February 23, 2026 9:17 pm
ब्रेकिंग
Ramadan 2026- साल में दो बार आएगा रमजान का महीना? जानिए कब बनेगा ऐसा दुर्लभ संयोग और क्या है इसके पी... Paneer Shimla Mirch Recipe: शेफ कुनाल कपूर स्टाइल में बनाएं पनीर-शिमला मिर्च की सब्जी, उंगलियां चाटत... Kashmir Encounter News: घाटी में आतंक का अंत! 'ऑपरेशन त्रासी' के तहत सैफुल्ला सहित 7 दहशतगर्द मारे ग... Jabalpur News: जबलपुर के पास नेशनल हाईवे के पुल का हिस्सा ढहा, NHAI ने पल्ला झाड़ा; कहा- यह हमारे अध... बड़ा खुलासा: शंकराचार्य पर FIR कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी का खौफनाक अतीत! रेप और मर्डर जैसे संगीन ... Crime News Bihar: एक क्लिक पर बुक होती थीं लड़कियां, बिहार पुलिस ने उजागर किया मानव तस्करी का 'मामी-... Namo Bharat New Routes: दिल्ली-मेरठ के बाद अब इन 3 रूटों पर चलेगी नमो भारत, जानें नए कॉरिडोर और स्टे... Haryana News: पंचायतों के राडार पर सिंगर मासूम शर्मा, विवादित बयान/गाने को लेकर मचा बवाल, जानें क्या... बड़ी खबर: बिहार के IG सुनील नायक को आंध्र पुलिस ने पटना में किया गिरफ्तार! पूर्व सांसद को टॉर्चर करन... NCP-SP vs Ajit Pawar: पायलट सुमित कपूर की भूमिका पर उठे सवाल, विधायक ने अजीत पवार विमान हादसे को बता...
हिमाचल प्रदेश

पूर्व CM फारूक अब्दुल्ला की बिगड़ी तबीयत… श्रीनगर के अस्पताल में कराया गया भर्ती

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला को शनिवार (4 अक्टूबर) को श्रीनगर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बताया जा रहा है कि 87 साल के फारूक अब्दुल्ला की तबीयत पिछले कुछ दिनों से ठीक नहीं चल रही थी, जिसकी वजह से आज उन्हें अस्पताल में एडमिट कराया गया है.

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं ने जानकारी देते हुए बताया कि जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला को इस सप्ताह की शुरुआत में पेट में संक्रमण हो गया था और उन्हें इलाज के लिए एक निजी अस्पताल ले जाया गया था. पार्टी के एक नेता ने कहा कि’पिछले कुछ दिनों से उनकी (अब्दुल्ला) तबीयत ठीक नहीं थी, हालांकि अब उनकी हालत में सुधार हो रहा है और उन्हें आज या कल छुट्टी मिलने की संभावना है’.

1937 को श्रीनगर में हुआ जन्म

फारूक अब्दुल्ला का जन्म 21 अक्टूबर 1937 को श्रीनगर में हुआ था. वो जम्मू-कश्मीर के कद्दावर नेताओं में शुमार हैं. 87 साल की उम्र में भी वो पूरी तरह से राजनीति में सक्रीय हैं और तमाम मुद्दों पर अपनी बात रखते हैं. उन्होंने अपनी पढ़ाई इंग्लैंड से पूरी की. 1975 में वो इंग्लैंड से भारत लौटे और अपने पिता शेख अब्दुल्लाह की राजनीतिक विरासत संभाला. हालांकि इसमें उनकी ब्रिटिश नागरिकता ने परेशानी खड़ी की लेकिन बाद में उन्हें भारतीय नागरिकता मिल गई जिसके बाद वो राजनीति में आए.

1980 में पहली बार सांसद चुने गए

साल 1980 में फारूक अब्दुल्ला पहली बार बतौर सांसद चुने गए. ये किसी भी चुनाव में उनकी पहली जीत थी. इसके बाद अब्दुल्ला ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. . साल 1982 में वो पहली बार विधायक बने और इसके बाद पांच बार विधायक रहे. 1982 से 83 तक उन्होंने जम्मू-कश्मीर के स्वास्थ्य मंत्री का भी पदभार संभाला.

1983 में बने मुख्यमंत्री

साल 1983 में फारूक अब्दुल्ला को जम्मू-कश्मीर का मुख्यमंत्री चुना गया. इसके बाद वो तीन बार यहां मुख्यमंत्री के पद पर रहे. फरवरी 2009 में वो दूसरी बार राज्यसभा के लिए चुने गए. इसी साल उन्होंने लोकसभा चुनाव में भी जीत दर्ज की. 31 मई 2009 से लेकर मई 2014 तक फारूक केंद्र सरकार में नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री के पद पर रहे. फारूक अब्दुल्ला के बेटे उमर अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर के मौजूदा मुख्यमंत्री हैं.

Related Articles

Back to top button