”मुझसे नहीं हो पाया, आई एम सॉरी पापा”: MBBS के छात्र ने हॉस्टल में दी जान

कोरबा: मेडिकल कॉलेज कोरबा के हॉस्टल में एमबीबीएस स्टूडेंट हिमांशु कश्यप (उम्र 22) का शव मिला है. हिमांशु हॉस्टल के कमरा नंबर ए 13 में रहता था. हिमांशु ने ऐसा कदम क्यों उठाया इसकी वजह स्पष्ट नहीं है, इस हादसे के बाद मेडिकल कॉलेज प्रबंधन सकते में है. हिमांशु के सहपाठी और परिजनों में शोक की लहर है. शनिवार को यह घटना सामने आई. मेडिकल कॉलेज की ओर से छात्र के परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है. मृतक छात्र मूलतः बिलासपुर जिले के रहने वाला था.
एमबीबीएस स्टूडेंट ने दी जान: एमबीबीएस स्टूडेंट हिमांशु का परिवार बिलासपुर जिले में रहता है. घटना सूचना मिलते ही परिवार के लोग कोरबा पहुंच गए. परिजन जबतक नहीं पहुंचे थे तबतक कमरे को सील कर रखा गया था. परिजनों की मौजूदगी में बाकी की कानूनी प्रक्रिया को पूरा किया गया. हिमांशु जिस कमरे में था उस कमरे में एक और छात्र उसका रुममेट था. शनिवार से एमबीबीएस की परीक्षाएं चल रही हैं. परीक्षा का वक्त सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक का था. लेकिन हिमांशु कश्यप परीक्षा में शामिल होने शनिवार को नहीं पहुंचा. हिमांशु कश्यप कमरे पर ही रुक गया. शक जताया जा रहा है कि हिमांशु ने उसी दौरान अपनी जान दे दी.
क्लासमेट पहुंचे कमरे पर तो देखा अंदर का नजारा: परीक्षा खत्म होने के बाद हिमांशु के साथी उसे खोजते हुए उसके कमरे तक पहुंचे. छात्रों ने पाया कि कमरा अंदर से बंद पड़ा है. कई बार आवाज देने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला तब कुछ छात्र हॉस्टल के पीछे की खिड़की की तरह गए. वहां से झांककर देखा तो पाया कि हिमांशु का शरीर बेसुध लटका पड़ा है. छात्रों ने तत्काल इसकी सूचना मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को दी. इसके बाद मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने इसकी सूचना सिविल लाइन थाना पुलिस को दी.
कुछ सब्जेक्ट में बैक लगने की बात आई सामने: हिमांशु ने इतना घातक कदम क्यों उठाया फिलहाल से साफ नहीं हो पाया है. हिमांशु एमबीबीएस का सीनियर छात्र रहा लेकिन फर्स्ट ईयर के कुछ सब्जेक्ट में उसके बैक लगे थे. शक जताया जा रहा है कि इस वजह से वो शायद तनाव में रहा होगा. पुलिस सभी एंगल से जांच और पूछताछ कर रही है. हादसे के बाद से मेडिकल कॉलेज स्टूडेंट्स में मातम का माहौल है.
अभी फर्स्ट ईयर की परीक्षाएं चल रही हैं. तीन पेपर हो चुका है. शनिवार को चौथा पेपर था. लेकिन छात्र परीक्षा देने नहीं आया. तब हमने पता करना शुरू किया. पता चला कि उसके रूम का दरवाजा बंद है. बच्चों ने पीछे से जाकर देखा तो पता चला कि उसने अनहोनी कर ली है. परिजनों को भी इन्फॉर्म कर दिया गया है. जो पहुंच रहे हैं, आगे के वैधानिक कार्रवाई पुलिस पूरी कर रही है. छात्र मूलत: बिलासपुर का रहने वाला था. सीनियर बैच का था, लेकिन बैक लगने के कारण वह फर्स्ट ईयर की परीक्षा भी दे रहा था. अटेंडेंस भी शॉर्ट थे, फिलहाल इतना ही पता चला है. आगे की जांच करवाई पुलिस कर रही है: गोपाल कंवर, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, मेडिकल कॉलेज अस्पताल कोरबा
मौके से मिला छात्र का लिखा नोट: जिस कमरे से छात्र का शव मिला है उस कमरे से एक लेटर भी बरामद हुआ है. बरामद लेटर में लिखा है, “मुझसे नहीं हो पाया, आई एम सॉरी पापा”.
24 वर्षीय हिमांशु कश्यप सिविल लाइंस पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत कॉलेज परिसर में स्थित अपने छात्रावास के कमरे में मृत मिला. आज सुबह जब वो परीक्षा देने नहीं पहुंचा तो उसके साथियों ने कमरे में झांककर देखा तो पाया कि वो भीतर अचेत पड़ा है. दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला गया: भूषण एक्का, नगर पुलिस अधीक्षक, कोरबा
शव को पीएम के लिए भेजा गया: पंचनामे की कार्रवाई की बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है. कॉलेज के डीन डॉ. केके सहारे ने बताया कि कश्यप 2024 की प्रथम वर्ष की परीक्षा में फेल हो गया था और इस साल दोबारा परीक्षा दे रहा था. डीन ने कहा कि “ऐसा लगता है कि परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन न कर पाने के दबाव के कारण उसने यह कदम उठाया.





