कांग्रेस का तालाबंदी आंदोलन: महंगी बिजली के खिलाफ 3 और 4 अक्टूबर को सभी जिलों में प्रदर्शन

रायपुर: महंगी बिजली की दरों को लेकर सियासत गरमा गई है. कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर बिजली बिल दोगुना करने और जनता पर बोझ डालने का आरोप लगाते हुए प्रदेशभर के बिजली दफ्तरों का घेराव और तालाबंदी करने का ऐलान किया है. 3 और 4 अक्टूबर को यह आंदोलन प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में सभी जिलों में किया जाएगा.
कांग्रेस का तालाबंदी आंदोलन: कांग्रेस ने कहा है कि भाजपा सरकार ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की हाफ बिजली बिल योजना से 400 यूनिट की सीमा खत्म कर दी, जिससे उपभोक्ताओं को भारी नुकसान हुआ। इस फैसले को कांग्रेस ने “राज्य सरकार की प्रायोजित लूट” और “मुनाफाखोरी की नीति” करार दिया.
बिजली के दामों में बेतहाशा बढ़ोतरी के खिलाफ कांग्रेस लगातार चरणबद्ध आंदोलन कर रही है। इसी कड़ी में सभी बिजली दफ्तरों में तालाबंदी की जाएगी. मैं सभी कार्यकर्ताओं और नेताओं से अपील करता हूं कि वे अपने नजदीकी बिजली दफ्तरों में ताला बंदी आंदोलन में शामिल हों: दीपक बैज, पीसीसी चीफ
बिजली बिल हॉफ योजना: कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में 5 साल तक विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए हाफ बिजली बिल योजना लागू की गई थी. इस योजना से 54 लाख घरेलू उपभोक्ता लाभान्वित होते थे और 400 यूनिट तक का बिजली बिल आधा कर दिया जाता था. कांग्रेस का कहना है कि इस योजना ने लगभग हर परिवार को राहत दी थी.
भाजपा शासन में बिल दोगुना: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आरोप लगाया कि मौजूदा भाजपा सरकार में उपभोक्ताओं का औसत बिजली बिल दोगुना हो गया है. हाल ही में आए बिजली बिलों से आम जनता परेशान है और गुस्से में है. कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा – “कोयला हमारा, पानी हमारा, जमीन हमारी और हमें ही महंगे दर पर बिजली बेची जा रही है.”
तालाबंदी आंदोलन का ऐलान: प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने निर्देश दिया है कि 3 और 4 अक्टूबर को जिले के सभी छोटे-बड़े बिजली दफ्तरों का घेराव और तालाबंदी की जाएगी. इस आंदोलन में सांसद, विधायक, पूर्व प्रत्याशी, संगठन के पदाधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि और सोशल मीडिया विंग के कार्यकर्ता भी शामिल होंगे.





