छत्तीसगढ़ शराब घोटाला केस: कोर्ट में पेश हुए चैतन्य बघेल, EOW ने लगाया था गिरफ्तारी के लिए आवेदन

रायपुर: पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की 15 सितंबर को हाई कोर्ट में पेशी हुई जिसमें उन्हें जमानत नहीं मिली. जमानत के लिए जो अर्जी लगाई गई थी कोर्ट ने सुनवाई करते हुए सेशन कोर्ट में आवेदन लगाने के लिए कहा है. वहीं, EOW की ओर से प्रोटेक्शन वारंट को लेकर कोर्ट में आवेदन दिया गया था. इस मामले पर 16 सितंबर को सुनवाई की जाएगी. पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल आबकारी घोटाले के आरोप में गिरफ्तार हुए हैं, 18 जुलाई से वे जेल में हैं.
कोर्ट में पेश हुए चैतन्य बघेल: कोर्ट में पेशी के बाद चैतन्य बघेल के वकील ने कहा कि ”हम लोगों ने जो जमानत अर्जी दी थी उसे हाइ कोर्ट ने एक्सेप्ट नहीं किया है. इसलिए चैतन्य बघेल को फिर से जेल जाना पड़ेगा. EOW ने जो प्रोडक्शन वारंट को लेकर के आवेदन दिया है उस पर 16 सितंबर को सुनवाई होगी”.
EOW ने लगाया गिरफ्तारी के लिए आवेदन: छत्तीसगढ़ शराब घोटाला केस में 18 जुलाई से गिरफ्तार पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की दो बार रिमांड प्रवर्तन निदेशालय को दिया गया था. उसके बाद 14 दिनों की न्यायिक रिमांड में उन्हें भेजा गया था. इसी क्रम में 15 सितंबर को उनके मामले की सुनवाई होनी थी. जिसमें उम्मीद थी की चैतन्य बघेल को इस मामले पर कोई राहत मिल सकती है, लेकिन हाई कोर्ट ने 15 सितंबर को उनकी जमानत को लेकर कहा कि सेशन कोर्ट में जमानत का आवेदन पेश करें.
क्या है छत्तीसगढ़ शराब घोटाला केस: ईडी ने कथित शराब घोटाले में चैतन्य बघेल पर 16 करोड़ 70 लाख रुपये की अवैध कमाई का आरोप लगाया है. ईडी ने यह भी आरोप लगाया है कि चैतन्य बघेल ने इस अवैध कमाई को अपने रियल एस्टेट में इन्वेस्ट किया.
चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस ने की थी आर्थिक नाकेबांदी: चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में आर्थिक नाकेबंदी भी 22 जुलाई को की थी. रायपुर से लेकर बस्तर तक कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे. विपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाया कि वो सियासी फायदे के लिए विपक्ष का चरित्रहनन करने की कोशिश कर रही है.





