रतलाम में एम्बुलेंस की टक्कर से मौत के बाद बांसवाड़ा मार्ग किया जाम, बच्चे नहीं जा सके स्कूल

रतलाम: सड़क हादसे में घायल 40 वर्षीय व्यक्ति की मौत के बाद हंगामा खड़ा हो गया. मृतक के गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने रतलाम- बांसवाड़ा स्टेट हाईवे पर शव रखकर चक्का जाम कर दिया. यह जाम करीब 3 घंटे तक चला. इस दौरान मेडिकल कॉलेज में आने- जाने वाले मरीज और एक दर्जन स्कूलों के बच्चे परेशान होते रहे. कई बच्चे तो स्कूल ही नहीं पहुंच पाए. ग्रामीणों की मांग है कि घटना में शामिल वाहन चालक पर कार्रवाई हो और मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा मिले.
घायल व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत
5 दिन पूर्व नंदलई गांव के कन्हैयालाल डोडियार को एक एम्बुलेंस ने टक्कर मार दी थी. जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया था. जिसे उपचार के लिए बड़ौदा ले गए थे, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई. जिसके बाद गुरुवार को उसका शव गांव पहुंचा, तो लोगों ने लाश सड़क पर रखकर सड़क जाम कर दिया. कन्हैया लाल के चचेरे भाई मांगीलाल ने बताया कि “पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है, लेकिन अब तक आरोपी एंबुलेंस चालक को ढूंढा नहीं है. जिससे नाराज होकर उन्होंने यह कदम उठाया है.”
चक्का जाम के कारण स्कूल नहीं जा पाए बच्चे
आक्रोशित लोगों ने मेडिकल कॉलेज के पास रतलाम सैलाना स्टेट हाईवे जाम कर दिया. इस जाम से बसों और दूसरे वाहनों की लंबी-लंबी कतार लग गई. सबसे ज्यादा परेशान स्कूली बच्चे हुए, क्योंकि इस रोड पर 3 से 4 बड़े स्कूल सहित एक दर्जन छोटे निजी और शासकीय स्कूल हैं. कुछ बच्चे तो स्कूल जा ही नहीं सके और कुछ बच्चों को दूसरी बसों में शिफ्ट कर स्कूल पहुंचाया गया. करीब 3 घंटे तक चक्का जाम चलता रहा.
कार्रवाई और मुआवजा के आश्वासन पर हटा जाम
हंगामे की सूचना पर रतलाम तहसीलदार और टीआई मौके पर पहुंचे. उन्होंने ग्रामीणों को समझाइश दी. इसके बाद आरोपी एंबुलेंस चालक पर कार्रवाई और मृतक परिवार को उचित मुआवजा दिए जाने के आश्वासन के बाद लोग जाम हटाने को राजी हुए. मौके पर पहुंचे तहसीलदार ऋषभ ठाकुर ने बताया कि “यह रतलाम शहर को जोड़ने वाली मुख्य सड़क है और इस तरह से सड़क जाम करने से स्कूली बच्चों और मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीज को भी परेशानी का सामना करना पड़ा है. किसी समस्या का समाधान करवाने के लिए सड़क जाम कर देना गैरकानूनी है.”





