February 23, 2026 12:04 pm
ब्रेकिंग
Calcutta High Court Decision: कलकत्ता हाई कोर्ट का सख्त आदेश: बीमारी के अलावा नहीं मिलेगी छुट्टी, जज... Trump Resort Intrusion: डोनाल्ड ट्रंप के रिसॉर्ट में घुसपैठ की कोशिश, सीक्रेट सर्विस ने 20 साल के सं... Business News: होली फेस्टिवल पर इकोनॉमी में उछाल: 80,000 करोड़ रुपये के कारोबार से झूम उठेंगे कारोबा... पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा की उद्योगपति सज्जन जिंदल से मुलाकात; राजपुरा में इस्पात क्षेत्र ... Digital Arrest Awareness: PM मोदी का देश को संदेश, डिजिटल अरेस्ट के फ्रॉड से कैसे बचें? जानें बैंक अ... Security Alert: 8 संदिग्धों की गिरफ्तारी से बड़ा खुलासा, पाकिस्तान-बांग्लादेश से जुड़े तार, कई शहरों... मेरठ वालों की बल्ले-बल्ले! पीएम मोदी ने शुरू की मेरठ मेट्रो, अब दिल्ली पहुंचने में लगेगा एक घंटे से ... Maharashtra Politics: राज्यसभा चुनाव से पहले आदित्य ठाकरे ने क्यों छेड़ा NCP विलय का मुद्दा? MVA के ... Crime News: गले पर चाकू और बेटी पर छोड़ा कुत्ता, मां को बचाने थाने पहुंची मासूम बच्ची; पुलिस ने ऐसे ... बड़ी खबर: अदालत के आदेश के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ कड़ा एक्शन, पुलिस ने शुरू की घटनास्...
देश

कलकत्ता HC का ममता सरकार को कड़ा आदेश: ‘बॉर्डर फेंसिंग के लिए BSF को तुरंत दें जमीन’, राष्ट्रीय सुरक्षा पर बड़ा फैसला

बांग्लादेश सीमा पर बढ़ती घुसपैठ की घटनाओं और विवादों से बचने के लिए लंबे समय से सीमा को सुरक्षित बनाने और फेंसिंग करने की मांग पर अब हाई कोर्ट सख्त हो गया है. कलकत्ता हाईकोर्ट ने बंगाल सरकार को आदेश दिया है कि बॉर्डर पर फेंसिंग के लिए केंद्र से मिले फंड से खरीदी गई सारी ज़मीन 31 मार्च, 2026 तक बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) को सौंप दी जाए.

यह निर्देश चीफ जस्टिस सुजॉय पॉल और जस्टिस पार्थ सारथी सेन की डिवीजन बेंच दिया है. यह मुद्दा BJP लंबे समय से उठा रही है, जिसने पश्चिम बंगाल सरकार पर बॉर्डर इलाकों में ज़मीन देने में देरी करने और इस तरह फेंसिंग के काम में रुकावट डालने का आरोप लगाया है. बॉर्डर की ज़मीन से जुड़ी एक पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (PIL) फाइल होने के बाद यह मामला ज्यूडिशियल जांच के दायरे में आया था.

राष्ट्र सुरक्षा के लिए हर सेकंड कीमती है

कोर्ट ने यह साफ कर दिया कि चुनावी प्रक्रियाओं या प्रशासनिक देरी को BSF को ज़िम्मेदारी सौंपने में देरी की वजह के तौर पर नहीं इस्तेमाल किया जा सकता है. सीमा को राजनीति, चुनाव या अहंकार से कोई फर्क नहीं पड़ता. उसे सिर्फ राष्ट्रीय सुरक्षा की परवाह है. देरी हर सेकंड को कमज़ोरी में बदल रही है. हर सेकंड कीमती है.

PIL में उठाई गई थी सीमा सुरक्षा पर चिंता

PIL में पश्चिम बंगाल से लगी बिना बाड़ वाली भारत-बांग्लादेश सीमा (IBB) पर गंभीर चिंताओं को उठाया गया है, जो अंतरराष्ट्रीय सीमा का सबसे लंबा हिस्सा है- 2,216.70 किमी और राज्य के नौ जिलों में फैला हुआ है. याचिका में नशीले पदार्थों की तस्करी, सीमा पार घुसपैठ और दूसरी गैर-कानूनी गतिविधियों से जुड़े अपराधों में तेज़ी से बढ़ोतरी की ओर इशारा किया गया है.

राज्यसभा में पूछे गए सवालों से मिले डेटा को कोर्ट के सामने रखा गया है. इसमें पिछले कुछ सालों में सीमा पार घुसपैठ के लिए पकड़े गए लोगों की संख्या दिखाई गई है, जिसमें हाल के सालों में, खासकर 2023, 2024 और जुलाई 2025 तक, काफी बढ़ोतरी देखी गई है. जिसके बाद कोर्ट ने यह आदेश दिया है.

Related Articles

Back to top button