March 3, 2026 12:28 am
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प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने डब्बा ट्रेडिंग और अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी के एक बड़े नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है. ED ने सोमवार (22 दिसंबर 2025) को इंदौर की विशेष PMLA अदालत में प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट (चार्जशीट) दाखिल की है. ED की यह कार्रवाई एक ऐसे सिंडिकेट के खिलाफ की गई है, जो इंदौर, मुंबई, अहमदाबाद, चेन्नई और दुबई से मिलकर अवैध कारोबार चला रहा था.

जानकारी के मुताबिक ED ने इस मामले में जांच इंदौर पुलिस द्वारा दर्ज FIR के आधार पर शुरू की थी. यह FIR भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धाराओं के तहत दर्ज की गई थी, जो पुराने IPC की धोखाधड़ी से जुड़ी धाराओं के समान हैं. जांच में यह भी सामने आया कि मुंबई के एन.एम. जोशी मार्ग थाने में साल 2021 में दर्ज एक अन्य FIR से भी इस गिरोह का सीधा संबंध है, जिसमें अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और धोखाधड़ी के मामलों में पुलिस चार्जशीट दाखिल कर चुकी है.

गिरोह का मुख्य संचालक विशाल अग्निहोत्री

ED की जांच में खुलासा हुआ कि यह पूरा नेटवर्क तकनीकी रूप से हेरफेर किए गए ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म, अवैध सट्टेबाजी वेबसाइटों और विदेशों के जरिए पैसे को ठिकाने लगाने (मनी लॉन्ड्रिंग) के सिस्टम पर आधारित था. इस गिरोह का मुख्य संचालक विशाल उर्फ गोलू अग्निहोत्री बताया जा रहा है. उसके साथ तरुण श्रीवास्तव रोजमर्रा के वित्तीय लेन-देन और म्यूल अकाउंट्स (दूसरों के नाम पर खाते) संभालता था, जबकि श्रीनिवासन रामासामी फर्जी ट्रेडिंग नतीजे दिखाने वाले MT5 सर्वर को सेट करता था.

सट्टेबाजी नेटवर्क भी चलाया जा रहा था

इसके साथ ही एक समानांतर सट्टेबाजी नेटवर्क भी चलाया जा रहा था. इसमें धवल देवराज जैन अवैध सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म LotusBook247 चला रहा था, धर्मेश रजनीकांत त्रिवेदी दुबई से जुड़ी ऑफशोर कंपनी iBull Capital संभालता था और निधि चंदनानी दुबई स्थित ढांचों के जरिए पैसे को घुमाने और छिपाने का काम कर रही थी.

निवेशकों को फर्जी ट्रेड दिखाए जाते थे

ED की जांच में यह भी पता चला कि निवेशकों को V Money और 8Stock Height जैसे प्लेटफॉर्म पर फर्जी ट्रेड दिखाए जाते थे, जिनका किसी मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज से कोई लेना-देना नहीं था. वहीं LotusBook247 और 11Starss जैसी सट्टेबाजी साइटें गुप्त रूप से फर्जी अकाउंट, एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप और नकद लेन-देन के जरिए चलाई जा रही थीं.

अब तक 404.46 करोड़ रुपए की अवैध कमाई

ED ने इस पूरे मामले में अब तक 404.46 करोड़ रुपए की अवैध कमाई (Proceeds of Crime) की पहचान की है. इसके अलावा 2025 के PAO नंबर 24 के तहत 34.26 करोड़ रुपए की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की गई हैं. इनमें 28.60 करोड़ की अचल संपत्तियां, 3.83 करोड़ की चल संपत्तियां और बैंक एवं डीमैट खातों में जमा 1.83 करोड़ रुपए शामिल हैं.

5.21 करोड़ कैश, गहने, लग्जरी घड़ियां

छापेमारी के दौरान ED ने 5.21 करोड़ रुपए से अधिक नकद, 59.9 किलो चांदी की सिल्लियां और 100 ग्राम सोने की ईंट भी जब्त की है. इसके अलावा करीब 1.94 करोड़ रुपए के गहने, 4.77 करोड़ रुपए की लग्जरी घड़ियां और 0.41 करोड़ रुपए से अधिक की क्रिप्टोकरेंसी भी फ्रीज की गई है. ED के मुताबिक, ये सभी संपत्तियां अवैध कारोबार से कमाए गए पैसों का हिस्सा हैं.

ED की जनता के लिए चेतावनी

ED ने आम लोगों को सतर्क करते हुए कहा है कि निवेश या ट्रेडिंग करने से पहले यह जरूर जांच लें कि प्लेटफॉर्म SEBI से पंजीकृत है या नहीं. निजी और अनियंत्रित MT5 सर्वर पर चलने वाले प्लेटफॉर्म अक्सर धोखाधड़ी के लिए बनाए जाते हैं. इसके अलावा अवैध सट्टेबाजी वेबसाइटों से दूरी बनाए रखें, क्योंकि इनमें कानूनी कार्रवाई, डेटा चोरी और आर्थिक नुकसान का खतरा रहता है.किसी को भी अपना बैंक खाता इस्तेमाल के लिए देना भारी पड़ सकता है, क्योंकि ऐसे खाते मनी लॉन्ड्रिंग में इस्तेमाल होते हैं और खाता धारक भी कानून के तहत दोषी माना जाता है.

ED ने कहा है कि अगर कोई प्लेटफॉर्म असामान्य मुनाफे का लालच दे, सिर्फ गुप्त मैसेजिंग ऐप के जरिए काम करे या संदिग्ध तरीकों से पैसे जमा कराने को कहे, तो उसकी जानकारी तुरंत नजदीकी पुलिस या साइबर क्राइम सेल को दें.

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