February 24, 2026 10:41 pm
ब्रेकिंग
वनांचल क्षेत्रो के विकास को नई रफ्तार सभी वर्ग व क्षेत्रो का समावेश- विधायक गोमती साय Dog Bite Death: आवारा कुत्ते के काटने से डरे बैंक कर्मचारी ने किया सुसाइड, छोड़ा सुसाइड नोट Amit Shah Bihar Visit: सीमांचल में डीएम-एसपी की अहम बैठक करेंगे अमित शाह, जानें पूरा एजेंडा विवादों में लव स्टोरी: 60 साल के प्रिंसिपल संग भागकर रचाई शादी, 3 दिन बाद ही मां बन गई शाइस्ता! Crime News: पति की हत्या कर ब्लीचिंग पाउडर और नमक से ड्रम में शव गला रही थी पत्नी Jharkhand News: एयर एंबुलेंस क्रैश में जान गंवाने वाला मरीज संजय कौन था? जानें पूरी कहानी Weather Update: दिल्ली-NCR में बढ़ा तापमान, यूपी-बिहार समेत 10 राज्यों में गर्मी का अलर्ट Ramadan 2026- साल में दो बार आएगा रमजान का महीना? जानिए कब बनेगा ऐसा दुर्लभ संयोग और क्या है इसके पी... Paneer Shimla Mirch Recipe: शेफ कुनाल कपूर स्टाइल में बनाएं पनीर-शिमला मिर्च की सब्जी, उंगलियां चाटत... Kashmir Encounter News: घाटी में आतंक का अंत! 'ऑपरेशन त्रासी' के तहत सैफुल्ला सहित 7 दहशतगर्द मारे ग...
मध्यप्रदेश

टाइगर रिजर्व के ऊपर हेलीकॉप्टर उड़ना वन्य जीवों के लिए ठीक नहीं, पायलट ने लिखा सीएम को पत्र

छिन्दवाड़ा : मध्य प्रदेश सरकार ने पीएम श्री पर्यटन हेली सेवा शुरू की है, जिसके चलते मध्य प्रदेश के टूरिस्ट स्पॉट्स पर आसानी से हेलीकॉप्टर के जरिए पहुंचा जा सकता है. इसके साथ ही हेलीकॉप्टर सेवा टाइगर रिजर्व्स के लिए भी शुरू की गई है. लेकिन इसपर चिंता जताते हुए पर्यावरण विद् और पूर्व पायलट कैप्टन बृजेश भारद्वाज ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को एक पत्र लिखा है. उन्होंने हवाई सेवा से टाइगर रिजर्व को होने वाले खतरे का हवाला देते हुए इस सेवा रोकने की मांग की है.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का दिया हवाला, वन्य प्राणियों को होगा नुकसान

पर्यावरण विद् और पूर्व पायलट कैप्टन बृजेश भारद्वाज ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा, ” समय की तात्कालिकता और आवश्यकता को देखते हुए मैं आपको सर्वोच्च न्यायालय के IA 20650 के फैसले के बारे में सूचित करने के लिए लिख रहा हूं, जो मध्य प्रदेश में सतपुड़ा, कान्हा, पेंच और बांधवगढ़ बाघ अभयारण्यों के पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र व बफर क्षेत्रों के अंदर संचालन के लिए पीएम हेलीकॉप्टर सेवा के तहत हेलीकॉप्टर संचालन को प्रभावित करता है.” उन्होंने आगे लिखा, ”हेलीपैड का स्थान बाघ अभयारण्यों की मुख्य क्षेत्र सीमा 200 मीटर के काफी नजदीक है और बाघ अभयारण्य के साइलेन्स ज़ोनकी वैधानिक आवश्यकता (decibel limits) का उल्लंघन करेगा.”1 हजार फीट ऊपर से विमान उड़ाने का नियम

मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में आगे कहा गया है कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय अनुसार, प्रत्येक विमान को टाइगर रिजर्व के हवाई क्षेत्र के ऊपर से 1000 फीट की ऊंचाई से उड़ान भरनी होगी (हेलीकॉप्टर भी एक प्रकार का विमान है, संदर्भ-DGCA). टाइगर रिजर्व के अंदर हेलीकॉप्टर की लैंडिंग इस निर्णय का उल्लंघन होगी. हालांकि, माननीय एनजीटी की मुख्य पीठ, नई दिल्ली ने WII देहरादून की रिपोर्ट के आधार पर उत्तरांचल में 2000 फीट की ऊंचाई निर्धारित की थी.

इस प्रकार हेलीकॉप्टरों द्वारा कोर जोन के सामने उतरकर या ऊपर से उड़ान भरकर शांत क्षेत्र में निर्धारित डेसिबल सीमा का उल्लंघन होगा. एक ओर माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने ESZ सहित संपूर्ण टाइगर रिज़र्व को साइलेंस जोन घोषित करने का आदेश दिया है, और दूसरी ओर टाइगर रिजर्व के ESZ के अंदर हेलीकॉप्टर लैंडिंग का प्रस्ताव दिया जा रहा है, ये दोनों विरोधाभासी हैं.

टाइगर रिजर्व और अभ्यारण्य के बाहर की जाएं हवाई सेवा

पूर्व पायलट कैप्टन बृजेश भारद्वाज ने सुझाव दिया है कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए है हेली सेवा अच्छा प्रयास है लेकिन टाइगर रिजर्व के नियमों का उल्लंघन ना हो इसलिए से बाहर संचालित किया जाना चाहिए, जहां तक वाइल्डलाइफ के शौकीन टूरिस्ट हेलीकॉप्टर से पहुंच भी सकते हैं और आसानी से जंगल सफारी का आनंद भी ले सकते हैं.पचमढ़ी में NGT ने लगाई है रोक

उन्होंने बताया कि पचमढ़ी में भी एक पुरानी हवाई पट्टी थी जिसे व्यापारिक दृष्टि से विस्तारित किया जा रहा था. उसकी खुदाई कर वहां लगे पेड़ और पौधों को काट दिया गया था जिसकी याचिका उन्होंने एनजीटी में दायर की थी. एनजीटी में मामला चलने के बाद ऐसी कोई भी कमर्शिय गतिविधियां रोकते हुए विस्तारीकरण पर भी लोक लगा दी गई. ठीक उसी तरह हेलीकाप्टर सेवा भी कमर्शियल है, इसलिए इस पर भी रोक लगाने सरकार से मांग की गई है.

Related Articles

Back to top button