चांदामेटा सड़क हादसे के 9 महीने बीते, पीड़ितों को नहीं मिला मुआवजा, सरकार पर उदासीनता के आरोप

बस्तर: छत्तीसगढ़ और ओडिशा बॉर्डर पर स्थित चांदामेटा में 21 दिसंबर 2024 को बड़ा सड़क हादसा हुआ था. इस घटना में 7 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक लोग घायल हो गए थे. इस दर्दनाक हादसे को 9 महीने बीत गए हैं. अब तक चांदामेटा सड़क हादसे के पीड़ितों को मुआवजा नहीं मिल सका है. इनके जख्म अब भी हरे हैं और जिला प्रशासन की तरफ से कोई बड़ी पहल नहीं की गई.
21 दिसंबर 2024 को हुआ था हादसा: 21 दिसंबर 2024 वो काला दिन था, जब चांदामेटा घाट में ग्रामीणों को ले जा रहा वाहन पलट गया. इस हादसे में 07 लोगों की दर्दनाक मौत हुई और 50 से अधिक घायल हो गए. यह घटना चांदामेटा गांव के लोगों को भुलाए नहीं भूलती है. सड़क हादसे का दर्द आज भी ग्रामीणों के जेहन में बसा हुआ है. शासन प्रशासन की उदासीनता ने पीड़ितों की तकलीफ बढ़ा दी है. घटना दुर्घटना और प्राकृतिक मौत के बाद पीड़ितों को समय पर मुआवजा राशि वितरण करने की बात चांदामेटा में फेल हो गई है.
मुआवजे का इंतजार: सड़क दुर्घटना के करीब 09 महीने बीतने के बाद भी पीड़ित ग्रामीणों को मुआवजा राशि नहीं मिली है. मौत के बाद केवल उनके परिजनों को बस्तर सांसद ने 1-1 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की है. यह वही चांदामेटा गांव है, जो बीते साल 2024 में माओवाद मुक्त हुआ था और जहां आजादी के 75 साल बाद पहली बार तिरंगा फहराया गया, स्कूल खोला गया और उसे मतदान केंद्र बनाकर वोटिंग करवाई गई थी.
घटना के चश्मदीद ने बताई दर्दनाक कहानी: चांदामेटा के ग्रामीण श्याम कवासी ने बताया कि 21 दिसंबर 2024 शनिवार को हम साप्ताहिक बाजार के लिए निकले थे. एक वाहन में करीब 65 से 70 लोग सवार थे. इसी दौरान ओवरलोड होने की वजह से वाहन चांदामेटा घाटी में पलट गई. कुल 7 लोगों की मौत हो गई और करीब 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए.
घटना के कुछ दिन बाद चित्रकोट विधायक विनायक गोयल और बस्तर सांसद महेश कश्यप चांदामेटा पहुंचे हुए थे. जिन्होंने केवल 1-1 हजार रुपये की राशि मृत परिवार को दी. आज तक हमें मुआवजे की पूरी राशि नहीं मिल पाई है. हमारी मांग है कि हमे मुआवजा दिया जाए- श्याम कवासी, चांदामेटा के ग्रामीण और हादसे के पीड़ित
इस हादसे में मैंने अपने हाथ की उंगली गंवाई है. घटना के बाद किसी भी जिम्मेदार ने उनसे मुलाकात नहीं की है और ना ही हमें कोई मुआवजा राशि दी गई है- मंगलू, चांदामेटा के ग्रामीण और हादसे के पीड़ित
सर्व आदिवासी समाज ने लिया संज्ञान: इस घटना पर सर्व आदिवासी समाज के संभागीय अध्यक्ष प्रकाश ठाकुर ने संज्ञान लिया है. उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी पहले मिली थी, लेकिन मुआवजा राशि अभी तक नहीं मिलने के बाद दोबारा चांदामेटा गांव का दौरा किया गया. अब जल्द की समाज के द्वारा तहसीलदार, SDM से मुलाकात करके उचित मुआवजा राशि के लिए बातचीत की जाएगी.
हरकत में बीजेपी विधायक: चांदामेटा क्षेत्र के विधायक और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव ने इस घटना पर बयान दिया है. उन्होंने कहा कि मुआवजा राशि अभी तक ग्रामीणों को क्यों नहीं मिली है इस पर बस्तर जिला कलेक्टर और मेडिकल ऑफिसर से बातचीत की जाएगी. इस घटना को लेकर संज्ञान लिया जाएगा और तुरंत कार्रवाई की जाएगी





