को समाज की मुख्य धारा में शामिल होने के लिए बेहतर मौके पर सुविधाएं दी जा रही हैं.





