February 25, 2026 1:42 am
ब्रेकिंग
वनांचल क्षेत्रो के विकास को नई रफ्तार सभी वर्ग व क्षेत्रो का समावेश- विधायक गोमती साय Dog Bite Death: आवारा कुत्ते के काटने से डरे बैंक कर्मचारी ने किया सुसाइड, छोड़ा सुसाइड नोट Amit Shah Bihar Visit: सीमांचल में डीएम-एसपी की अहम बैठक करेंगे अमित शाह, जानें पूरा एजेंडा विवादों में लव स्टोरी: 60 साल के प्रिंसिपल संग भागकर रचाई शादी, 3 दिन बाद ही मां बन गई शाइस्ता! Crime News: पति की हत्या कर ब्लीचिंग पाउडर और नमक से ड्रम में शव गला रही थी पत्नी Jharkhand News: एयर एंबुलेंस क्रैश में जान गंवाने वाला मरीज संजय कौन था? जानें पूरी कहानी Weather Update: दिल्ली-NCR में बढ़ा तापमान, यूपी-बिहार समेत 10 राज्यों में गर्मी का अलर्ट Ramadan 2026- साल में दो बार आएगा रमजान का महीना? जानिए कब बनेगा ऐसा दुर्लभ संयोग और क्या है इसके पी... Paneer Shimla Mirch Recipe: शेफ कुनाल कपूर स्टाइल में बनाएं पनीर-शिमला मिर्च की सब्जी, उंगलियां चाटत... Kashmir Encounter News: घाटी में आतंक का अंत! 'ऑपरेशन त्रासी' के तहत सैफुल्ला सहित 7 दहशतगर्द मारे ग...
मध्यप्रदेश

फूड की दुकान वाले हो जाएं सावधान… MP में समोसा, चाट बेचने पर जा सकते हैं जेल, जानिए क्यों?

सिवनी: मध्यप्रदेश में समोसा, मंगोड़े, चाट, पोहा, मोमोज, डोसा, आलूबंडा, पकौड़े हर किसी को पसंद हैं। सुबह सुबह लोग नाश्ते के तौर पर इन्हें खाते हैं। लेकिन जो भी दुकानदार इन खाद्य सामग्री को बेचते हैं, अब ऐसे दुकानदारों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में समोसा, मंगोड़े, चाट, पोहा, मोमोज, डोसा, आलूबंडा, पकौड़े और चाय जैसी खाद्य सामग्री बेचने वाले सभी दुकानदारों के लिए अब फूड लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है। खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 के तहत बिना लाइसेंस खाद्य कारोबार करना अपराध माना गया है। नियमों का उल्लंघन करने पर 2 से 5 लाख रुपये तक जुर्माना और 6 महीने तक की जेल हो सकती है।

जिले में अब तक 7,500 से अधिक विक्रेताओं को फूड लाइसेंस जारी किया जा चुका है। इनमें से अधिकांश दुकानदारों ने ऑनलाइन आवेदन करके खुद लाइसेंस बनवाया है, जबकि छोटे विक्रेताओं को समय-समय पर आयोजित कैम्पों के जरिए लाइसेंस उपलब्ध कराए गए। इसके बावजूद जिले में हजारों विक्रेता अब भी बिना लाइसेंस के खाद्य सामग्री बेच रहे हैं। इससे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा की जांच प्रभावित हो रही है और उपभोक्ताओं के लिए जोखिम बढ़ रहा है।

90 नमूने पाए गए अमानक
पिछले तीन साल में जिले से 968 खाद्य सैंपल लिए गए, जिनमें से 90 नमूने अमानक पाए गए और संबंधित विक्रेताओं पर जुर्माना लगाया गया। अधिकारियों का मानना है कि अगर जिले के सभी विक्रेताओं के सैंपल लिए जाएं, तो सैकड़ों अमानक खाद्य पदार्थ पकड़े जा सकते हैं। शहर से लेकर गांवों तक बड़ी संख्या में फेरी वाले, ठेला-टपरा और सड़क किनारे दुकानों पर बिना लाइसेंस खाद्य सामग्री बेची जा रही है। आंकड़ों के अनुसार, शहर की 20 दुकानों में से सिर्फ 11 दुकानों के पास ही फूड लाइसेंस था। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब जिले में खाद्य व्यवसाय करने वालों को फूड लाइसेंस लेना ही होगा, अन्यथा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Related Articles

Back to top button