छत्तीसगढ़ भाजपा नेताओं का वायरल वीडियो, विधायक ने थाने में दर्ज कराई शिकायत

रायपुर: रायपुर उत्तर के विधायक पुरंदर मिश्रा ने सोशल मीडिया पर फर्जी वायरल वीडियो को लेकर शुक्रवार को सिविल लाइन थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है. इस वीडियो में भाजपा के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और अन्य वरिष्ठ नेताओं पर कथित रूप से 1500 करोड़ रुपये की वसूली का झूठा आरोप लगाया गया है. विधायक ने इसे सुनियोजित राजनीतिक साजिश बताते हुए इसे गलत और दुर्भावनापूर्ण करार दिया है. उन्होंने भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत पुलिस से तुरंत एफआईआर दर्ज करने की मांग की है.
भाजपा नेताओं का वायरल वीडियो
सिविल लाइन पुलिस को दिये अपनी शिकायत में रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्मों पर जानबूझकर एक वीडियो वायरल किया जा रहा है. उस वायरल वीडियो का वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है. वीडियो में आपत्तिजनक भाषा और झूठे आरोपों के जरिए भाजपा नेताओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने की कोशिश की गई है. इस फर्जी वीडियो में न केवल नेताओं की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया बल्कि जनता को भी गुमराह करने का प्रयास किया गया है. विधायक ने बताया कि यह वीडियो केवल व्यक्तिगत मानहानि का मामला नहीं है. बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनता के विश्वास पर सीधा हमला है. उन्होंने इसे सियासी साजिश करार देते हुए कहा कि इस तरह के दुष्प्रचार से राजनीतिक माहौल भी प्रभावित हो सकता है.
भाजपा नेतृत्व को बनाया गया निशाना
वीडियो में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को खासतौर पर निशाना बनाया गया है. जिसमें भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओपी चौधरी के साथ ही क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जाम्वाल, प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय है. यह केवल मानहानि का मामला नहीं, बल्कि राजनीतिक एवं लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमला बताया.
रायपुर SSP से तुरंत जांच की मांग
साइबर पुलिस को इस साजिश पर सख्त कार्रवाई की मांग उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा ने रायपुर SSP लाल उमेद सिंह से की है. उन्होंने कहा कि मामले की जांच तुरंत साइबर सेल को सौंपी जाए. सोशल मीडिया आईडी धारक की पहचान कर गैर-जमानती धाराओं में सख्त कार्रवाई की जाए. पुलिस को दी गई शिकायत में वीडियो के स्क्रीनशॉट, लिंक और दुष्प्रचार में शामिल अकाउंट्स की सूची भी पुलिस को सौंप दी गई है. पुरंदर मिश्रा ने कहा कि सोशल मीडिया पर इस तरह के फर्जी और भ्रामक सामग्री को फैलाना अपराध है. ऐसे मामलों में सख्त और तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए.





