February 13, 2026 1:46 am
ब्रेकिंग
Goa Voter List 2026: गोवा की फाइनल वोटर लिस्ट 14 फरवरी को नहीं होगी जारी, चुनाव आयोग ने बदली तारीख सोनम वांगचुक मामला: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया हलफनामा, रिहाई की मांग का किया विरो... Patna News: घर में मिली हाई कोर्ट की महिला वकील इंदिरा लक्ष्मी की अधजली लाश, मर्डर या सुसाइड की गुत्... Hardeep Puri vs Rahul Gandhi: एपस्टीन से मुलाकात पर हरदीप पुरी की सफाई, राहुल गांधी के आरोपों को बता... Lucknow Crime News: लखनऊ में बुआ-भतीजे ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, लव अफेयर या पारिवारिक विवाद; जा... Rohit Shetty Case: रोहित शेट्टी मामले में बड़ा खुलासा, अब MCOCA एंगल से जांच करेगी पुलिस Vande Mataram New Rules: वंदे मातरम् को लेकर केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, जानें मुस्लिम धर्मगुरुओं और... Bhagalpur Hospital Controversy: मंत्री लेशी सिंह के बीपी चैकअप पर बवाल, आरोपी डॉक्टर के खिलाफ जांच क... Delhi News: 'जंगलराज' के आरोपों के बीच गरमाई दिल्ली की सियासत, AAP नेताओं ने कानून व्यवस्था को लेकर ... Delhi Metro Phase 4: दिल्ली मेट्रो के 3 नए कॉरिडोर को मंजूरी, 13 स्टेशनों के साथ इन इलाकों की बदलेगी...
उत्तराखंड

हरिद्वार में भूस्खलन… मनसा देवी पहाड़ी का हिस्सा गिरा, मलबे से भीमगोड़ा रेलवे ट्रैक पर यातायात ठप

उत्तराखंड में तबाही मची हुई है. आए दिन भारी बारिश के चलते भूस्खलन, बाढ़, बादल फटने जैसी घटनाएं घट रही हैं. इससे कई लोगों की अब तक जान जा चुकी है. अब हरिद्वार से भूस्खलन की घटना सामने आई है. हरिद्वार की काली मंदिर के पास मनसा देवी पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया, जहां काली मंदिर के पास भीमगोड़ा रेलवे ट्रैक पर मलबा गिरने से देहरादून-हरिद्वार रेल मार्ग पूरी तरह से ठप हो गया.

पहाड़ी का हिस्सा गिरने से मिट्टी और चट्टानों का तेज बहाव भीमगोड़ा रेलवे सुरंग के पास रेलवे ट्रैक पर जमा हो गया है. मलबे की इतनी भारी चपेट में रेलवे ट्रैक पर लगे लोहे के सुरक्षा जाल भी क्षतिग्रस्त हो गए. इस घटना से ट्रेनों का आवागमन ठप हो गया और इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले भी इसी स्थान पर पहाड़ी का बड़ा हिस्सा गिरा था.

मलबा हटाने का काम शुरू

इस घटना की जानकारी स्थानीय प्रशासन को दे दी गई है. हालांकि, राहत की बात ये रही कि इस घटना में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई.मौके पर पहुंची टीमों ने ट्रैक पर पड़े मलबे को हटाने और क्षतिग्रस्त हिस्सों का आकलन करने का काम शुरू कर दिया है. फिलहाल रेल यातायात पूरी तरह से ठप है और कई ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोक दिया गया है. ऐसे में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

लोगों में दहशत का माहौल

कुछ दिन पहले भी इसी पहाड़ी का एक हिस्सा खिसककर नीचे गिरा था, जिससे स्थानीय लोगों में पहले से ही दहशत का माहौल बना हुआ था. लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए प्रशासन पहले ही अलर्ट पर था, लेकिन अचानक ये हादसा हो गया.विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के दौरान पहाड़ों में पानी के लगातार रिसाव और कंपन की वजह से मिट्टी ढीली हो जाती है, जिसके कारण भूस्खलन की घटनाएं आम हो जाती हैं. हरिद्वार जैसे धार्मिक और पर्यटन स्थलों में इस तरह की घटनाएं यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए खतरा साबित हो सकती हैं.

रेलवे ट्रैक सही होने में लगेगा समय

रेलवे विभाग ने फिलहाल मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है, लेकिन ट्रैक पूरी तरह से दुरुस्त होने में समय लग सकता है. अनुमान लगाया जा रहा है कि मलबा हटाने और सुरंग के साथ ट्रैक की मरम्मत होने तक रेल सेवाएं कई घंटों या हो सकता है कि एक-दो दिन तक बाधित रहें. स्थानीय प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें और रेलवे से मिलने वाली आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें.

Related Articles

Back to top button