February 23, 2026 10:53 pm
ब्रेकिंग
Ramadan 2026- साल में दो बार आएगा रमजान का महीना? जानिए कब बनेगा ऐसा दुर्लभ संयोग और क्या है इसके पी... Paneer Shimla Mirch Recipe: शेफ कुनाल कपूर स्टाइल में बनाएं पनीर-शिमला मिर्च की सब्जी, उंगलियां चाटत... Kashmir Encounter News: घाटी में आतंक का अंत! 'ऑपरेशन त्रासी' के तहत सैफुल्ला सहित 7 दहशतगर्द मारे ग... Jabalpur News: जबलपुर के पास नेशनल हाईवे के पुल का हिस्सा ढहा, NHAI ने पल्ला झाड़ा; कहा- यह हमारे अध... बड़ा खुलासा: शंकराचार्य पर FIR कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी का खौफनाक अतीत! रेप और मर्डर जैसे संगीन ... Crime News Bihar: एक क्लिक पर बुक होती थीं लड़कियां, बिहार पुलिस ने उजागर किया मानव तस्करी का 'मामी-... Namo Bharat New Routes: दिल्ली-मेरठ के बाद अब इन 3 रूटों पर चलेगी नमो भारत, जानें नए कॉरिडोर और स्टे... Haryana News: पंचायतों के राडार पर सिंगर मासूम शर्मा, विवादित बयान/गाने को लेकर मचा बवाल, जानें क्या... बड़ी खबर: बिहार के IG सुनील नायक को आंध्र पुलिस ने पटना में किया गिरफ्तार! पूर्व सांसद को टॉर्चर करन... NCP-SP vs Ajit Pawar: पायलट सुमित कपूर की भूमिका पर उठे सवाल, विधायक ने अजीत पवार विमान हादसे को बता...
उत्तराखंड

अर्द्धकुंभ 2027 हरिद्वार: 3 अमृत स्नान की तारीखें क्या हैं? 4 महीने चलने वाले मेले में अखाड़ों के लिए खास व्यवस्था, यहां जानें पूरी डिटेल

उत्तराखंड के हरिद्वार में पहली बार अर्द्धकुंभ के दौरान अमृत स्नान आयोजित किए जाएंगे. यह आयोजन 1 जनवरी 2027 से शुरू होकर 30 अप्रैल 2027 तक चलेगा. पूरे मेले के दौरान दस प्रमुख स्नान होंगे, जिनमें तीन अमृत स्नानों को खास महत्व दिया गया है. शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डामकोटी में सभी अखाड़ों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की. महाकुंभ 2025 से शाही स्नान को ही अमृत स्नान कहा जा रहा है. संतों और अखाड़ों की मांग पर ये बदलाव किया गया है.

साल 2021 में हुए कुंभ मेले में कुल 11 स्नान हुए थे, जिनमें चार शाही स्नान शामिल थे. इस बार अर्द्धकुंभ में शाही स्नानों की संख्या घटकर तीन रह गई है. यानी इस बार मेले में पिछले कुंभ की तुलना में एक शाही स्नान कम होगा. अखाड़ों की व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी अखाड़ों को समान समय दिया जाएगा. हर अखाड़े के लिए स्नान के लिए लगभग 30 मिनट का समय तय किया गया है. एक अखाड़े के स्नान पूरा करने और घाट की सफाई होने के बाद ही अगला अखाड़ा स्नान कर सकेगा.

कब-कब होंगे शाही स्नान?

10 स्नान की तारीख का भी ऐलान कर दिया गया है, जिन तीन अमृत स्नानों में पहला 6 मार्च को महाशिवरात्रि के मौके पर होगा. इसके बाद दूसरा अमृत स्नान 8 मार्च को अमावस्या पर होगा. फिर तीसरा अमृत स्नान 14 अप्रैल को मेघ संक्रांति यानी वैशाखी के मौके पर होगा. इसमें अलावा बाकी के 7 स्नान 14 जनवरी को 2027 को मकर संक्रांति पर, 6 फरवरी 2027 को मौनी अमावस्या पर, 11 फरवरी को बसंत पंचमी पर, 20 फरवरी को माघ पूर्णिमा पर, 7 अप्रैल को नव संवत्सर पर, अप्रैल को रामनवमी पर और फिर 20 अप्रैल को चैत्र पूर्णिमा पर स्नान होंगे.

इसके बाद स्नान पर्वों की तारीखों की घोषणा की गई. सरकार की ओर से आधिकारिक घोषणा का संत समुदाय ने स्वागत किया है. संतों का कहना था कि आधिकारिक ऐलान न होने की वजह से वह अभी तक तैयारियां शुरू नहीं कर पा रहे थे, लेकिन अब वह पूरी तरह से तैयारी में जुट जाएंगे. बैठक में तेरहों अखाड़ों से दोदो सचिव मौजूद रहे.

सभी संतों का फूल मालाओं से किया सम्मान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी संतों को फूल माला पहनाकर और शॉल भेंट कर सम्मानित किया. चर्चा के दौरान सरकार ने संत समाज से मिले सुझावों को मेले की तैयारियों में शामिल करने का भरोसा दिया. संतों ने भी इस अर्द्धकुंभ को पूर्ण कुंभ की तरह भव्य स्तर पर आयोजित करने पर सहमति जताई है. सीएम ने कहा कि कुंभ मेला साधु-संतों की सहभागिता के बिना पूरा नहीं माना जाता.

इसके साथ ही ये भी कहा गया कि सभी अखाड़ों ने सहयोग का आश्वासन दिया है, जिससे इस बार का आयोजन और ज्यादा भव्य और व्यवस्थित होगा. सरकार ने बताया कि संतों की मांगों के आधार पर तैयारियां की जा रही हैं, ताकि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं और साधु-संतों को सभी सुविधाएं सहज रूप से मिल सकें.

Related Articles

Back to top button