दुर्ग जिला अस्पताल में जीवन रक्षक दवाओं की किल्लत, मरीजों को निजी मेडिकल भेजा जा रहा

दुर्ग: जिला अस्पताल में बीते कुछ दिनों से जीवन रक्षक और सामान्य इलाज में उपयोग की जाने वाली दवाओं की भारी कमी देखी जा रही है. ब्लड प्रेशर, शुगर और संक्रमण के इलाज में जरूरी कई दवाएं अस्पताल में उपलब्ध नहीं हैं. मरीजों को मजबूरन निजी मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है.
50 से ज्यादा सर्जरी होती: अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 900 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, वहीं अलग-अलग विभागों नाक, कान, गला, आंख, हड्डी, डेंटल और सिजेरियन सहित 50 से अधिक सर्जरी प्रतिदिन की जाती हैं. ऐसे में एंटीबायोटिक दवाएं नहीं होने से मरीजों की रिकवरी में बाधा बन रही है.
सरकार की ओर से भेजी गई दवाएं ही मरीजों को उपलब्ध कराई जाती हैं. कुछ मरीज बाहरी दवाओं की मांग करते हैं, जो अस्पताल के स्टॉक में नहीं हैं– जिला नोडल अधिकारी डॉ. सी.बी.एस. बंजारे
हालांकि नोडल अधिकारी ने दावा किया कि आवश्यक जीवन रक्षक दवाएं अस्पताल में उपलब्ध हैं.





