आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान, हर घर स्वदेशी घर घर स्वदेशी, 3 महीने चलेगा अभियान: सीपी जोशी

रायपुर: आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान के राष्ट्रीय सहसंयोजक और राजस्थान के सांसद सीपी जोशी रायपुर दौरे पर रहे. उन्होंने राजधानी रायपुर के भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान को लेकर एक प्रेसवार्ता ली. उन्होंने बताया कि आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान के तहत बड़े पैमाने पर कार्यक्रम होंगे.
“हर घर स्वदेशी घर घर स्वदेशी को मिलेगा बढ़ावा”: सीपी जोशी ने बताया कि ‘हर घर स्वदेशी घर घर स्वदेशी’ अभियान को लेकर पूरे प्रदेश और देश भर में राष्ट्रीय कार्यशाला, प्रदेश की कार्यशाला, फिर जिले की कार्यशाला, फिर मंडल की कार्यशाला आयोजित की जाएगी. 25 सितंबर से लेकर 25 दिसंबर तक यानी तीन महीने में देश भर में कई कार्यक्रम होंगे.
एक जमाना था, जब देश में गेहूं आयात करना पड़ता था. खिलौने को लेकर हम दुनिया पर निर्भर थे. मोबाइल हो, चाहे डिफेंस सेक्टर हो या फिर कोई और दूसरे सेक्टर हों, हम दुनिया पर निर्भर होते गए. लेकिन आज अलग अलग सेक्टरों में भारत में ही कई चीजों का निर्माण हो रहा है- सीपी जोशी, बीजेपी सांसद
“डिफेंस सेक्टर में बढ़ रहा भारत”: सीपी जोशी ने कहा कि डिफेंस सेक्टर में चाहे तमिलनाडु में हो या फिर उत्तर प्रदेश में हो, डिफेंस कॉरिडोर बने. कई उपकरणों का निर्माण देश में ही करना तय किया गया. उसी का यह परिणाम है कि आज भारत हर क्षेत्र में उन्नति और प्रगति कर रहा है.
“सरकार ने टैक्स का किया सरलीकरण”: सीपी जोशी ने कहा कि टैक्स सरलीकरण का काम हुआ है. जीएसटी में देश में पहली बार वन नेशन वन टैक्स पर काम हुआ है. इससे पहले कई प्रकार के टैक्स होते थे. देश की जनता पर और देश के व्यापार पर कई प्रकार का बोझ था. सीपी जोशी ने यह भी कहा कि वन नेशन वन टैक्स का फॉर्मूला इंदिरा जी के समय सामने भी आया, लेकिन उन्होंने वोट बैंक पहले देखा, नेशन फर्स्ट नहीं देखा. लेकिन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को पहले देखा और इस देश के लोगों से इसको आत्मसात करने की अपील की.
आज देश में टैक्सपेयर भी बढ़े हैं. टेक्स जेनरेशन रेवेन्यू भी बढ़ा है. आज हमारे टैक्स भरने वाले लोग, आम आदमी की गरीब की आवश्यकताओं को पूरा करने का एक माध्यम बने हैं- सीपी जोशी, बीजेपी सांसद
सीपी जोशी ने कहा कि जीएसटी रिफॉर्म आने के बाद टैक्स की संख्या में कमी आई. जितना टैक्स कम होगा लोगों की परचेसिंग पावर बढ़ेगी. प्रोडक्शन बढ़ेगा तो रोजगार उत्पन्न होगा. कहीं ना कहीं यह अर्थचक्र देश की उन्नति और प्रगति का माध्यम बनेगा.





