गोरखपुर में हानिकारक केमिकल रंग वाले चने पर कार्रवाई, अलर्ट के बाद धमतरी में भी हुई जांच, सैंपल भेजे गए

धमतरी: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में भारी मात्रा में भुने हुए चने जब्त किए गए हैं. रासायनिक दवाओं के इस्तेमाल वाली जहरीली खाद्य सामग्री पर कार्रवाई के बाद देशभर में इसका असर देखा जा रहा है. धमतरी जिले में भी निगरानी और जांच बढ़ा दी गई है. कई गोदाम और बड़े दुकानों पर खाद्य विभाग की टीम पहुंची.
गोरखपुर में हुई कार्रवाई को जानिए: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में खाद्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 750 बोरी सिंथेटिक केमिकल युक्त भुना चना जब्त किया है. सिंथेटिक केमिकल युक्त भुना चनों को पीला दिखाने के लिए ‘सिंथेटिक येलो डाई’ का इस्तेमाल किया गया था. एक्सपर्ट के मुताबिक, ये डाई खाने के लिए नहीं बल्कि कपड़े रंगने के काम आती है. ये केमिकल कैंसर का खतरा बढ़ाता है, लिवर और किडनी को नुकसान पहुंचाता है, बच्चों और प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए बेहद खतरनाक है.
धमतरी में भी अलर्ट: इस कार्रवाई के बाद भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने फूटे चने में इंडस्ट्रियल कलर औरामाइन ‘O’ के उपयोग के संबंध में अलर्ट जारी किया गया है. इसी के तहत अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में रोस्टेड, फूटे चने की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं. इसी कड़ी में आयुक्त खाद्य सुरक्षा छत्तीसगढ़ दीपक कुमार अग्रवाल और धमतरी कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देश पर जिले में भी फूटे चने के कारोबार की जांच की गई.
लैब भेजे गए सैंपल: धमतरी खाद्य सुरक्षा अधिकारी फनेश्वर पिथौरा ने बताया कि फूटे चने के बड़े व्यापारियों के प्रतिष्ठानों पर दबिश दी गई. संदेह के आधार पर श्री गुरुनानक एजेंसी से फूटे चने का स्टॉक जब्त किया गया है. औरामाइन ‘O’ की विशेष जांच के लिए राज्य के बाहर स्थित विशेषज्ञ प्रयोगशाला भेजा गया है.
गुरुनानक एजेंसी की ओर से फूटे चने का स्टॉक कहां से मंगाया गया और किन-किन जगहों पर बेचा गया इसकी जांच-पड़ताल जारी है.- फनेश्वर पिथौरा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी
धमतरी में कोई मैन्यूफैक्चरर नहीं: अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान जांच में धमतरी जिले में फूटे चने के विनिर्माता (Manufacturer) नहीं पाए गए हैं. हालांकि जिले में छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों से फूटे चने का आयात हो रहा है. बड़े व्यापारियों के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर फूटे चने बनाने और बेचने वाले निगरानी में हैं.
खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के प्रति सतर्क रहें, किसी भी संदिग्ध खाद्य पदार्थ की सूचना विभाग को तत्काल दें.





