February 23, 2026 4:27 am
ब्रेकिंग
Calcutta High Court Decision: कलकत्ता हाई कोर्ट का सख्त आदेश: बीमारी के अलावा नहीं मिलेगी छुट्टी, जज... Trump Resort Intrusion: डोनाल्ड ट्रंप के रिसॉर्ट में घुसपैठ की कोशिश, सीक्रेट सर्विस ने 20 साल के सं... Business News: होली फेस्टिवल पर इकोनॉमी में उछाल: 80,000 करोड़ रुपये के कारोबार से झूम उठेंगे कारोबा... पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा की उद्योगपति सज्जन जिंदल से मुलाकात; राजपुरा में इस्पात क्षेत्र ... Digital Arrest Awareness: PM मोदी का देश को संदेश, डिजिटल अरेस्ट के फ्रॉड से कैसे बचें? जानें बैंक अ... Security Alert: 8 संदिग्धों की गिरफ्तारी से बड़ा खुलासा, पाकिस्तान-बांग्लादेश से जुड़े तार, कई शहरों... मेरठ वालों की बल्ले-बल्ले! पीएम मोदी ने शुरू की मेरठ मेट्रो, अब दिल्ली पहुंचने में लगेगा एक घंटे से ... Maharashtra Politics: राज्यसभा चुनाव से पहले आदित्य ठाकरे ने क्यों छेड़ा NCP विलय का मुद्दा? MVA के ... Crime News: गले पर चाकू और बेटी पर छोड़ा कुत्ता, मां को बचाने थाने पहुंची मासूम बच्ची; पुलिस ने ऐसे ... बड़ी खबर: अदालत के आदेश के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ कड़ा एक्शन, पुलिस ने शुरू की घटनास्...
झारखण्ड

देश के लिए नजीर बनी पांडू पंचायत! महिला उत्थान में गाड़े झंडे, अब 26 जनवरी को राष्ट्रीय मंच पर सम्मानित होंगे मुखिया

पलामूः आज महिलाएं किसी क्षेत्र में कम नहीं हैं अगर जिम्मेदारी मिलती है तो उसे बखूबी निभाने में महिला कभी पीछे नहीं हटती हैं चाहे बात घर संभालने की हो या फिर पंचायत संभालने की. अपनी कार्यकुशलता से कुछ ऐसा ही कर दिखाया है पलामू जिला के पांडू पंचायत की मुखिया प्रियंका देवी ने. महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गये कार्यों की सराहना पूरे भारत में हो रही है.

झारखंड के पलामू जिला के पांडू पंचायत महिला सशक्तिकरण का पूरे देश भर में उदाहरण बना है. पांडू पंचायत का झारखंड के महिला महिला सशक्त पंचायत के रूप में चयन किया गया. इस पंचायत में शत-प्रतिशत लड़कियों के लिए शिक्षा, महिला मनरेगा मजदूर और ओडीएफ के लिए रोल मॉडल बना है. पंचायत में महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा नहीं होती है. जबकि बाल विवाह के खिलाफ पंचायत रोल मॉडल बना है. मुखिया प्रियंका देवी के नेतृत्व में पांडू पंचायत महिलाओं के लिए सशक्त बना. प्रियंका देवी 2015 में पहली बार पांडू पंचायत की मुखिया बनीं.

इस कार्य के लिए मुखिया प्रियंका देवी को सम्मान मिला और उनके कार्यों की सराहना हुई. मुखिया को पंचायती राज मंत्रालय की तरफ से एक पत्र मिला है जिसमें उन्हें दिल्ली में आयोजित होने वाले गणतंत्र दिवस मुख्य समारोह में आमंत्रित किया गया है. झारखंड से पांच मुखिया को आमंत्रित किया गया है सभी मुखिया अलग-अलग उपलब्धियां को लेकर गणतंत्र दिवस मुख्य समारोह में भाग लेंगे. प्रियंका देवी को सशक्त महिला पंचायत के उपलब्धियां के लिए गणतंत्र दिवस समारोह में आमंत्रित किया गया है. ईटीवी भारत में मुखिया प्रियंका देवी के साथ खास बातचीत की, जिसमें उन्होंने पंचायत में किए गये कार्यों को लेकर अपने अनुभव साझा किये.

पंचायत के विकास के लिए महिलाएं लेती हैं निर्णय, शत-प्रतिशत है लड़कियों का साक्षरता दर

पांडू पंचायत की मुखिया प्रियंका देवी ने ईटीवी भारत के साथ बातचीत के दौरान बताया कि उनके पंचायत का चयन महिला सशक्तिकरण के लिए किया गया. उन्हें और उनके पंचायत के लिए यह उपलब्धि है कि गणतंत्र दिवस समारोह में पांडू पंचायत की चर्चा देश भर में होगी. मुखिया बताती हैं कि उनके पंचायत का अहम निर्णय महिलाएं आपस में बैठक करके लेती हैं, गांव में विकास का रोड मैप तैयार करती हैं. उन्होंने बताया कि पांडू पंचायत में बाल विवाह नहीं होता है जबकि घरेलू हिंसा के घटना भी नहीं होती है. 2017 में पांडू पंचायत पलामू का पहला ऐसा पंचायत बना था जो ओडीएफ घोषित हुआ. पंचायत की सभी लड़कियां स्कूल एवं कॉलेज जाती हैं और उनका ड्रॉप आउट नहीं है. पंचायत में बड़ी संख्या में महिला किसान भी मौजूद हैं.

स्वयं सहायता समूह पांडू पंचायत की बदली तस्वीर

पांडू पंचायत में 68 महिला स्वयं सहायता समूह हैं. स्वयं सहायता समूह के माध्यम से महिलाओं को जागरूक गया है एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी भी थी गई. मुखिया प्रियंका देवी एवं स्वयं सहायता समूह के महिलाओं ने मिलकर स्थानीय किसानों को खेती से संबंधित ट्रेनिंग दिलवाया है और खेती के तरीके को भी बताया है. वह पंचायत को एक मॉडल पंचायत के साथ-साथ विकसित पंचायत बनाने के लिए लोगों का सहयोग लेकर कार्य कर रही हैं.

मुखिया बताती हैं कि उनके पंचायत में महिला मनरेगा मजदूर है, जो महिला सशक्तिकरण का एक बड़ा उदाहरण है. उनके पंचायत में बदलाव हुआ है लेकिन अभी और काम करने की जरूरत है. मुखिया के पति अविनाश कुमार सिंह उर्फ सिंटू सिंह बताते है कि पंचायत के लिए बड़ी उपलब्धि है. सबसे बड़ी बात पंचायत को एक सशक्त महिला नेतृत्व मिला है, आमतौर पर मुखिया के चुनाव जीतने के बाद लोग में धारणा होती है कि महिला कमजोर होंगी लेकिन पांडू की मुखिया महिला सशक्तिकरण का उदाहरण है.

नक्सल हिंसा के लिए चर्चित रहा है पांडू पंचायत

पांडू पंचायत में ही प्रखंड मुख्यालय एवं थाना मौजूद है. पांडू पंचायत में करीब 5600 वोटर हैं और 200 के मनरेगा मजदूर हैं जिनमें महिलाएं सबसे अधिक हैं. पांडू का इलाका कभी नक्सली हिंसा के लिए देश में चर्चित रहा है. 2014 तक इस इलाके में लोकसभा एवं विधानसभा का चुनाव का प्रचार करना राजनीतिक दलों के लिए एक चुनौती थी. पांडू पंचायत पलामू के मेदिनीनगर मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर की दूरी पर है. यह जंगल पहाड़ों से गिरा हुआ है और एक बड़ी आबादी खेती एवं किसानी पर निर्भर है.

Related Articles

Back to top button