February 23, 2026 2:50 pm
ब्रेकिंग
NCP-SP vs Ajit Pawar: पायलट सुमित कपूर की भूमिका पर उठे सवाल, विधायक ने अजीत पवार विमान हादसे को बता... Indore Crime News: गर्लफ्रेंड हत्याकांड का आरोपी पीयूष पुलिस के साथ पहुंचा घटनास्थल, बताया कैसे 'पाव... Uttarakhand News: कोटद्वार के युवक से मुलाकात के बाद चर्चा में राहुल गांधी, दीपक कुमार ने जिम मेंबरश... Crime News: थप्पड़ का बदला लेने के लिए 10वीं के छात्र पर खूनी हमला, 30 सेकंड में 27 बार गोदा, काट दी... Bharat Taxi Business Model: अमित शाह का बड़ा ऐलान, सिर्फ ₹500 के निवेश से भारत टैक्सी में मिलेगी हिस... रेप केस की FIR पर भड़के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद: बोले- 'BJP पर भरोसा नहीं, दूसरे राज्य की पुलिस... Calcutta High Court Decision: कलकत्ता हाई कोर्ट का सख्त आदेश: बीमारी के अलावा नहीं मिलेगी छुट्टी, जज... Trump Resort Intrusion: डोनाल्ड ट्रंप के रिसॉर्ट में घुसपैठ की कोशिश, सीक्रेट सर्विस ने 20 साल के सं... Business News: होली फेस्टिवल पर इकोनॉमी में उछाल: 80,000 करोड़ रुपये के कारोबार से झूम उठेंगे कारोबा... पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा की उद्योगपति सज्जन जिंदल से मुलाकात; राजपुरा में इस्पात क्षेत्र ...
मध्यप्रदेश

MP में करोड़ों का गबन, ईओडब्ल्यू ने सीएमओ और बड़े अफसरों पर किया केस दर्ज

मंडला/जबलपुर: मध्यप्रदेश में गबन और सरकारी धन के दुरुपयोग का नया मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन में हलचल मचा दी है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) जबलपुर ने नगर परिषद मंडला और भुआ बिछिया में बड़े पैमाने पर गबन के आरोप में प्रभारी सीएमओ समेत दो बड़े अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

 मामला क्या है?

मंडला की नगर परिषद निवास में प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) राजेश मार्को और लेखापाल शिव कुमार झारिया पर सरकारी राशि के गबन का आरोप है। आरोप है कि दोनों ने 3 करोड़ 80 लाख रुपए की एफडी से 15 लाख 50 हजार 892 रुपए की ब्याज राशि अपने फायदे के लिए गबन कर ली।

ईओडब्ल्यू की जांच में यह भी सामने आया कि सहायक ग्रेड-3 दीपक रजक और शिवांशी इंडिया निधि लिमिटेड के संचालक भी इस गबन में शामिल थे।

भुआ बिछिया में भी सरकारी धन का दुरुपयोग

सिर्फ मंडला ही नहीं, भुआ बिछिया नगर परिषद में भी सरकारी धन का गबन हुआ। बताया गया कि दुकान नीलामी से प्राप्त 1 करोड़ रुपए को एफडी में निवेश करने के बाद ब्याज परिषद को न देकर 44 हजार 23 रुपए का गबन कर लिया गया।

 ईओडब्ल्यू की कड़ी कार्रवाई

जबलपुर स्थित ईओडब्ल्यू ने दोनों मामलों में अपराध दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, ये मामले भ्रष्टाचार और शासकीय निधि के दुरुपयोग के गंभीर उदाहरण हैं।

इस मामले से प्रदेश में सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। जनता की निगाह अब ईओडब्ल्यू की कार्रवाई पर टिकी है कि आखिर बड़े अफसरों के खिलाफ कौन-कौन जिम्मेदार पाए जाते हैं।

Related Articles

Back to top button