बिहार में एनडीए की सुनामी, मोदी-नीतीश पर जनता का अटूट भरोसा, कांग्रेस डूबती नाव: वित्त मंत्री ओपी चौधरी
रायपुर: आज पूरे देश की नजर बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम पर है. रुझानों में एनडीए को बड़ी बढ़त मिल रही है. भाजपा और एनडीए गठबंधन के नेता खुश नजर आ रहे हैं और बड़ी जीत को लेकर आश्वस्त नजर आ रहे हैं. छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने भी एनडीए को मिली बढ़त पर खुशी जताई. उन्होंने बिहार की जनता को धन्यवाद दिया. ओपी चौधरी ने यह भी कहा है कि बिहार में एनडीए की जीत सिर्फ बढ़त नहीं, बल्कि आंधी और सुनामी है. मोदी और नीतीश के नेतृत्व पर जनता के अभूतपूर्व विश्वास को उन्होंने विकसित भारत की मजबूत नींव बताया. ओपी चौधरी ने कांग्रेस पर तीखा हमला किया. उन्होंने कांग्रेस को ‘डूबती नाव’ करार दिया.
”मोदी-नीतीश की जोड़ी को मिला ऐतिहासिक जनादेश”: वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि बिहार की जनता ने मोदी की गारंटी, मोदी के राष्ट्रीय नेतृत्व और नीतीश कुमार के राज्य नेतृत्व पर पूरा आशीर्वाद बरसाया है. उन्होंने इसे प्रो इनकंबेंसी का दुर्लभ उदाहरण बताया. चौधरी ने कहा कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद एनडीए को इतना बड़ा जनादेश मिलना बताता है कि देश विकसित भारत की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है.
बिहार, महाराष्ट्र, दिल्ली और हरियाणा जैसे राज्यों में जनता स्पष्ट रूप से समझ रही है कि देश को आगे ले जाना है तो भाजपा और उसके सहयोगियों की सरकार जरूरी है. इसलिए एनडीए को पूरे देश में लगातार आशीर्वाद मिल रहा है-ओपी चौधरी, वित्त मंत्री, छत्तीसगढ़
“सुशासन की जीत, जंगलराज की हार, बिहार ने दिया स्पष्ट संदेश”: ओपी चौधरी ने कहा कि बिहार में सुशासन की स्थापना और जंगलराज के अंत का असर जनता ने सकारात्मक तरीके से महसूस किया है. यही वजह है कि एनडीए को इतने बड़े पैमाने पर समर्थन मिला. उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में हुए विकास के परिणाम अब देशभर में अलग अलग रूपों में नजर आ रहे हैं और आगे भी मिलते रहेंगे.
वोट चोरी के आरोपों पर हमला: वोट चोरी के आरोपों पर कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए ओपी चौधरी ने कहा कि कांग्रेस एक डूबती हुई नाव है, जिसमें बैठे लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर कूद रहे हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने खुद को इंडी और महागठबंधन नाम दिया, लेकिन जनता ने इसे ”महाठगबंधन” साबित कर दिया है. नकारात्मक राजनीति, आरोप-प्रत्यारोप और भ्रम फैलाने की कोशिशों को देश की जनता हर कोने में करारा जवाब दे रही है. बिहार का जनादेश भी इसी का परिणाम है.





