February 25, 2026 12:03 am
ब्रेकिंग
वनांचल क्षेत्रो के विकास को नई रफ्तार सभी वर्ग व क्षेत्रो का समावेश- विधायक गोमती साय Dog Bite Death: आवारा कुत्ते के काटने से डरे बैंक कर्मचारी ने किया सुसाइड, छोड़ा सुसाइड नोट Amit Shah Bihar Visit: सीमांचल में डीएम-एसपी की अहम बैठक करेंगे अमित शाह, जानें पूरा एजेंडा विवादों में लव स्टोरी: 60 साल के प्रिंसिपल संग भागकर रचाई शादी, 3 दिन बाद ही मां बन गई शाइस्ता! Crime News: पति की हत्या कर ब्लीचिंग पाउडर और नमक से ड्रम में शव गला रही थी पत्नी Jharkhand News: एयर एंबुलेंस क्रैश में जान गंवाने वाला मरीज संजय कौन था? जानें पूरी कहानी Weather Update: दिल्ली-NCR में बढ़ा तापमान, यूपी-बिहार समेत 10 राज्यों में गर्मी का अलर्ट Ramadan 2026- साल में दो बार आएगा रमजान का महीना? जानिए कब बनेगा ऐसा दुर्लभ संयोग और क्या है इसके पी... Paneer Shimla Mirch Recipe: शेफ कुनाल कपूर स्टाइल में बनाएं पनीर-शिमला मिर्च की सब्जी, उंगलियां चाटत... Kashmir Encounter News: घाटी में आतंक का अंत! 'ऑपरेशन त्रासी' के तहत सैफुल्ला सहित 7 दहशतगर्द मारे ग...
उत्तरप्रदेश

ज्ञानवापी केस में जिला अदालत का अहम फैसला! वजूखाने का कपड़ा नहीं बदला जाएगा, हिंदू पक्ष की याचिका खारिज, फैसले के पीछे क्या है अदालत का तर्क?

वाराणसी जिला जज संजीव शुक्ला की अदालत ने प्लेसेस ऑफ वरशिप एक्ट का हवाला देते हुए सील वजूखाने के सील्ड ताले का कपड़ा बदलने की हिंदू पक्ष की याचिका खारिज कर दी है. कोर्ट ने कहा कि वरशिप एक्ट का मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है. सर्वोच्च अदालत की तरफ से अधीनस्थ न्यायालयों को ये निर्देश है कि इस मामले में न तो कोई नई याचिका स्वीकार की जाएगी और न ही किसी तरह का कोई फ़ैसला दिया जाएगा. कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन को ध्यान में रखते हुए हिंदू पक्ष की याचिका खारिज कर दी.

जिला जज की अदालत ने हिन्दू पक्ष से कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट ने सील्ड एरिया को सुरक्षित और संरक्षित रखने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन को दी है तो इस मामले में उनको जिला प्रशासन के पास जाना चाहिए.

फैसले से हिन्दू पक्ष को लगा झटका

हिन्दू पक्ष के वकील सुभाष नंदन चतुर्वेदी ने कहा कि कोर्ट के फैसले से हमें निराशा मिली है लेकिन हम इस मामले को लेकर अब प्रशासन के पास जाएंगे. जिला जज की अदालत ने जब प्रशासन को सील्ड एरिया के संरक्षण और सुरक्षित रखने के लिए जिम्मेदार माना है तो हम उन्हीं के पास जाएंगे. हिन्दू पक्ष से जुड़े याचिका कर्ताओं ने कहा कि इस मामले में जिला प्रशासन से भी हमें राहत नही मिलती तो हम इस मामले में हाईकोर्ट जाएंगे.

मुस्लिम पक्ष इस फैसले से गदगद

मुस्लिम पक्ष के वकील अकलाख अहमद ने टीवी 9 भारतवर्ष से कहा कि उन्हें खुशी है कि कोर्ट ने उनकी आपत्ति एडमिट की है. वह ये शुरू से कह रहे हैं कि इस मामले में जिसको भी राहत चहिए उनको सुप्रीम कोर्ट जाना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर रोक लगा रखी है तो जिला अदालत में राहत के लिए याचिका डालने का कोई औचित्य नही है. मुस्लिम पक्ष के वकील अकलाख अहमद ने कहा कि हमने जिला जज महोदय को अपनी आशंका से भी रूबरू करा दिया था कि यदि एक बार जिला जज की अदालत से किसी भी तरह का फ़ैसला आता है तो फिर याचिकाओं की बाढ़ आ जाएगी. हमें खुशी है कि कोर्ट ने हमारी बात को एडमिट किया है.

Related Articles

Back to top button