मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जुड़वा बच्चों के जन्म के बाद प्रसूता की मौत, लापरवाही के आरोप पर हंगामा

कोरबा: मेडिकल कॉलेज अस्पताल, कोरबा में जुड़वा बच्चियों को जन्म देने के बाद प्रसूता की मौत हो गई. इलाज के लिए प्रसूता को रविवार को अस्पताल में भर्ती करवाया गया था. जिसकी तबीयत बिगड़ने के बाद सोमवार की सुबह मौत हो गई है.
परिजनों ने बताया कि जब महिला को डिलीवरी के लिए अस्पताल लाया गया था तब वह बिल्कुल स्वस्थ थी.परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के चिकित्सक और मौके पर मौजूद नर्स द्वारा उन्हें लगातार परेशान किया गया. इलाज में घोर लापरवाही बरती गई है.
“डॉक्टर की लापरवाही से गई पत्नी की जान” : मृतका के पति कीर्तन लाल साहू ने बताया “मैं पत्नी की मौत का जिम्मेदार पूरी तरह से डॉक्टर को मानता हूं. जब पत्नी भर्ती हुई तब पूरी तरह से स्वस्थ थी. इसके बाद मुझे ब्लड की जरूरत पड़ेगी, कभी प्लेटलेट्स, प्लाज्मा की जरूरत पड़ेगी. ऐसा बोलकर दौड़ाया गया. चार-पांच घंटे तक हम लोग काफी परेशान रहे. फिर कहा गया कि बच्चेदानी को निकालना पड़ेगा, जान का खतरा है. एक पेपर पर साइन करवाया गया. मैंने कहा कि जान बचाइए और इसके बाद सुबह पत्नी की मौत हो गई. हमें कुछ नहीं बताया जा रहा है कि क्या हुआ है. अस्पताल के ब्लड बैंक में ब्लड नहीं है. यहां कोई व्यवस्था नहीं है. सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है.”
“लगातार ब्लीडिंग होने के बाद सुबह कार्डिएक अरेस्ट” : मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रसूति रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ आदित्य सिसोदिया ने कहा “एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना घट गई है. नंदिनी साहू की यह पहली डिलीवरी थी. जिसने दो जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया. रविवार के दोपहर 12:00 बजे उसे एडमिट कराया गया था. डिलीवरी सिजेरियन से हुई. इसके बाद ब्लीडिंग रुक नहीं रही थी. इसे हम पोस्टमॉर्टम ब्लीड कहते हैं. कई बार ऐसी स्थिति निर्मित हो जाती है, महिला का ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ था. ब्लड ग्रुप भी नेगेटिव ग्रुप का था. इसलिए खून का इंतजाम करने को कहा गया था. चूंकि जब ऐसी स्थिति निर्मित होती है, तो शरीर में कितना खून है. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. बहुत जल्दी ही काफी अधिक मात्रा में ब्लड लॉस हो जाता है. रात को वह स्टेबल हुई थी. लेकिन सुबह अचानक कार्डिएक अरेस्ट आने से उसकी मौत हो गई.”
पोस्टमॉर्टम की वीडियोग्राफी, जांच के आदेश : मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सहायक अधीक्षक डॉ रविकांत जटवार ने कहा कि रविवार को महिला को डिलीवरी के लिए अस्पताल लाया गया था. जिसकी स्थिति बिगड़ने के कारण सोमवार को मौत हो गई है. अधिक ब्लीडिंग होने की बात मुझे बताई गई है. मैंने परिजनों से खुद बात की है, उन्होंने कहा है कि वह पोस्टमॉर्टम की वीडियोग्राफी कराना चाहते हैं. इसके लिए हमने टीम का गठन कर दिया है. पोस्टमॉर्टम की वीडियोग्राफी होगी. परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया है. उनकी मांग पर पूरे मामले के जांच के आदेश दिए गए हैं.





