April 4, 2026 12:27 am
ब्रेकिंग
एसएसपी शशि मोहन सिंह द्वारा लिखित, निर्देशित और अभिनीत बहुप्रतीक्षित शॉर्ट फिल्म "ख़ौफ़ - द डिजिटल व... पुडुचेरी में पीएम मोदी का 'शक्ति प्रदर्शन'! फूलों की बारिश और 'भारत माता की जय' के नारों से गूंजा शह... नारी शक्ति वंदन बिल में इतनी 'जल्दबाजी' क्यों? चुनावी मास्टरस्ट्रोक या कोई बड़ा बदलाव; पर्दे के पीछे... क्या BJP में शामिल होने वाले हैं राघव चड्ढा? आतिशी की 'रहस्यमयी मुस्कान' ने बढ़ा दी सियासी हलचल! छोटी बहन का खौफनाक 'डेथ प्लान'! प्रेमी के साथ मिलकर बड़ी बहन के आशिक को उतारा मौत के घाट; चाकू से गो... Meerut Crime: फौजी पति की हत्या के पीछे निकली अपनी ही पत्नी, प्रेमी के साथ मिलकर रचा था मौत का तांडव Noida Weather Update: नोएडा में बदला मौसम का मिजाज, आंधी-बारिश ने दी दस्तक; किसानों के चेहरे पर छाई ... AAP में खलबली! राघव चड्ढा के समर्थन में उतरे भगवंत मान; बोले— "जेल और जांच से नहीं डरते केजरीवाल के ... नोएडा की सड़कों पर 'मौत' का पहरा! आवारा कुत्तों ने पूर्व अधिकारी को बुरी तरह नोंचा; लहूलुहान हालत मे... बंगाल चुनाव में 'सुरक्षा' पर संग्राम! TMC से जुड़े लोगों के साथ 2100 पुलिसकर्मी तैनात; चुनाव आयोग ने...
झारखण्ड

कैबिनेट ने पेसा नियमावली को दी मंजूरी, जनजातीय स्वशासन की दिशा में ऐतिहासिक कदम:- राजेश ठाकुर

रांची: झारखंड सरकार ने पेसा (PESA) कानून की नियमावली को मंजूरी देकर राज्य के जनजातीय स्वशासन को नई दिशा दी है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया, जिसके बाद ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह से मुलाकात कर उन्हें सराहना और बधाई दी गई.

29 वर्षों के बाद पूरा हुआ सपना

पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि 29 वर्षों के बाद पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और दिशोम गुरु शिबू सोरेन का सपना साकार हुआ है. उन्होंने कहा कि व्यापक जन-विमर्श और निरंतर अध्ययन के बाद लिया गया यह निर्णय सुनिश्चित करेगा कि पेसा कानून अब कागजों में नहीं, बल्कि ग्राम सभाओं में जीवंत रूप में लागू हो.

राजेश ठाकुर ने कहा कि यह फैसला अनुसूचित क्षेत्रों में स्थानीय स्वशासन को मजबूती देने और आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों को धरातल पर उतारने का ठोस कदम है. झारखंड के 25वें स्थापना वर्ष में यह निर्णय राज्य की लोकतांत्रिक यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है.

पेसा बांटने का नहीं बल्कि मजबूत करने का है: राजेश ठाकुर

उन्होंने स्वर्गीय बंदी उरांव को विशेष रूप से याद करते हुए कहा कि पेसा कानून की नींव मजबूत करने में उनका योगदान अविस्मरणीय है. पूर्व IPS अधिकारी और सिसई से कई बार विधायक रहे बंदी उरांव ने अपनी दूरदर्शिता और समर्पण से इस कानून को आकार देने में अहम भूमिका निभाई थी.

राजेश ठाकुर ने स्पष्ट किया कि पेसा बांटने का नहीं, बल्कि ग्राम सभा को मजबूत कर सहभागी लोकतंत्र स्थापित करने का कानून है. उन्होंने कहा कि ग्राम सभा के सामूहिक निर्णयों का सम्मान हर सरकार को करना होगा. इस अवसर पर झारखंड राज्य आवास बोर्ड के अध्यक्ष संजय लाल पासवान और वरिष्ठ कांग्रेस नेता शशि भूषण राय ने भी बधाई देते हुए कहा कि आज झारखंड के इतिहास का बेहद महत्वपूर्ण दिन है. उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, मंत्री दीपिका पांडे सिंह और कैबिनेट के सभी सदस्यों को इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए धन्यवाद दिया.

Related Articles

Back to top button