बिजली कटौती और आवारा पशुओं से किसान परेशान, कलेक्टोरेट के बाहर किया प्रदर्शन

बेमेतरा : बेमेतरा ब्लॉक के कई गांवों के किसान बिजली बिल में बढ़ोतरी, बिजली कटौती और आवारा मवेशी की समस्या से परेशान होकर कलेक्टर से गुहार लगाई है. मऊ, तुमा, नवागांव, आंदु, घठोली सहित आधा दर्जन गांव के किसान बड़ी संख्या में बेमेतरा कलेक्टोरेट में इकट्ठा हुए. जहां ग्रामीणों के संख्या को देखते हुए सुरक्षा कारणों से उन्हें कलेक्टोरेट के गेट में ही रोक लिया गया.
कलेक्टोरेट के बाहर किसानों का हंगामा : इस दौरान समस्या से परेशान ग्रामीणों ने कलेक्टोरेट के बाहर जमकर हंगामा किया. शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. वहीं अपनी बिजली, पानी और फसल की समस्या लेकर आए ग्रामीणों को बेमेतरा जिला पंचायत के सदस्य हरीश साहू अपना समर्थन दिया है. साथ ही प्रशासन से जल्द समस्या के निराकरण करने की मांग की है.
किसानों की परेशानी : किसानों ने बताया कि वे धान की खेती करते हैं. बारिश अपेक्षाकृत कम हुई है. जिसकी वजह से किसान सिंचाई के लिए बिजली पर निर्भर है. क्षेत्र में बिजली कटौती अत्याधिक होने की वजह से खेतों में सिंचाई नहीं हो पा रही है.जिससे फसल सूख रही है.
दूसरी बड़ी समस्या आवारा मवेशियों की है. मवेशी किसानों की फसल चट कर रहे हैं.जिसके कारण हम दोहरी मार झेलने को मजबूर हैं- कमलेश कुमार मिर्जा, किसान
मामले की गंभीरता को देखते हुए बेमेतरा के कलेक्टर रणबीर शर्मा कलेक्टोरेट से बाहर आए और नाराज किसानों मुलाकात कर उनकी समस्याओं सुनी और मदद का आश्वासन दिया.
किसानों समस्या के संबंध में बिजली कंपनी के अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए है.बिजली बिल की जांच की जाएगी. किसानों के साथ अन्याय नहीं होगा – रणबीर शर्मा,कलेक्टर
आपको बता दें कि बेमेतरा जिले में सबसे कम बारिश दर्ज की गई है. जिसके कारण किसानों को खेतों में सिंचाई के लिए बोरिंग के पानी पर निर्भर रहना पड़ रहा है.लेकिन बेमेतरा जिले के कई गांवों में बिजली की आपूर्ति निरंतर नहीं हो रही है.जिसके कारण जितनी मात्रा में पानी खेतों में फसल के लिए चाहिए वो उसे नहीं मिल रहा है.वहीं बिजली के बढ़े हुए दाम और आवारा मवेशियों के कारण भी किसानों की हालत पतली हो रही है.





