स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं: छात्रों का कहना है कि राइस मिल से निकलने वाले धुएं और राखड़ से गले में दर्द होता है. कई बार आंखों में भी धुल जाती है जिससे जलन होती है. कुछ छात्रों ने तो यहां तक कहा कि कभी-कभी उल्टी और खुजली भी होती है. इससे पढ़ाई प्रभावित होती है.
काला राखड़ कई बार हमारी आंखों में जमता है तो खुजली होती है, हमेशा डॉक्टर के पास जाना पड़ता है, इसलिए स्कूल यहीं रहे और राइस मिल को हटाया जाए– छात्रा करीना बघेल
राइस मिल के इस धुएं और राखड़ के बीच पढ़ाई नहीं हो पा रही है, बहुत गंदी बदबू भी आती है. प्लीज इसे हटाया जाए.- छात्रा देविका साहू
स्कूल के पेड़-पौधे भी बयां कर रहे हकीकत: नगर पंचायत पलारी के स्कूल परिसर में लगे पेड़ पौधों में राखड़ जमा हो गई है. पत्तियां काली पड़ गई हैं जो बयां कर रही है कि पेड़ पौधों की हालत ऐसी है तो बच्चों के हालत कैसी होगी.
क्लास रूम तक बदलनी पड़ी: स्कूल की प्रधान पाठिका पुष्पलता साहू ने बताया कि इतनी असहनीय बदबू होता है कि हमें तो राइस मिल तरफ वाले कमरे को दूसरी तरफ शिफ्ट तक करना पड़ रहा है, बच्चे काफी परेशान रहते हैं.
हमारे स्टाफ के कुछ साथी भी संघर्ष नहीं कर पा रहे, नाक हमेशा रुमाल से ढंकना पड़ रहा है, बच्चों को आए दिन अस्पताल की जरूरत पड़ती है, मैंने एहतियात के लिए सभी को मास्क लगाकर विद्यालय आने कहा है– पुष्पलता साहू, प्रधान पाठक
कलेक्टर ने लिया संज्ञान: बच्चों और स्टाफ का कहना है कि राइस मिल हटाई जाए. इसके लिए कई बार शिकायत भी की गई है. कई शिकायतों और रिपोर्टर के सवालों के बाद अब जिला प्रशासन ने संज्ञान लिया है. कलेक्टर दिव्या मिश्रा का कहना है अधिकारियों को मौके पर जाकर निरीक्षण करने के लिए कहा है.
इधर, पिछले दो साल से ग्रामवासी इसकी लड़ाई लड़ रहे हैं मामला विधानसभा तक में गूंजा है लेकिन गांव वालों का कहना है कि रसूखदारों के कारण कार्रवाई नहीं हो रही.